Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

कहिन

अब मेरी रिक्‍वेस्‍ट सदा पेंडिंग ही रहेगी!

जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार आलोक तोमर जी अब हमारे बीच नहीं रहे, कल होली के दिन वो हमें अलविदा कह गये. ये जानकर बहुत दुःख हुआ. जिस दिन सारा देश होली के रंग में डूबा हुआ था, उस दिन आलोक तोमर जी कैंसर से लड़ाई लड़ रहे थे. कैंसर से ये उनकी लड़ाई तक़रीबन चार-पांच महीने से कुछ ज्यादा ही बढ़ गई थी. आलोक तोमर जी भी कहा हार मानने वाले थे, कई बार कैंसर उन्हें हॉस्‍पीटल तक खींच लाया, लेकिन हर बार वो कैंसर को मात देकर घर लौट आया करते थे, लेकिन इस बार…यकीन नही होता, पर मौत एक सच्चाई है.

जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार आलोक तोमर जी अब हमारे बीच नहीं रहे, कल होली के दिन वो हमें अलविदा कह गये. ये जानकर बहुत दुःख हुआ. जिस दिन सारा देश होली के रंग में डूबा हुआ था, उस दिन आलोक तोमर जी कैंसर से लड़ाई लड़ रहे थे. कैंसर से ये उनकी लड़ाई तक़रीबन चार-पांच महीने से कुछ ज्यादा ही बढ़ गई थी. आलोक तोमर जी भी कहा हार मानने वाले थे, कई बार कैंसर उन्हें हॉस्‍पीटल तक खींच लाया, लेकिन हर बार वो कैंसर को मात देकर घर लौट आया करते थे, लेकिन इस बार…यकीन नही होता, पर मौत एक सच्चाई है.

मैंने आलोक जी को तक़रीबन 2 महीने पहले फेसबुक पर रिक्वेस्ट भेजी थी, लेकिन वो आज भी पेंडिंग है और अब सदा पेंडिंग ही रहेगी. मैं आलोक जी को ज्यादा तो नहीं जानता, लेकिन जब उन्होंने अपने फेसबुक पर अपने कैंसर के बार में लिखा और ये भी कहा कि अब सिर्फ 3 महीने का मेहमान हूं, तब से मैं इस फियरलेस आदमी के बारे में जानने के लिए उत्सुक हो गया था. मैंने तभी फेसबुक पर आलोक तोमर जी को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दी थी, लेकिन शायद उनकी फ्रेंड लिस्ट में जगह न होने के कारण वो फ्रेंड रिक्वेस्ट आज भी पेंडिंग है और अब हमेशा पेंडिंग ही रहेगी.

मेरी कभी भी आलोक जी से बात नहीं हुई और ना ही मैं कभी उनसे मिल पाया. वेबसाइट पर पढ़कर ही मैंने उनके बारे में ज्यादा जाना. उनका लेख एकदम बेजोड़ था फियरलेस रिपोर्टिंग के लिए वो जाने जाते थे. ऐसे लोग हमारे बीच से जाते हैं तो बहुत दुःख होता है, पर प्रकृति का नियम है जो आया है उसे एकदिन जाना भी है. आलोक तोमर जी का जाना हिंदी पत्रकारिता के लिए एक बड़ा नुकसान है, शायद ही उनके जैसा फियरलेस पत्रकार दोबारा जन्म ले सके! आलोक तोमर जी को विनम्र श्रद्धांजलि. भगवान उनकी आत्मा को शांति दे.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

0 Comments

  1. Rahul

    March 21, 2011 at 6:14 pm

    [b]Bhagvan Aalok Ji Ki Aatma Ko Shanti De.[/b]

  2. Bhuvnesh

    March 21, 2011 at 6:15 pm

    SHAYAD Bhagvan Ko BHI AISE NIDAR PATRAKAR KI JARURAT HOGI…

    mAY THE SOUL WILL REST IN PIECE

  3. SUSHIL KUMAR

    March 21, 2011 at 6:17 pm

    Aalok ji apne blogs aor artilces ke jariye hmare bich sda jivit rhenge.

  4. sandip barot

    March 21, 2011 at 7:38 pm

    really good article…
    No one can replace “alok tomar sir” place in media industry… but ya we can try to keep them alive in us and follow their path to change our country. and path of “revolution”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास तक खबर सूचनाएं जानकारियां मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप चैनल से जुड़ें और नवीनतम खबरें पाएं : Bhadas Whatsapp

भड़ास लीगल टीम : किसी किस्म की लीगल हेल्प के लिए संपर्क करें- Bhadas Legal Team

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

Uncategorized

भड़ास4मीडिया का मकसद किसी भी मीडियाकर्मी या मीडिया संस्थान को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। हम मीडिया के अंदर की गतिविधियों और हलचल-हालचाल को...

हलचल

[caption id="attachment_15260" align="alignleft"]बी4एम की मोबाइल सेवा की शुरुआत करते पत्रकार जरनैल सिंह.[/caption]मीडिया की खबरों का पर्याय बन चुका भड़ास4मीडिया (बी4एम) अब नए चरण में...

Uncategorized

मीडिया से जुड़ी सूचनाओं, खबरों, विश्लेषण, बहस के लिए मीडिया जगत में सबसे विश्वसनीय और चर्चित नाम है भड़ास4मीडिया. कम अवधि में इस पोर्टल...