छत्तीसगढ के रायपुर और भिलाई एडिशन की सफल लांचिंग के बाद पत्रिका ने शनिवार को बिलासपुर एडिशन की भी लांचिंग कर दी। पत्रिका के नेशनल सेल्स हेड बीआर सिंह एवं यूनिट हेड विनोद जैन के निर्देशन में पत्रिका की लांचिंग की गई। छत्तीसगढ सेल्स जीएम सुरेन्द्र मिश्रा के नेतृत्व में पत्रिका ने भास्कर से 5000 प्रतियॉ अधिक बेचकर कर बिलासपुर में रिकार्ड सर्कुलेशन खड़ा किया है।
पत्रिका लांच होते ही भास्कर की मुश्किलें बढ़ गई हैं और वह पत्रिका की बढ़त रोकने के लिए साम, दाम, दंड और भेद सभी प्रकार के हथकण्डे अपना रहा है। लांचिंग के मौके पर भोपाल एवं इन्दौर के सेल्स एजीएम वीपीएस भदौरिया तथा विजय सुपैया को चुनिंदा टीम के साथ विशेष रूप से बुलाया गया था। पत्रिका ने उद्घाटन में किसी राजनेता एव उद्योगपति को न बुलाते हुए वरिष्ठ वितरकों एवं पत्रिका एजेन्टों से मशीन का उद्घाटन करवाया। पहले दिन से ही पत्रिका पाठकों की पहली पसंद बन गया है एवं सभी जगहों से इसका पॉजीटिव फीडबैक आ रहा है। इसी के साथ पत्रिका के कुल संस्करणों की संख्या 29 हो गई है।
गौरतलब है कि पत्रिका ने अपने संस्करणों को बढ़ाने का अभियान आज से तीन साल पहले मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से प्रारम्भ किया था, जिसकी सफलता को देखते हुए मात्र तीन वर्षो में ही सम्पूर्ण मध्यप्रदेश के साथ अब पूरा छत्तीसगढ भी पत्रिका की लांचिंग का साक्षी है। इन दोनों प्रदेशों में तीन वर्षो में पत्रिका ने 7 संस्करण लांच कर रिकार्ड कायम किया है।












Tushar
June 26, 2011 at 7:29 pm
पत्रिका (बिलासपुर) के आज 26 जून के अंक में आमने-सामने कईं समाचार रिपीट छपे है, आपाधापी पर्याप्त दिखती है.
nikhlesh shukla bhilai
June 27, 2011 at 4:14 am
patrika bilaspur me no 1 bane shubhkamnao ke sath ……….. shukla news agency bhilai
anurag mishra
June 30, 2011 at 5:23 am
congratulations
anurag mishra
allahabad
Aftab Masood
June 29, 2011 at 2:44 pm
congratulations,
🙂
nk jain
November 28, 2011 at 6:42 am
dhokha aor viswashaghat patrika ki purani aadat hai, akhabar ko uske hi karmchari duba rahe hai. raipur me patrika ke prasar ki halat kisi se chhipi nahi rhi. bhopal, indor & jablpur ki halat sabhi jante hai eaise me bhaskar de 5000 copy jyada bache jane ka dava saise kaiya ja raha hai , ye koi bhi samajh sakata hai, patria ke adhikari hi dhokhabaj rai,,,,,,,