अमर उजाला ग्रुप अखबारी दुनिया में अपने कदम जमाने के बाद मैगजीन लाने की तैयारी कर रहा है. ग्रुप ने तीन हिंदी मैगजीनों को प्रकाशित करने की योजना तैयार की है. इनमें एक मैगजीन जागरण के सखी की तरह महिला सेंट्रिक होगी. उजाला की नजर पूरे हिंदी बेल्ट पर है. प्रबंधन अपने अखबार के पाठकों के सहारे इन पत्रिकाओं को भी सफलता दिलाने की तैयारी कर रहा है.
ग्रुप की पहली पत्रिका युवाओं को ध्यान में रखकर प्रकाशित की जा रही है. दो सौ पेज के इस पत्रिका को जनवरी में लांच किए जाने की तैयारी है. दूसरी पत्रिका करेंट अफेयर्स और साहित्य को ध्यान में रखकर प्रकाशित की जाएगी. माना जा रहा है कि इस पत्रिका को दिल्ली प्रेस की सफल पत्रिका सरस सलिल के कंपटीटर के रूप में लाया जा रहा है. इस साप्ताहिक मैगजीन में 32 पेज होंगे. इसके जनवरी के आखिर में लांच किए जाने की संभावना है. तीसरी पत्रिका पूर्ण रूप से महिलाओं को ध्यान में रखकर लाई जा रही है. यह जागरण के सखी की तरह महिला बेस्ड होगी. इस मैगजीन के फरवरी के आखिर में लांच किए जाने की उम्मीद है.
सूत्रों का कहना है कि प्रबंधन मान रहा है कि अखबार की वजह से ग्रुप का पूरा ढांचा तैयार है. बस सही तरीके से प्रबंध करके इन पत्रिकाओं को आसानी से पाठकों तक पहुंचाया जा सकता है. पहले भी अमर उजाला शुक्रवार को रूपायन के रूप में छोटी पत्रिका अपने पाठकों तक पहुंचाता रहा है.












amitkumar;;editor in chief civil services path
January 8, 2011 at 9:59 am
mujhe lagta hai amar ujala ko civilservices aspirant ke liye bhi magzine nikalini chahiye kyon ki ye bhi ek bada area hai aur hindi ke student ko best material nahi mil pata hai .apke dara aisa ho ye apekha rakhten hai
amitkumar;;editor in chief civil services path
January 8, 2011 at 9:54 am
mujhe lagta hai amar ujala ko civilservices jaise exam ke student ke liye bhi magzine deni chahiye.ye bhi ek big market hai
GHANSHYAM RAI
December 28, 2010 at 9:25 am
achchh h berojgar jn. ko kam to milega .ab bhaskar aur jagarn ki aap laen lg jao
anamisharanbabal
December 28, 2010 at 11:37 am
au group me koie b magzine safal rahi nahi h bt magzine ki tikadi safal ho just lyk mother dairy ki safal ki tarah vvvg mubarak ho
कमल शर्मा
December 28, 2010 at 11:52 am
अमर उजाला को अपना अमर उजाला कारोबार अखबार भी फिर से लांच करना चाहिए। ईटी हिंदी, बिजनैस भास्कर और बिजनैस स्टैंडर्ड हिंदी आज तक अमर उजाला कारोबार की कंटेंट की ऊंचाई को आज तक छू नहीं पाए हैं। पहले की तुलना में अब पाठक भी बढ़े हैं और सजग भी हुए हैं। अमर उजाला प्रबंधन खासकर अतुल जी को अमर उजाला कारोबार फिर से लाने पर विचार करना चाहिए।
Madan Singh Kushwaha Ghazipur
December 31, 2010 at 5:32 am
Bahut achchha hai
Ankush
December 30, 2010 at 11:55 am
Pahele bhi amar ujala ne yellow pages nikali thi jo Mr. Sunil Mutreja sahab ki bajah se barbad ho gayi or ilzam laga Dr. Gupta per….ab ye bhi barbad kareneg ..lagta hain Mutreja ji ne kasam kha rakhai hain ki Amar Ujala ko barbad karna hi hain.
Chalo bhai logo tamasha ka pahala seen ..Teen Magzine.
jitendra
February 26, 2011 at 11:39 am
rajasthan me kab aa raha hai ujala