इसे गासिप मानिए लेकिन गासिप में दम है. खबर है कि अंदरुनी झगड़े की सीमा को लांघने के लिए रमेश चंद्र अग्रवाल और उनके बेटों की कंपनी डीबी कार्प ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में दैविक भास्कर ब्रांड नेम से उतरने का फैसला किया है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक डीबी कार्प ने उत्तर प्रदेश उत्तराँचल में विस्तार के लिए अपनी योजनाएं बनानी शुरू कर दी है. कानूनी और पारिवारिक फसादों से निपटने के लिए उसने पुराने आजमाए तरीके को ही दोहराने का फैसला किया है. डीबी कोर्प ने हाल ही में दैनिक भास्कर से मिलते जुलते कई टाइटिल आरएनआई से मांगे थे.
आरएनआई ने भी डीबी कोर्प को आनन फानन में ये टाइटल दे दिए हैं. सूत्रों के मुताबिक ‘दैविक भास्कर’ नामक टाइटिल 15 दिसंबर 2010 को प्रदान किया गया है. इसके पहले ‘दिवस भास्कर’ और ‘विश्व भास्कर’ टाइटिल दिए गए. भास्कर के मालिकन पहले भी अपने पारिवारिक झगड़ों को मिलते जुलते टाइटिल से अखबार निकल कर निपटाते रहे हैं. जबलपुर से ‘नव भास्कर’ की शुरुआत रमेश अग्रवाल ने की थी तो विशम्भर दयाल ‘जन भास्कर’ रायपुर से निकलना चाह रहे थे. अब संजय अग्रवाल उत्तर प्रदेश में भास्कर की राह में रोड़ा बने है तो उधर जागरण कानपुर के मालिकान मध्य प्रदेश में आने के लिए बेताब हैं. ऐसे में भास्कर बिना उत्तर प्रदेश गए अपना विस्तार नहीं कर पायेगा और न ही जागरण से बदला ले पाएगा.
डीबी कार्प के लोग बिलकुल नहीं चाहते कि कोई उन्हें पछाड़ दे या फिर प्रतिस्पर्धी अखबार उनके घर में घुसकर चोट कर जाए और वे केवल मुंह ताकते रहे. सो, भास्कर वाले जल्द ही यूपी के प्रमुख शहरों और उत्तराखंड की राजधानी से ‘दैविक भास्कर’ नाम से अखबार लांच करने की तैयारी करते हुए मिल जाएं तो आश्चर्य मत करिएगा. हालांकि यह सब करते कराते वक्त तो लगेगा ही. फिर भी, दैविक भास्कर टाइटल खरीदकर डीबी कार्प ने यूपी मीडिया जगत में हलचल पैदा करने की तैयारी शुरू कर दी है.












shravan shukla
December 16, 2010 at 5:27 am
achchi khabar..media me pratidwandita badhne se mauke aur saaf suthri khabar ki ummed badh jaati hai
बिल्लू
December 16, 2010 at 5:40 am
राडिया भास्कर भी बेहद लोकप्रिय हो सकता है।
VAIBHAV
December 16, 2010 at 12:23 pm
GOOD ATTEMPT…..
HOPING FOR SPEEDY RESPONCE.
hitender singh
December 19, 2010 at 11:47 pm
i hope he come soon in utrakhand.best of luck davik bhaskar.
kmsingh
December 21, 2010 at 4:44 am
desh me abhi jmeen hthiyane se pet nhi bhar so ab up me aana chahte hai title agar bhu bhashkar ho to kuchh jayada hi achha hota.
surinder singh
December 21, 2010 at 1:01 pm
congratulation for new name as daivik bhaskar in uttarpradesh bahoot socha hai meri or se samast bhaskar parivar ko badhai saath hi saath main bhaskar management ko ek request karonga ki jis tarah gujrat mein div bhaskar and english mein dna aa rahi hai waise hi punjab mein punjabi bhaskar aur dna ko bhi launch karne ke liye kadam uthaye
thanks and congrate once again