अपने को देश का सबसे बड़ा समाचार पत्र समूह कहने वाले दैनिक भास्कर की स्थिति यह है कि किराया भुगतान नहीं करने से उसके ब्यूरो कार्यालय में ताला लगा दिया गया। यह माजरा है छत्तीसगढ़ के महासमुंद ब्यूरो का। भड़ास ने पहले ही खबर दी थी कि यदि भास्कर प्रबंधन ने महासमुंद भास्कर ब्यूरो के मकान मालिक योगेश कुमार की बात नहीं मानी तो वे एक फरवरी को भास्कर कार्यालय में ताला लगा देंगे। हुआ भी यही।
दिसंबर और जनवरी महीने का किराया भुगतान नहीं करने और लगातार अल्टीमेटम देने के बावजूद 4 महीने से मकान खाली नहीं किए जाने से नाराज योगेश कुमार ने दो फरवरी की सुबह भास्कर के ब्यूरो कार्यालय में ताला जड़ दिया। इससे हड़कंप मच गया और भास्कर के कुछ कर्मचारी मकान मालिक योगेश को बडे़ बैनर का धौंस जमाते हुए देख लेने और निपटा देने तक की धमकी देने लगे। इसका मकान मालिक पर कोई असर नहीं हुआ और वह किराया भुगतान तत्काल करने की मांग पर अड़े रहे।
अंततः महासमुंद में दैनिक भास्कर के 20 साल पुराने कर्ताधर्ता बाबूलाल साहू ने 10 फरवरी तक मकान खाली करा लेने और किराया भुगतान की पूरी जिम्मेदारी खुद ली, तब कहीं जाकर दोपहर में तालाबंदी खत्म हुई। अपने को बड़ा बैनर और ब्रांड कहने वाले अखबार के ब्यूरो कार्यालय का मासिक 3000 रूपए किराया भुगतान नहीं करना समझ से परे है। दैनिक भास्कर समूह के इस अड़ियल रवैया को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है।












niraj
February 3, 2011 at 5:46 am
thu…..thu…. kuchh to sharm karo bhaskar walo, dhan ke ghamand me na rho apni ejjat bacha lo.
avi maithil
February 21, 2011 at 9:37 am
wow very good news……..aur bhi bureau ki haal le to stithi aur bhi khusnuma hai…….congret bhaskar
sadaab hameed
March 19, 2011 at 1:54 pm
mai salo se bahskar padhta aa raha hu. pahle o story achhi aati thi parab usme add ke siva kuch nahi aata hai, or kahab menage hone lagi hai . hamre ynha to neta logo ne apne haathe mai papaer le liya hai unki tarif aati hai or unke bhrastchar nahi dikhte hai. ab jayada aad chaiye to katora le lo or road par nikal jao. mai 31 march se bahaskar band kar reaha hnu
Anirudh Mahato
March 24, 2011 at 12:43 am
dhan apna kam kar rahi hai. dhan ke samne vivek ki nahi chalti. ek kahawat hai —(kank kanak te sao guno madakta adhikaye. ih khaye baourai uh paye baouray.)