: हिंदुस्तान के क्राइम रिपोर्टर पवन सिंह पुलिसिया जांच में दोषमुक्त करार : हिंदुस्तान, वाराणसी के नए आरई अनिल भास्कर ने सोमवार को कार्यालय पहुंचे. वहां ज्वाइनिंग की औपचारिकताएं पूरी कीं. उन्हें ज्वाइन कराने के लिए लखनऊ के संपादक नवीन जोशी भी आए थे. अनिल भास्कर दोपहर में इलाहाबाद से वाराणसी पहुंचे. हाल तक वे हिंदुस्तान, इलाहाबाद के संपादक थे, जहां का प्रभार दयाशंकर शुक्ल सागर को सौंपा गया है.
जगतगंज स्थित हिंदुस्तान के कार्यालय में उनके साथ नवीन जोशी भी थे. दोनों लोग मैनेजर अंजीब कुमार श्रीवास्तव के कमरे में कुछ देर बैठे. इसके बाद प्रथम तल पर स्थित संपादकीय विभाग में गए. वहां दोनों लोग कुछ देर संपादक के कक्ष में बैठे, फिर कुछ कर्मचारियों के साथ औपचारिक परिचयात्मक मुलाकात की. अनिल भास्कर और नवीन जोशी के साथ निवर्तमान संपादक राजकुमार सिंह भी थे. इनके इस्तीफा देने के बाद अनिल भास्कर को वाराणसी का प्रभार सौंपा गया है. शाम को नए संपादक ने सभी विभागों के हेडों के साथ मीटिंग की. उनके यूनिट के बारे में जानकारी ली. इसके बाद दोनों संपादक होटल चले गए. आज मीटिंग लेने के बाद नवीन जोशी लखनऊ एवं अनिल भास्कर इलाहाबाद चले जाएंगे.
इधर, नए संपादक पदभार ग्रहण कर रहे थे तो दूसरी तरफ खबर थी कि छुट्टी पर चल रहे हिंदुस्तान के क्राइम रिपोर्टर पवन सिंह दोषमुक्त करार दिए जाने की खबर हैं. पवन सिंह पर बहुचर्चित सोयेपुर कांड के संदर्भ में हाईकोर्ट के आदेश पर कैंट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसे पुलिस ने जांच के बाद खारिज कर दिया. पुलिस ने विश्वसनीय और कानूनी साक्ष्य के अभाव में विवेचक के जरिए अंतिम रिपोर्ट लगाकर मामला समाप्त करने की सिफारिश की है. पुलिस का मानना है कि मुख्य आरोपी महेश जायसवाल की पत्नी नीतू ने पेशबंदी के तहत क्रास एफआईआर दर्ज कराया था.
कोर्ट के आदेश पर कैंट पुलिस ने हिंदुस्तान के क्राइम रिपोर्टर पवन सिंह, अजय गुप्ता, सुरेश पाल तथा सोयेपुर के प्रधान बंशनारायण राजभर के खिलाफ आईपीसी की धारा 328, 304, 272, 120बी, 386, 387, 427 और 506 के तहत 21 जनवरी को मुकदमा दर्ज किया था. इसके पहले पुलिस ने इस मामले में छह माह पहले ही महेश समेत डेढ़ दर्जन लोगों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र प्रेषित कर दिया था. कुर्की और दस हजार का इनाम घोषित होने पर घटना के तीन माह महेश ने आत्मसमर्पण कर दिया था. जांच में पूर्व सांसद जवाहर लाल जायसवाल के खिलाफ साक्ष्य मिलने पर क्रास मुकदमा दर्ज कराने का प्रार्थनापत्र सीजेएम कोर्ट में दिया गया. एसीजेएम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया तो जिला जज के यहां अपील की गयी, लेकिन वहां से भी खारिज होने पर हाईकोर्ट में अपील की गयी थी.
गौरतलब है कि कोर्ट को प्रेषित चार्जशीट में सोयेपुर शराबकांड में 160 गवाह हैं जिनमें से आधे से अधिक का मजिस्ट्रेट के समक्ष कलमबंद बयान हो चुका है. इसकी सीडी भी तैयार हो चुकी है ताकि कोई गवाह पलट न जाए. जानकारी के अनुसार रिपोर्ट में कहा गया है कि उपरोक्त धाराओं के तहत उच्च न्यायालय के आदेश पर दर्ज कराए गए मुकदमे में पुलिस ने जांच के बाद अभियोग सही नहीं पाया और पेशबंदी के तहत मुकदमा दर्ज पाया. इसलिए विवेचक एसआई गयासुद्दीन ने फाइनल रिपोर्ट कोर्ट को प्रेषित कर दी.












arvind
February 15, 2011 at 2:35 pm
इसे कहते हैं कि दलाली करों और साथ में मजा भी करो। पुलिस की जांच मं पवन सिंह निर्दाष कैसे हुए ये सब को पता है। उधर वकील अजय सिंह ने ठान रखा है कि पवन सिंह को उनके अंजाम तक पंहुचाना है। हाईकोर्ट जाने की तैयारी है। दरअसल जब कुंवर फतेह बहादुर सिंह की मां का निधन हुआ था और वो वाराणसी मणिकर्णिका घाट दाह संस्कार के लिए आये थे तो पवन सिंह उनके आसपास चक्ककर लगा रहे थे। फिर उधर आइपीएस विजय प्रकाश जैसे लोग उनके साथ थे जिनकी तेलाई करने में पवन सिंह ने हद लांघ दी थी। खैर, इस खबर से ब्रजेश सिंह गिरोह खुश होगा। अगर पवन सिंह वापस हिदुस्तान में आ गये तो इस गिरोह की फिर से पौ बारह हो जाएंबी। मुख्तार अंसारी के खिलाफ खबरें फिर से छपने लगेंगी और ब्रजेश सिंह गिरोह के विज्ञापन। हर हर महादेव
Ajit.Kumar Pandey
February 15, 2011 at 6:12 pm
sir badhaie ho…………………………….