मीडिया के कथित धुरंधरों के बारे में मैंने कल ही अपनी भावनाएं व्यक्त की थीं, मगर लगता है कि इस पर कोई ग्रन्थ तैयार करना होगा. सहारा समूह की समयलाइव वेबसाइट पर आज एक खबर डाली गई है, जिसका शीर्षक है- हरियाणा में भर्ती होंगे टीचर, इस खबर के साथ एक फ़ाइल फोटो भी चस्पा किया गया है जिसमें एक क्लास रूम दिखाया गया है, मगर अंदर खबर डाक्टरों की भर्ती से जुड़ी बताई गई है.
शिक्षकों को तो शीर्षक में अपनी इस “पदोन्नति” से शायद कोई उज्र नहीं होगा मगर डाक्टरी पेशे वाले अपनी तुलना शिक्षकों से करने पर ज़रूर आपत्ति उठा सकते हैं. वैसे भी गुरू को गोविन्द का दर्ज़ा देने वाली बात पुरानी हो गई है. सहाराश्री, अपने पत्रकारों को डाक्टरों-शिक्षकों के पेशे से भी रु-ब-रु करवाएं.













prakash
February 14, 2011 at 11:52 am
सहारा की नौकरी, सरकारी है..वहां सबकुछ चलता है