यशवंतजी, अमर उजाला में इस साल अप्रैल महीने से कर्मचारी लिए लागू जीएसएलआई सुविधा बंद कर दी गई है. उसकी जगह बजाज एलाइंस की पॉलिसी खरीदी गई है. कर्मचारियों का जीएसएलआई का जमा पैसा वापस दिया जाना है, कर्मचारी अप्रैल से ही अपने पैसे का इंतजार कर रहे हैं. पहले सूचना थी कि जीएसएलआई का पैसा जुलाई या अगस्त महीने में सभी लोगों को मिल जाएगा.
पर इन दोनों महीनों में भी पैसे का आबंटन नहीं किया गया. फिर कर्मचारियों ने उम्मीद लगाई कि हो सकता है सितम्बर माह की सेलरी के साथ यह पैसा मिल जाए पर इस महीने में भी जीएसएलआई मद में पैसा जमा करने वालों को निराशा ही हाथ लगी. सेलरी तो मिली पर जीएसएलआई का अब भी इंतजार है. सूचना है कि कुछ यूनिटों में प्रबंधन ने जीएसएलआई का पैसा बांट दिया है, खासकर टेक्निकल स्टॉफ को. अमर उजाला में जिस तरह ईपीएफ को भी अब ट्रस्ट बनाकर संस्थान पैसा जमा कर रहा है उसे देखते हुए कर्मचारी आशंकित हैं कि कहीं उनका पैसा डूब न जाए.
खासकर डीबी शा से लिए गए लोन को देखकर कर्मचारी आशंकित हैं कि कहीं उनका पैसा लोन चुकाने आदि के काम में इस्तेमाल न हो रहा हो, इसीलिए प्रबंधन कर्मियों को जीएसएलआई का पैसा नहीं बांट रहा है. यह हैरत की बात है कि एक ओर संस्थान अधिकारियों को कार लेने के लिए मोटा लोन दे रहा है, वहीं कर्मचारियों को जीएसएलआई का पैसा नहीं बांटा जा रहा है. अधिकारी महंगी कार खरीद रहे हैं और कर्मचारी ठन-ठन गोपाल बने हुए हैं. कृपया कर्मचारियों की समस्याओं पर भी अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए.
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.











