न्यूज एक्स को लेकर अब किसी को शक नहीं कि इस चैनल का पूरा कंट्रोल राडिया के हाथों में था. तभी तो जहांगीर पोचा, जो न्यूज एक्स के मालिक हैं, सेलरी के दिन नजदीक आने पर पैसे की गुहार राडिया के यहां लगाते हैं. सेलरी के दिन नजदीक आ जाने और अभी तक चैनल के एकाउंट में पैसे न आने को जहांगीर पोचा एक बड़ा संकट मानते हैं. वो राडिया से बोलते हैं- ही, लिसेन, वी हैव अ बिग प्राब्लम हियर. आवर सेलरी आर ड्यू बट मनी हैज नॉट कम इन येट.
राडिया पूछती है कि कब सेलरी ड्यू है. तब पोचा कहते हैं- पहली को. राडिया बोलती है- हां तो हो जाएगा फर्स्ट को. मैंने बजट तो भेज दिया है. पूरी बातचीत सुनिए….












कमल शर्मा
December 18, 2010 at 1:27 pm
इन सीधे सीधे चोरों का बायकॉट होना चाहिए और साथ में जेल। चोरवाडे का इससे बड़ा कोई नमूना नहीं हो सकता।
Vasu Manchanda
December 18, 2010 at 10:08 pm
yeh radia media ke samne kyoun nahi aati……Tapes media tak pahunch rahi hai….Per media us tak kyon nahi pahunch pa raha…….har jagah per media pahunch jata hai….Us tak kyoun nahi pahunch pa raha media….kya media us tak pahunch payega kabhi….yaan fir sirf tapes hi samne aati rahengi
चंदन सिंह
December 19, 2010 at 10:40 am
9X में नीरा राडिया का पैसा लगा हुआ है….तो कौन सी आफत आ गई भाई साहब..कौन सा चैनल इमानदारी के पैसों से चलता है कोई बताएगा…आजतक हो या स्टार न्यूज, सबके आंगन में दलाली की फसल उगी है…एक पत्रकार होने के नाते अच्छी तरह जानता हूं किस तरह आला पत्रकार सेटिंग के जरिए अपनी दुकान चलाते हैं…
Manoj
December 19, 2010 at 1:34 pm
The truth will never come out as the renowned media professionals themselves are deeply involved and have been making loads of money. Lets wait and watch…
Vivek Dayal
December 21, 2010 at 8:20 am
आज के परिवेश में ये मान लेना की पत्रकारिता ही नही कोई भी बिजनेस ईमानदारी के पैसे से चल रहा है बहुत मुश्किल है. न्यूज़ चॅनेल तो दो नंबर के पैसे को एक नंबर बनाने का एक ज़रिया बन कर रह गया है. चंदन जी के वक्तव्य से मैं पूरी तरह सहमत हूँ. चॅनेल वाले सच को जनता के सामने रखने के बजाय पॉंजीपतियों और भ्रस्त नेताओं और अधिकारियों के दलाली करके अपना उल्लू सीधा करने में लगे हैं और पहली पंक्ति के नये पत्रकार इस चक्की में पिसता जा रहे हैं. नीरा रादिया-नीरा रादिया जप कर मीडीया क्या साबित करना चाहता है. इस हम्माम में सब नंगे हैं. जो पकरा गया वो चोर है नही तो सब सिकंदर हैं.
विवेक दयाल
neelesh pal
December 24, 2010 at 2:50 pm
it shows that how media is selling their credibility. it is very shame full for us and what they do who want come in media field. neelesh