19 जनवरी का दिन काफी गहमागहमी वाला रहा। सुबह से ही इस पूछताछ के फोन और ऑनलाइन क्वेरी आने लगे कि आखिर आगराटुडे.इन के संपादक बृज खंडेलवाल को हुआ क्या… मैं भी असमंजस में पड़ गया… क्योंकि बीती रात को मेरी उनसे बातचीत हुई थी… और सबकुछ ठीकठाक था। जब पूरा प्रकरण पता चला तो मैंने भी उन्हें उनके ‘मरने’ पर बधाई दे डाली।
दरअसल हुआ यह था कि वरिष्ठ पत्रकार बृज खंडेलवाल को दैनिक जागरण के आगरा संस्करण ने ‘मृत’ घोषित कर दिया। पेज छह पर छपी खबर ‘शैलेंद्र रघुवंशी स्मृति में दिवंगतजनों को नमन’ के अनुसार ‘नगर के दिवंगत बृज खंडेलवाल, कांति भाई पटेल, निरंजन लाल शर्मा, अतुल माहेश्वरी और एचके पालीवाल आदि को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित’ की गई।
नागरी प्रचारिणी सभा के शताब्दी वर्ष और दिवंगत रंगकर्मी शैलेंद्र रघुवंशी की याद में मंगलवार को गीतांजलि, नाट्यांजलि समारोह का आयोजन किया गया था। अखबार में इस समारोह को लेकर खबर छापी गई थी। जिसमें अन्य दिवंगतों के साथ बृज खंडेलवाल का भी नाम जोड़ दिया गया। उनके पत्रकार मित्रों उन्हें दिनभर उनके ‘मरने’ पर बधाइयां देते रहे….।

नीचे पढि़ए दैनिक जागरण, आगरा के संस्करण में प्रकाशित पूरी खबर
नाटक में बसी ब्रजभाषा की मिठास
आगरा, जागरण संवाददाता: मन में रमी ही माटी के प्रति श्रद्धा तो सब कुछ अपनापन सा लगता है। ब्रजभाषा की मिठास में पगा हुआ नाटक लल्लू लाल कौ रुपैय्या दर्शकों के इर्द-गिर्द घूमता सा दिखायी दिया। वैसे तो नाटकों में किसी-किसी पात्र को बृजभाषा में संवाद बोलते हुए देखा है। लेकिन सम्पूर्ण नाटक कई दशकों बाद देखने को मिला। इसके अलावा दिलीप रघुवंशी द्वारा निर्देशित नाटक प्रधानजी का भी मंचन किया गया।
नागरी प्रचारिणी सभा के शताब्दी वर्ष और दिवंगत रंगकर्मी शैलेंद्र रघुवंशी की याद में मंगलवार को गीतांजलि, नाट्यांजलि समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें नगर के दिवंगत ब्रज खंडेलवाल, कांति भाई पटेल, निरंजन लाल शर्मा, अतुल माहेश्वरी, एचके पालीवाल, सरोज पटेल, डॉ.आरके वर्मा, डॉ.रफीकल गनी को दो मिनट की मौन श्रद्धाजंलि अर्पित की गयी।
कार्यक्रम की शुरुआत नागार्जुन और केदारनाथ अग्रवाल की कविताओं से हुआ। लाला हरेशचंद सर्राफ स्मृति पुरस्कार सुबोध गोयल ने प्रदान किये। अतिथि थे सरोज गौरिहार, रमेश मिश्रा, पूर्व विधायक डा.अनुराग शुक्ला, सुरेंद्र शर्मा, वायलेट एडवर्ड, डा.मुकुल श्रीवास्तव। रोटरी क्लब ऑफ आगरा नार्थ का सहयोग रहा। संयोजक डॉ.विजय शर्मा ने आभार व्यक्त किया। संचालन जितेंद्र रघुवंशी ने किया।











