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दुख-दर्द

पीटीआई की कापी का एक साथी ने भेजा अनुवाद

शुक्रिया भाई. अनुवाद करके तुरंत भेजने के लिए. पर आपने अपना नाम न छापने और बताने को कहा है, सो, मैं नहीं बता रहा. पर आपके प्रति आभार जताने का हक तो है ही. साथी ने जो अनुवाद भेजा है, वह पूरा का पूरा यहां प्रकाशित किया जा रहा है. -यशवंत, भड़ास4मीडिया


शुक्रिया भाई. अनुवाद करके तुरंत भेजने के लिए. पर आपने अपना नाम न छापने और बताने को कहा है, सो, मैं नहीं बता रहा. पर आपके प्रति आभार जताने का हक तो है ही. साथी ने जो अनुवाद भेजा है, वह पूरा का पूरा यहां प्रकाशित किया जा रहा है. -यशवंत, भड़ास4मीडिया


दिल्ली हाईकोर्ट ने घूस कांड में सीबीआई की खिंचाई की

नई दिल्ली, 12 जनवरी (पीटीआई) दिल्ली हाईकोर्ट ने अमर उजाला की कब्जे की जंग में घूस देने के मुख्य आरोपी अतुल माहेश्वरी को बचाने की कोशिश करने के लिए सीबीआई की कड़ी आलोचना की है। अमर उजाला ग्रुप में कब्जे की लड़ाई में अतुल माहेश्वरी के पक्ष में फैसला देने के लिए घूस लेने के आरोप में सीबीआई कंपनी लॉ बोर्ड के चेयरमैन आर वासुदेवन और कंपनी सचिव मनोज बांथिया को गिरफ्तार कर चुकी है।

सुनवाई के दौरान न्यायाधीश वी के शाली की एकल जज पीठ ने 10 लाख रुपये की घूस के मामले में इसके स्रोत का पता नहीं लगाने के लिए सीबीआई की आलोचना की। “मैंने पूरी जांच रिपोर्ट देखी है। दस लाख रुपये घूस का स्रोत क्या है। क्या आपने पता लगाया”। कोर्ट ने सीबीआई से पूछा .. “मैंने पेज एक से 110 तक पूरी रिपोर्ट पढ़ ली। इसमें अंकुर चावला और अतुल माहेश्वरी के बारे में कुछ भी नहीं लिखा है। तब बताइए पैसे का स्रोत क्या है।’’ न्यायमूर्ति शाली ने पूछा- “आप रिसेप्शनिस्ट से पूछताछ रहे हैं, होटल के क्लर्क से लेकर नौकर तक से पूछताछ रहे हैं। आप हर उस आदमी से पूछताछ कर रहे हैं जिसकी इसमें कोई भूमिका नहीं है। जबकि टेलीफोन पर बातचीत की ट्रांसक्रिप्ट से साफ जाहिर है कि स्रोत क्या है। ’’

सीबीआई ने कहा कि जांच करीब-करीब पूरी हो चुकी है और वह जल्द ही आरोप पत्र दाखिल करेगी। कोर्ट वासुदेवन की तरफ से दाखिल जमानत याचिका की सुनवाई कर रहा था। वासुदेवन को सीबीआई ने 23 नवंबर को घूस लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित कर लिया है और गुरुवार को फैसला सुना सकता है। पिछली सुनवाई पर 22 दिसंबर को भी अदालत सीबीआई के इस केस में काम करने के तरीके की आलोचना कर चुकी है। कोर्ट ने कहा था कि इस तरह के आरोप लग रहे हैं कि जांच में पारदर्शिता और ईमानदारी नहीं बरती जा रही है।

सीबीआई ने दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई में कई ठिकानों पर छापे के बाद वासुदेवन और कंपनी सचिव मनोज बांथिया के खिलाफ आईपीसी और भ्रष्टाचार निरोधक कानून की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया था। सीबीआई ने अदालत के सामने दावा किया था क उसने वासुवेदन के घर से 55 लाख रुपये की नगदी बरामद की है, जिसमें अतुल माहेश्वरी की तरफ से दी गई घूस की रकम भी शामिल है। सीबीआई ने तलाशी  में कई दस्तावेज भी बरामद करने का दावा किया था।


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0 Comments

  1. lokpalsethi

    January 14, 2010 at 9:42 am

    I am nearly a regular reader, as it keep me posted about the developments in Hindi newpaper. why donot you take care of english newspaper?

  2. Brahma Nand Pandey

    January 14, 2010 at 3:40 pm

    Sach mai Amar Ujala ab Manu agrwal G kai pass hone chahiyai Brahma Nand Pandey Mau +919450437314

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