: रिपोर्टर विक्रम को क्राइम बीट से हटाया गया : दैनिक नवज्योति, अजमेर के सिटी एडीटर ओम माथुर को उन्हीं के सीनियर क्राइम रिपोर्टर विक्रम चौधरी ने जमकर गालियां दीं और खरी खोटी सुनाई। बीच बाजार में हुई इस घटना के बाद विक्रम का बीट छीन लिया गया है।
अजमेर के प्रतिष्ठित आखबार दैनिक नवज्योति के तेजतर्रार सिटी एडीटर ओम माथुर को किसी ने फोन किया कि उनका क्राइम रिपोर्टर शहर में नवज्योति के नाम पर रौबगालिब कर रहा है। इस पर ओम माथुर फौरन उस स्थान पर पहुंच गए। उन्होंने विक्रम को जमकर लताड़ लगाई और फौरन प्रेस आने को कहा। विक्रम चौधरी अपने बॉस की बात मानने की बजाय उनको गालियां देने लगा। ओम माथुर उसके इस अप्रत्याशित व्यवहार से हक्का-बक्का रह गए। इससे पहले कि वे और कुछ कहते विक्रम ने यह तक कह डाला कि तू होता कौन है। तुझे जानता कौन है अजमेर में। मैं जानता हूं कि तेरी औकात क्या है। मेरे नाम से नवज्योति चलता है। मैं अजमेर का सुपर क्राइम रिपोर्टर हूं। मुझे सब जानते हैं। मेरी यहां तूती बोलती है।
इस पर ओम माथुर ने समझदारी दिखाते हुए वहां से जाना ही मुनासिब समझा। लेकिन प्रेस पहुंचने के बाद उन्होंने सारी बातें नवज्योति के मालिक और प्रमुख संपादक दीनबंधु चौधरी को बताईं। इतने में पीछे से विक्रम चौधरी भी आ गया। प्रधान संपादक दीनबंधु चौधरी ने उसे फौरन प्रेस से बाहर निकालते हुए तीन दिन की फोर्स लीव पर भेज दिया। आज तीन दिन होने पर जब विक्रम दोबारा केसरगंज स्थित नवज्योति के दफ्तर पहुंचा तो उसकी बीट छीन ली गई। जानकारी के मुताबिक अब विक्रम की जगह क्राइम रिपोर्टिंग राजेन्द्र याज्ञनिक देखेंगे।
यह खबर एक पत्रकार द्वारा भेजे गए मेल पर आधारित है. इसके तथ्यों में अगर कोई कमी-बेसी हो या किसी को कुछ कहना हो तो वो अपनी बात नीचे कमेंट बॉक्स में कह सकता है.












rishi naagar
November 10, 2010 at 2:44 pm
dear yashwant ji,
this is the best punishment to a person who is at wrong. the crime reporter was absolutely wrong but the city editor has punished him badly. I salute this city editor and the management. former crime reporter must feel sorry and try to behave in future. Thanks for the information.
ravi
November 10, 2010 at 6:06 pm
Navjyoti ka purana parmament staff hain hi batmmij…..
parmament job pa kar v beyeemani se kam karte hainye nikkamee….
esnhe to kahi job nahi mile…..
kamino ne purane parthisthit akhbar ka bedagard kar rakh diya hai..
naye talented patrakaro ko ye purane patrakar rukne nahi deten hain….
city editor ko to sidhe pitiyee karni chahiye….
>:(
Rajendra Gunjal
November 11, 2010 at 10:52 am
Yah ghatna kareeb do mahine purani hai. Jabki likhi iss tarah hai mano taja ghatna hai.
k p singh
November 13, 2010 at 4:09 am
upar jo sabse pahla comment hai vo kisi nav jyoti me senior post par aaye kisi nav aagantuk hai, lekin ye baat to sach hai ki navjyoti ke sampaadakon ka bura haal hai kabhi reporter gaali galooj karta hai to, kota ke sampaadk ke saath roj maalik badtamiji karte hain……………………lekin kota ke sampadk raghu ji ke jaane ke baad to naye sampaadk ka kya hoga ………………….
k p singh
November 13, 2010 at 4:25 am
ये जो रवि जी का कमेन्ट है फेक कमेन्ट ये किसी नव आगुन्तक का कमेन्ट है , जो मैनेजमेंट की चमचागिरी करता हो, कोई निष्पक्ष व्यक्ति या ईमानदार पत्रकार ऐसा कमेन्ट नहीं दे सकता , नवज्योति का मेनेजमेंट बहुत ही गिरी सोच रखता है ,, पुराना स्टाफ तो जैसा भी है लेकिन मैनेजमेंट की काफी कमियां हैं, इस संस्थान में संपादकों की इजात जब मनाग्मेंट ही नहीं करता तो कौन करेगा, कोटा संस्करण में रघुजी की हिम्मत है जो संभाल रहे हैं, वर्ना इस संस्थान ko पत्रकार नहीं बंधुआ मजदुर चाहिए.
dhanish sharma
November 16, 2010 at 8:00 am
bhai crime ka chhora hai.kuch to nature main hoga hi.
DEEPAK SINGH
April 21, 2011 at 9:41 am
के पी सिंह की बातों से मै सहमत हूं,नीचे रवि नाम का जो कमेंट है वो फेक कमेंट है और पक्का इसे संजय स्वदेष KOTA ने पोस्ट किया है जो मालिको का सबसे बडा वफादार कुत्ता है
दीपक सिंह
DANIK JAGRAN[KANPUR]