अखबार के कार्यालयों में पुलिस नहीं घुसती, पर इलाहाबाद में अमर उजाला के कार्यालय में संपादक को अपनी पीड़ा बताने आए एक फूड प्लाजा के मैनेजर को अमर उजाला के लोगों ने पुलिस को बुलाकर गिरफ्तार करवा दिया तब से अखबार की किरकिरी हो रही है. पीडि़त के परिजनों ने अपनी बात अमर उजाला के नोएडा कारपोरेट ऑफिस पहुंचा दिया है, जिसके बाद मामले की जांच-पड़ताल शुरू हो गई है.
जानकारी के मुताबिक इलाहाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर एक फ्रूड प्लाजा है. मैनेजर का नाम हैं सैयद. इस प्लाजा के मालिक इलाहाबाद के एक नेता के रिश्तेदार है. इस प्लाजा पर अमर उजाला के दो रिपोर्टरों का बराबर आना जाना, खाना पीना था. सूत्रों का कहना है कि यहां पीने पिलाने का भी दौर चला करता था. एक दिन इस प्लाजा के मैनेजर सैयद की अखबार में काम करने वाले एक रिपोर्टर के एक परिचित डिप्टी सीएमओ के बेटे के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया. मारपीट भी हुई. इसके बाद डिप्टी सीएमओ के बेटे द्वारा अखबार के रिपोर्टरों का सहयोग लेकर मैनेजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई.
सैयद को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस पर दबाव बनाया जाने लगा. अखबार में प्लाजा के खिलाफ खबरें छपने लगीं. मैनेजर ने इसकी शिकायत अखबार के संपादक के फोन पर की तथा उनसे मिलने के लिए समय मांगा. सूत्रों का कहना है कि सैयद ने आशंका जताई थी कि कहीं मिलने के दौरान उसे गिरफ्तार न करवा दिया जाए. परंतु संपादक ने उसे इस तरह की घटना नहीं होगी कहकर आश्वस्त कर दिया था. पर हुआ इसके ठीक विपरीत. खबर है कि जब प्लाजा का मैनेजर संपादक को अपनी पीड़ा बता रहा था उसी समय किसी ने पुलिस को सूचना दे दी. सूचना के बाद पुलिस अमर उजाला के दफ्तर के पास पहुंच गई. वह जैसे ही अखबार के दफ्तर से बाहर निकला उसे गिरफ्तार कर लिया गया. अब वह जेल में है.
इधर, फ्रूड प्लाजा के मालिक और रिश्तेदारों ने हार नहीं मानी और इस बात की सूचना अखबार के सीनियरों को नोएडा में दे दी. इसकी जानकारी एमडी राजुल माहेश्वरी को भी दी गई है, जिस पर उन्होंने इस मामले में संपादक से रिपोर्ट मांगी है. अब आगे क्या कार्रवाई होती है इसको लेकर तरह तरह की चर्चाएं हो रही हैं.











