वेलकम इलाके में शुक्रवार की दोपहर ईटीवी टीवी के पत्रकार अकरम लतीफ की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस को अब तक हत्यारों का कोई सुराग नहीं मिला है. इस मामले की जांच पुलिस ने स्पेशल सेल को सौंप दी है. स्पेशल सेल अब इस जांच को केवल लूट के चलते हुए हत्या नहीं बल्कि आपसी रंजिश, पत्रकारिता के सिलसिले में रंजिश आदि कई दृष्टिकोणों से जांच कर रही है.
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को बाइक सवार कुछ बदमाशों ने वेलकम थाना क्षेत्र के जाफराबाद के पास ईटीवी उर्दू के पत्रकार अकरम लतीफ की गोली मारकर हत्या कर दी थी. प्रारंभिक तौर पर यह लूट के लिए की गई हत्या माना गया था, परन्तु परिजनों द्वारा रंजिशन हत्या की आशंका जताए जाने के बाद पुलिस अब सभी पहलुओं पर जांच कर रही है. अब इस मामले को उत्तर पूर्वी जिला पुलिस के साथ स्पेशल सेल भी देख रही है.
अकरम लतीफ के भाई ने काम के सिलसिले में धमकी मिलने की बात भी बताई थी. इस को भी ध्यान में रखकर पुलिस जांच कर रही है. अकरम का तबादला कुछ समय पहले ही हैदराबाद से ईटीवी उर्दू के लिए अमरोहा उनके गृह जनपद किया गया था. वो शुक्रवार को अमरोहा से दिल्ली किसी सांसद से मिलने आ रहे थे तभी जफराबाद इलाके में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.












alok
August 8, 2011 at 11:04 am
अकरम लतीफ की हत्या के बाद ईटीवी ने उन्हें अपना पत्रकार तक बताने से इनकार किया। यहां तक कि संवाददाताओं तक से कहा गया कि वे अकरम लतीफ के बारे में बतौर टीवी पत्रकार फोनो दे। न कि ईटीवी से उनका संबंध ज़ाहिर करें। ईटीवी अधिकारियों का ये रवैया कहीं न कहीं संदेह के घेरे में है। साथ ही महरूम लतीफ साहब के भाई और बेवा के बयान को पुष्ट करता है कि हो न हो अकरम लतीफ की हत्या काम को लेकर हुई रंज़िश का परिणाम है।