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अशोक अग्रवाल को चेयरमैन पद से हटाया गया?

अमर उजाला में आजकल खूब सरगर्मी है. हर शख्स कोई नई चर्चा लेकर हाजिर है. जितने मुंह उतनी बातें. ये चर्चाएं पिछले 48 घंटे से भड़ास4मीडिया के पास भी पहुंच रही है. पर कोई वरिष्ठ अधिकारी तस्दीक नहीं कर रहा है. पर कुछ न कुछ तो हुआ है जिससे हर ओर से धुआं उठता दिख रहा है. जो बातें पता चल रही हैं उसके मुताबिक पिछले दिनों दिल्ली में अमर उजाला के निदेशक मंडल की आपात बैठक बुलाई गई. 

अमर उजाला में आजकल खूब सरगर्मी है. हर शख्स कोई नई चर्चा लेकर हाजिर है. जितने मुंह उतनी बातें. ये चर्चाएं पिछले 48 घंटे से भड़ास4मीडिया के पास भी पहुंच रही है. पर कोई वरिष्ठ अधिकारी तस्दीक नहीं कर रहा है. पर कुछ न कुछ तो हुआ है जिससे हर ओर से धुआं उठता दिख रहा है. जो बातें पता चल रही हैं उसके मुताबिक पिछले दिनों दिल्ली में अमर उजाला के निदेशक मंडल की आपात बैठक बुलाई गई. 

बैठक में कंपनी ला बोर्ड का एक आब्जर्वर भी शामिल हुआ. बैठक में एकाउंट से जुड़े कुछ प्रस्ताव पारित कराए गए. इन प्रस्तावों का अशोक अग्रवाल और मनु आनंद ने विरोध किया पर बहुमत न होने के कारण उनके विरोध के बावजूद प्रस्ताव पारित हो गया. कई और प्रस्ताव पारित कराए जाने की भी चर्चा है. कुछ लोगों का कहना है कि अशोक अग्रवाल को इसी बैठक में चेयरमैन पद से हटाने का प्रस्ताव भी अतुल माहेश्वरी की तरफ से पारित करा दिया गया. अशोक अग्रवाल के पास केवल  17-18 फीसदी शेयर है और अतुल माहेश्वरी व राजुल माहेश्वरी का संयुक्त रूप से मेजारिटी स्टेक है. सो, कोई भी प्रस्ताव अतुल माहेश्वरी और राजुल माहेश्वरी पारित करा सकने में सक्षम है, लेकिन मामला कंपनी ला बोर्ड में होने के कारण सब कुछ सीएलबी के संज्ञान में लाकर कराना पड़ रहा है. कह सकते हैं कि सीएलबी की नजर अमर उजाला निदेशक मंडल की बैठक में होने वाली हर गतिविधि पर है.

उधर, बताया यह भी जा रहा है कि इस बैठक के बाद अतुल माहेश्वरी अमर उजाला के आगरा आफिस पहुंचे और वहां से कुछ दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया. पर कुछ लोगों का कहना है कि अमर उजाला, आगरा के सभी दस्तावेज पहले से ही अशोक अग्रवाल के पास थे, इसलिए अतुल माहेश्वरी को ले जाने के लिए कोई खास डाक्यूमेंट नहीं मिला. ऐसी भी चर्चा है कि अशोक अग्रवाल ने पिछले दिनों जो स्टे आर्डर सीएलबी से ले रखा था, वो अब वैकेट हो गया है. कुछ लोगों का कहना है कि अशोक अग्रवाल को अमर उजाला की यूनिटों में न घुसने देने का अघोषित निर्देश जारी कर दिया गया है. हालांकि इन समस्त अफवाहों और चर्चाओं की पुष्टि न तो अतुल माहेश्वरी कर रहे हैं और न ही अशोक अग्रवाल. पर इनके करीबी लोग कहते हैं कि कुछ न कुछ तो हुआ है, जिसके कारण सक्रियता एकदम से बढ़ गई है.

अगर आपके पास प्रिंट या इलेक्ट्रानिक मीडिया से जुड़ी कोई जानकारी है तो हम तक [email protected] के जरिए पहुंचा सकते हैं या फिर 09999330099 पर एसएमएस कर सकते हैं.

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0 Comments

  1. rakesh seth

    January 30, 2010 at 12:08 pm

    ek acche group ka durbhagya hai.

  2. ganesh

    January 30, 2010 at 2:25 pm

    mission gayab hai ab to,,,,,,,, sirf rupeeya hi sab hai……ye to hona hi tha…..kya akhbaar tha…..ab kya ho raha hai….????? sab larne m masgool hain yahan to….. kuch din akhbaar band kyun nahi kar dete ho….aaram se feshlaa karo na..

  3. gopal shukla

    February 2, 2010 at 4:25 pm

    is tarah se akhbar nahi chalega ye public hai sab janti hai

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