बंसल न्यूज से आरिफ मिर्जा ने इस्तीफा दे दिया है. वे यहां सीनियर रिपोर्टर थे. इन्होंने अपनी नई पारी मध्य प्रदेश से शीघ्र लांच होने जा रहे प्रदेश टुडे के साथ की है. इन्हें यहां भी सीनियर रिपोर्टर बनाया गया है. आरिफ ने अपने करियर की शुरुआत 1986 में दैनिक भास्कर के साथ की थी. इसके बाद ये नई दुनिया से जुड़ गए. यहां से इस्तीफा देने के बाद इन्होंने जागरण ज्वाइन कर लिया. आरिफ सिटी केबल, राज टीवी, पीपुल्स समाचार को भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं.
जी24 घंटे छत्तीसगढ़ से नरेंद्र ने इस्तीफा दे दिया है. वे स्पोर्टस डेस्क पर कार्यरत थे. यहां इस्तीफा देने का सिलसिला थम नहीं रहा है. खबर है कि नरेंद्र के इस्तीफे के बाद चैनल प्रबंधन भौचक्क है. एचआर के लोग चैनल में नई भर्ती करने के लिए भोपाल में डेरा डाले हुए हैं.












shahid kamil
March 15, 2011 at 12:45 pm
Arif ji ko mubarakbad,, Perdesh today ko ek anubhavi aur comited Sinor repoter milgya ummed hai wo apni reopting se pathkho ko execlusive khbare padayge,,,,,,,
Muhammad Tarique
March 15, 2011 at 1:19 pm
Gazab Ki Aawaaz Ek Damdaar Naam : ”.Arif Mirza.” … Yeh Baat Haqeeqat He Print-Media Aur Electronick Media Ko Pehchaan Journalist Hi Dilaataa He , Us Group Ko Apna Pariwaar Maankar .Aur Journalist Us Pariwaar Ki Pehchaan , Pratishtha Aur Saakh Banaataa Samaaj Me Banaataa He Phir Be-Naami Log Us Journalist Ka Naam Badnaam Kar Apnaa Naam Kar Lete He ….. Sochen Ab Benaami Thehre Benaami Saath Aur Pratishtha To Jaani Hi He ….
Muhammad Tarique
March 15, 2011 at 1:21 pm
राजधानी भोपाल मध्य-प्रदेश कुछ देनिक समाचार-पतर में न्याय नहीं मिलता भू-माफियाओं के खिलाफ ? कियुनकी आज-कल खबरे इतनी होती हैं और अखबार की लागत भी बहुत हो गई हैं जिसकी वजह से विज्ञापन लेना भी ज़रूरी हो गया अन्याथा अखबार चलाने के लाले पढ़ जाएँ ? पहले के दिनों में लोग चौथ-वसूली के लिए साप्ताहिक-समाचार-पत्र निकालते थे छोटी सी भ्रष्टाचारी या अनियमितता की खबर छाप और अगले अंक में विस्तार-लेख भपकी से काम बनाते थे आज वोह आर.टी.आई. सुचना का अधिकार २००५ को अपनी जीवीका चलाने का साधन बना चुके हैं प्राप्त जानकारी के मुताबिक भोपाल शहर में एक व्यक्ती ने ५०० आर.टी.आई. आवेदन लगा रखे हैं ? सत्तेयेता तो यही हैं कुच्छ छोटे व् बड़े समाचार-पत्र अब खुद भू-माफिया , कालोनिज़ेर और बिल्डर हो गए हैं :मोहम्मद तारिक
Muhammad Tarique
March 15, 2011 at 1:22 pm
राजधानी भोपाल मध्य-प्रदेश कुछ देनिक समाचार-पतर में न्याय नहीं मिलता भू-माफियाओं के खिलाफ ? कियुनकी आज-कल खबरे इतनी होती हैं और अखबार की लागत भी बहुत हो गई हैं जिसकी वजह से विज्ञापन लेना भी ज़रूरी हो गया अन्याथा अखबार चलाने के लाले पढ़ जाएँ ? पहले के दिनों में लोग चौथ-वसूली के लिए साप्ताहिक-समाचार-पत्र निकालते थे छोटी सी भ्रष्टाचारी या अनियमितता की खबर छाप और अगले अंक में विस्तार-लेख भपकी से काम बनाते थे आज वोह आर.टी.आई. सुचना का अधिकार २००५ को अपनी जीवीका चलाने का साधन बना चुके हैं प्राप्त जानकारी के मुताबिक भोपाल शहर में एक व्यक्ती ने ५०० आर.टी.आई. आवेदन लगा रखे हैं ? सत्तेयेता तो यही हैं कुच्छ छोटे व् बड़े समाचार-पत्र अब खुद भू-माफिया , कालोनिज़ेर और बिल्डर हो गए हैं :मोहम्मद तारिक
Satyanarayan Varma
March 16, 2011 at 3:06 pm
Arif sir ko bahut bahut mubarakbad. arif sir jaise journalist malwa mati ki shaan hai.
apol ar
March 17, 2011 at 4:30 am
आरिफ मिर्जा और राकेश अग्निहोत्री जैसे लोग उस सड़े टमाटर की तरह हैं,,,जो आसपास का माहौल भी दूषित कर देते हैं..ऐसे लोगों की टीम जुटाकर ह्रदेश दीक्षित ने अपने पैर पर कुल्हाड़ी पटकी है
santosh choudhary
March 17, 2011 at 5:16 am
आरिफ जी, नई पारी के लिए शुभकामनाएं
fjfjfj
March 18, 2011 at 7:50 pm
नरेन्द्र सर आपको नई पारी के लिए बहुत बहुत बधाई….आप जैसे मेहनतीअं और काम करने वालो के लिए जगह की कमी नही….जी छत्तीसगढ़ में आपके काम की कोई कद्र नही…यहां तो अँशुमन के तलवे चाटने वालों की ही चांदी है