महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के भड़काऊ व अपमानजनक बयानों से बौखलाए पत्रकारों ने अब राज्यपाल के. शंकरनारायणन व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण से इंसाफ की गुहार लगाई है. राज्य के सभी प्रमुख पत्रकार संगठनों के सदस्य राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री से मिले. पत्रकारों ने इस मामले को गंभीरता से लेने, 48 घंटे में अजित पवार को माफी मांगने तथा दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
पत्रकारों को राज्यपाल ने भरोसा दिलाया कि वे इस मसले पर मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री पृथ्वीराज ने स्वयं अजित पवार से बात करने के संकेत दिए. इधर, पत्रकार हमला विरोधी समिति ने राज्य सरकार के टाल-मटोल वाले रवैये के विरोध में तीव्र आंदोलन चलाने की रणनीति तैयारी कर ली है.
राज्यपाल ने पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल से कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की अहम भूमिका को नकारा नहीं जा सकता. पत्रकारों ने राज्यपाल को बताया कि मीडियाकर्मियों पर लगातार हो रहे हमलों और अजित पवार के रवैये को लेकर महाराष्ट्र सरकार गंभीर नहीं है. राज्यपाल से मिलने से पहले पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल सीएम से भी मिला था तथा नेताओं की दुष्प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने की मांग की. परन्तु मुख्यमंत्री ने कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया.
गौरतलब है कि नांदेड की एक सभा में उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने मीडिया विरोधी टिप्पणी की थी तथा पुलिसकर्मियों को भड़काया था. जिसके बाद पुलिस वालों ने वहां मौजूद पत्रकारों के साथ बदसलूकी की व उनकी पिटाई की थी. पुलिस ने स्थानीय पत्रकार संगठन के अध्यक्ष से भी मारपीट की. राष्ट्रवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी पत्रकारों से मारपीट की. इस घटना के बाद से ही राज्य भर के अखबार व टीवी पत्रकारों में नाराजगरी व आक्रोश है. मांगें पूरी न होने पर पत्रकारों ने तेज आंदोलन चलाने की बात कही है.











