दैनिक जागरण, गोरखपुर में नोएडा से आए एक मेल ने हड़कम्प मचा दिया है. यह मेल संपादकीय विभाग के एचआर हेड डा. उपेंद्र पाण्डेय ने यूनिट हेड शैलेंद्रमणि त्रिपाठी को भेजा है. जिसमें लिखा गया है कि अगर संजय मिश्र, विजय उपाध्याय और अशोक चौधरी जल्द तबादले वाले शहरों में नहीं जाते हैं तो उनका निष्कासन कर दिया जाए. इसके बाद से ही तीनों पत्रकारों के साथ यूनिट हेड भी परेशान हैं.
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों गोरखपुर आए स्टेट हेड रामेश्वर पाण्डेय ने संजय मिश्र, विजय उपाध्याय और अशोक चौधरी का तबादला क्रमश: कानपुर, बरेली और इलाहाबाद के लिए कर दिया था. ये लोग यहां काफी समय से जमे हुए थे तथा यूनिट हेड के चहेते भी थे. रामेश्वर चौधरी ने इनका तबादला करते समय यूनिट हेड शैलेंद्रमणि को भी विश्वास में नहीं लिया था. इसलिए तीनों लोग अवकाश लेकर यहीं रुके हुए थे.
बताया जा रहा है कि यूनिट हेड शैलेंद्रमणि त्रिपाठी ने तीनों लोगों को यह आश्वासन दिया था कि वे इन लोगों का तबादला रुकवा देंगे. इसके बाद से ही ये लोग निश्चिंत होकर गोरखपुर में पड़े हुए थे, परन्तु कार्यालय नहीं जा रहे थे. इधर, मालिकों की मीटिंग चल रही है, जिसमें कई यूनिटों से लोगों को इधर-उधर किया गया है. इस बीच जब इन लोगों के ज्वाइन न करने की बात नोएडा को पता चली तो डा. उपेद्र ने ये मेल भेजकर इन्हें अपना फरमान सुना दिया.












c.b.
July 18, 2011 at 9:38 am
बहुत अच्छे। पत्रकारिता के नाम पर कलंक बन चुके ऐसे लोगो के साथ ऐसा ही होना चाहिए। चलो, गोरखपुर मे कुछ तो सफाई हुई, अभी कई यूनिट बाकी हैं। मेरठ मे जमा दिनेश दिनकर तो खुलेआम रिर्पोटरों से वसूली करा रहा है, क्राइम और एजुकेशन, प्रशासन मे जमकर काम कराए जा रहे हैं। 3 दिन पहले एक रिर्पोटर को दिनकर ने अपने सुपुत्र का फ्री मे एडमिशन कराने या दूसरी नौकरी देख लेने की धमकी दी थी. और संजीव जैन तो मेरठ के एक बिल्डर से तरुण गुप्ता के नाम पर 5 हजार वसूल लाया। यूनिट इंचार्ज राजवीर सिंह ने तो गुमशुदा की खबर छापने के दस हजार ले लिए।