प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती के जन्मदिन के मौके पर शनिवार को जिला प्रशासन ने जनपद कांशीरामनगर में वृहद स्तर पर समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, बड़े नेता एवं आला अधिकारी मौजूद रहे। यहां सभी ने मायावती के चित्र पर माल्यार्पण कर चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया, जबकि दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण देहावसान के बाद ही चित्र पर किया जाता है।
यहां जिलाधिकारी आरके सिंह, सीडीओ चंद्रशेखर सिंह, विधायक हसरतउल्ला शेरवानी सहित पुलिस अधीक्षक रतन कुमार श्रीवास्तव एवं अन्य अधिकारी भी
मौजूद रहे। बाद में जिलाध्यक्ष कमल कुमार बौद्ध द्वारा माला को हटवाया गया। इस माल्यार्पण को लेकर हजारों की संख्या में उपस्थित भीड़ एक दूसरे से कानाफूसी करती रही। इससे साफ है कि अधिकारियों ने मायावती के जन्मदिन के दिन ही श्रद्धांजलि दे दी है।
फोटो भी भेजा जा रहा है। इस फोटो में डीएम, सीडीओ एंव विधायक मौजूद है। इस समाचार को किसी भी समाचार पत्र में प्रकाशित नहीं किया गया है। समाचार पत्रों से संबंधित लोगों का कहना है कि विधायक विज्ञापन दाता हैं और अधिकारियों से वह बिगाड़ नहीं कर सकते। इसी के चलते खबर प्रकाशित नहीं की गई है।
कांशीरामनगर से भेजे गए एक मेल पर आधारित.












Rajendra Kumar Singh
January 17, 2011 at 2:37 pm
Maine Kani pada tha ki koi bi vyakti sirf tin tarah ke logo ki ijjat karta hai. Pahala- jisase vo darta ho, dusara- lok laj wash, tisara- jiski vo vakai dil se ijjat karta ho. Ab aap hi faisla kar lijiye ki hamari CM ki ijjat unake adhikari kis categary me kar rahe hain.[b][/b][b][/b][b][/b][b][/b]
nageshwar singh
January 17, 2011 at 6:18 am
esme nai bat kya hai jab maya khud ki pramayen lagwa rahi hai to unhe sradhanjali dene me koi burai nahi hai. yah adhikariyon aur bidhayak ka prem hai………………
nageshwar singh
January 17, 2011 at 6:06 am
Esme nai bat kya hai. jab maya jinda rahte apni pratimayen lagwa rahi hai to mai samajhta hun ki unhe saradhanjali dena galat nahi hai…………….
Jitendra Singh
January 17, 2011 at 5:34 am
यह देश की शिक्षा व्यवस्था है कि देश के नेता और अधिकारी कितने शिक्षित हैं. इन विद्वानों के ऊपर भावी पीढ़ी को शिक्षित करने का जिम्मा हैं. धन्य हैं भारतीय शिक्षा, धन्य हैं भारतीय लोग, धन्य हैं भारतीय नेता और अधिकारी