बांदा में शीलू रेप केस के आरोपी विधायक परुषोत्तम द्विवेदी के समर्थकों ने कोर्ट परिसर में सहारा समय, आईबीएन7, टाइम्स नाउ, दूरदर्शन के पत्रकार एवं कैमरामैनों पर हमला कर दिया. इस हमलें पत्रकार गंभीर रूप से घायल हो गए. सबसे ज्यादा चोट टाइम्स नाउ के कैमरामैन के आई है. यूपी में पत्रकारों पर सत्ता पक्ष के चौथे स्तंभ पर लगातार हमले किए जा रहे हैं. बसपा से निष्कासित विधायक के समर्थक मीडिया को ही विधायक की दुर्गति का जिम्मेदार मान रहे हैं.
विधायक की कल पेशी थी. इसलिए खबर की कवरेज के लिए दर्जनों चैनल तथा प्रिंट से जुड़े पत्रकार कोर्ट के पास मौजूद थे. कोर्ट के आसपास पुलिस की जबर्दस्त व्यवस्था की गई थी. टीवी चैनलों के पत्रकार स्टोरी कवरेज कर रहे थे. अचानक विधायक के समर्थक उन पर टूट पड़े. पत्रकारों को मारापीटा गया. उनके कैमरे क्षतिग्रस्त कर दिए गए. भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद जिस तरह पत्रकारों के साथ व्यवहार हुआ. उसे देखकर यही प्रतीत हो रहा था कि इन अपराधी तत्वों को पुलिस एवं स्थानीय प्रशासन की खुली शह मिली हुई है.
सुनवाई के बाद विधायक ने भी धमकी भरे अंदाज में आरोप लगाया कि मीडिया की वजह से जेल जाना पड़ा है. मीडिया ने मेरी बातों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया. गौरतलब है कि कोर्ट ने द्विवेदी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
उल्लेखनीय है कि बांदा में एक दलित लड़की के साथ सामूहिक रेप के आरोप में विधायक की पेशी बांदा के सीजेएम संजीव जायसवाल के कोर्ट में सुनवाई थी. सीजेएम ने अन्य आरोपियों सुरेंद्र नेता, राजेंद्र शुक्ल और रावण गर्ग को भी रिमांड पर भेज दिया.
इधर, इस हमले की निंदा करते हुए यूपी कांग्रेस के मीडिया चेयरमैन एवं बांदा, सदर विधायक विवेक कुमार सिंह ने पत्रकारों पर हुए हमले को लोकतंत्र पर हुआ हमला बताते हुए इसकी निंदा की है. उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर सुनियोजित तरीके से हमला करवाया गया है. उन्होंने घायल पत्रकारों को मुआवजा देने तथा क्षतिग्रस्त कैमरों को खरीदने के लिए सरकार एवं प्रशासन से सहायता देने की मांग की है. उन्होंने बांदा के एसपी को भी निलंबित किए जाने की मांग की.












raj Manohar
January 22, 2011 at 3:55 am
Ab Kya wo din aa gya hai, jab ptrkaron ko bhi Bandook lekar chalana pade.