दैनिक भास्कर अब कमाई का कोई जरिया छोड़ना नहीं चाहता है. जैसे भी मिले पैसे आने चाहिए. अब अखबार को वितरकों द्वारा अखबार में भरे जाने वाले इंसर्ट और पम्पलेट से होने वाली कमाई में भी एक तिहाई हिस्सा चाहिए. यह पैसा कंपनी के खाते में जाएगा. जो वितरक यह हिस्सा नहीं देंगे उनकी सप्लाई बंद कर दी जाएगी.
ऐसा ही एक वाकया आज सुबह भोपाल के ज्योति सेंटर पर देखने को मिला. इस सेंटर के वरिष्ठ वितरक वीपी सिंह ने कल एक संस्थान के पम्पलेट सभी अखबारों में भरे थे. आज सुबह दैनिक भास्कर के मुलाजिम मुकेश गुप्ता ने वीपी सिंह से कल भरे गए पम्पलेट की कमाई का एक तिहाई हिस्सा मांगा. वीपी सिंह के मना करने पर उनकी सप्लाई रोक दी गई. और उनको सप्लाई तब तक नहीं दी जब तक कि वीपी सिंह द्वारा उक्त राशि जमा नहीं करा दी गई. खास बात यह रही कि वितरक द्वारा रसीद मांगे जाने पर उन्हें कोई रसीद भी नहीं दी गई.
उल्लेखनीय है कि भास्कर के एजेंटों पर इस तरह का नियम पिछले दो माह से लागू है. जिसके बाद एजेंटों ने पम्पलेट भरना बंद कर दिया है. इसे लेकर एजेंट अंदरखाने काफी नाराज हैं. एजेंटों का कहना है कि भास्कर जैसे जैसे आगे बढ़ता जा रहा है उसकी सोच भी उसी स्तर पर छोटी और घटिया होती जा रही है.












dilip.solanki
January 17, 2011 at 2:23 pm
sir plze see
jaideepsharma-rajnandgaon(c.g)
January 14, 2011 at 4:28 pm
vv
:'(
RAJ YADAV
January 14, 2011 at 2:08 pm
SHAME-SHAME BHASKAR.