20 मार्च से बीबीसी रेडियो हिंदी सर्विस बंद

बड़ी खबर है. दुखद खबर है. और सच्ची खबर है. ब्रिटिश ब्राडकास्टिंग कारपोरेशन की तरफ से ऐलान कर दिया गया है कि रेडियो की हिंदी सर्विस को बंद किया जाएगा, 20 मार्च से. उर्दू सर्विस जारी रहेगी क्योंकि उर्दू का श्रोता वर्ग ग्लोबल है, पर हिंदी का श्रोतावर्ग दिनोंदिन सिकुड़ता जा रहा है और बीबीसी रेडियो की हिंदी सर्विस को सुनने वाले नाममात्र के ही लोग बचे हैं.

हालांकि कहने वाले ये भी कह रहे हैं कि ब्रिटेन में बजट कटौती का जो दौर चला है, उसमें बीबीसी के भी बजट में कटौती की गई है और बीबीसी ने रेडियो सर्विस को वेब व मोबाइल बेस्ड करने की तैयारी कर ली है क्योंकि बदले समय में रेडियो शार्टवेब सर्विस बहुत कम लोग सुनते हैं. आज लंदन में बीबीसी की तरफ से बीबीसी रेडियो की हिंदी सर्विस के बंद करने का ऐलान किया गया है. इसके वेब व मोबाइल वर्जन को जारी रखा जाएगा और इसी को भविष्य के लिहाज से डेवलप किया जाएगा.

माना जा रहा है कि इस फैसले से बीबीसी रेडियो की हिंदी सर्विस से जुड़े सैकड़ों जर्नलिस्ट बेरोजगार हो जाएंगे. ज्यादातर जर्नलिस्ट बीबीसी रेडियो से कांट्रैक्ट बेसिस पर जुड़े हुए हैं. बीबीसी रेडियो की हिंदी सर्विस के बंद होने से करोड़ों दिलों को झटका लगेगा. कई पीढियां इस रेडियो सर्विस को सुनकर बड़ी हुई हैं और कइयों की जिंदगी को इस रेडियो सर्विस ने संवारा है. बीबीसी रेडियो से जुड़े ढेर सारे लोग पत्रकारिता के आइकन बने. लखनऊ में रामदत्त त्रिपाठी हों या पटना में मणिकांत ठाकुर, दिल्ली में बस जाने वाले मार्क टुली हों या हाल में ही बीबीसी से जुदा होने वाले संजीव श्रीवास्तव, ऐसे सैकड़ों लोगों को बीबीसी ने जबरदस्त पहचान दी.

साथ ही बीबीसी रेडियो की हिंदी सर्विस ने समाचारों के शीघ्र अति शीघ्र जनता तक पहुंचाने के मामले में भी कई नए कीर्तिमान बनाने में सफलता हासिल की है. बहुत सारे लोगों के लिए बीबीसी रेडियो की हिंदी सर्विस के बंद होने की खबर एक झटके की तरह होगी लेकिन जो सच है, उसे कैसे छुपाया जा सकता है और कब तक छुपाया जा सकता है. अलविदा बीबीसी रेडियो की हिंदी सर्विस. अब जितने रोज बचे हैं, 20 मार्च होने में, उतने रोज सभी को बीबीसी रेडियो की हिंदी सर्विस सुनने का प्रयास करना चाहिए ताकि अपने एक समय के प्यार को जो अभी वर्तमान है, अतीत बनने से पहले फिर जिया जा सके. बीबीसी रेडियो की हिंदी सर्विस को लेकर अगर आपके दिल दिमाग में कोई तस्वीर, खयाल, संस्मरण आदि हो तो जरूर लिखकर भेजें, bhadas4media@gmail.com पर.

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Comments on “20 मार्च से बीबीसी रेडियो हिंदी सर्विस बंद

  • जय कुमार, चक्रधरपुर (झारखण्ड) says:

    दुखद खबर………
    खबर पर विश्वास करने को मन नहीं कर रहा है.

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  • Syed mazhar Husain Basti says:

    Sach me Bahut Dukhad khabar hai Grameen ilako me grameeno ko jabtak BBC ki khabar na sun lein Neend nahi aati hai aise me un srotaon ka kya hoga waise BBC ka yah faisla logo ki neend udaa dega

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  • media ko sabse pahle bbc ke rup me jana. viswas aur bharose ke es pratik ko badn hone ki khabar jhakjhor sa diya.media me hone ke bavjud bbc ke patrakaro ko dekhkar ek adarsh sa bhao utpan hota hai

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  • Indian Citizen says:

    क्या अजीब बात है, उर्दू वाले अधिक हैं और हिन्दी वाले कम. एक षड़यन्त्र है हिन्दी के विरुद्ध..

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  • madan kumar tiwary says:

    अत्यंत हीं दुखद खबर । बीबीसी हिंदी को बचपन से उसकी सही और तथ्य्पुर्ण खबरों के लिये सुनते थें। अब तो खैर रेडियों हीं नही रहा घर में। लेकिन अभी भी अपने गांव में रहने वाले चचेरे बडे भाई एक बहुत पुरानी रेडियो रखे हुये हैं , उनके लिये बीबीसी का रात्री समाचार सुनना धर्म बन गया है । कुछेक घटनाओं के लिये उस काल में जब टीवी गया जैसे शहरों में नही आया था , तब बीबीसी को सुना है । खबरों की सच्चाई जानने के लिये ।

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  • एक खबर ये भी है…

    [b]BBC to axe 650 after closure of world services[/b]

    The BBC World is to axe up to 650 jobs, after it announced the closure of its five international services — a move intended to save the corporation more than 46 million pounds a year.

    The five services to be axed are Albanian, Macedonian, Portuguese for Africa, and Serbian, as well as the English for the Caribbean regional service, a statement from the BBC World said yesterday.

    BBC Global News Director Peter Horrocks said that the closures weren’t a reflection on the performance of individual services, but were needed because of the scale of the cuts to its grant from the UK Foreign and Commonwealth Office.

    “It is simply that there is a need to make savings due to the scale of the cuts to the BBC World Service’s Grant-in-Aid funding from the UK’s Foreign & Commonwealth Office. We need to focus our efforts in the languages where there’s the greatest need and where we’ve the strongest impact,” he said.

    Horrocks is expected to announce that about 650 jobs will be lost over three years — one quarter of World Service staff of 2,000, the BBC reported.

    The announcement came just days after the corporation announced 360 online job losses.

    However, to protest the move, the National Union of Journalists has written to the chairman of House of Commons’ Foreign Affairs Committee Richard Ottaway and the chairman of Culture, Media and Sport Committee John Whittingdale, calling on them to review the BBC’s plans for “drastic cuts”.

    The BBC World Service, which started broadcasting in 1932, currently costs 272 million pounds a year, and has an audience of 241 million worldwide across radio, television and online.

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  • pankaj dubey says:

    ek din yh bhi sunnne ko milega ki hindi channl band ho rhe hai kiyoki english chnnl ko sab pasand karte hai usme laga paisa bade logo ka hai aur bade log akhir bade hi hote hai aajkal hindi to hidustan me na jaane kitne dino se apni bhasa ke liye ladai lad rhi hai khair vha to videsho ka hall hai bhai abhi to yh teler hai mitra film to baki hai mere dost

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  • BBC Hindi Seva Band Ho raha hai Mujhe to Yakin hi Nhi ho raha hai lekin yadi ye Baat Sach hai to Bahut hi Dukhad Khabar Hai karan Main Jab Se Hosh Sambhala hai ,BBC Hindi Ka Shrota raha hun.Karib 10 saal se Mumbai me Patrakarita Kar Raha hun lekin Aaj bhi Apne din ki Shuruat BBC Hindi Radio se karata hun Aur Raat ko Agar 10.30 baje tak ghar pahunchata hun to BBC Radio Jarur Sunata hun.Khabar jankar Aisa Laga Jaise 20 March se Mera Ek Sacha Saathi ,Margdarshak Hamesha-Hamesha ke Liye mujahase juda ho jayaega.

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  • आग लागई सरवन कैहियां। कौन नासपीटा बंद कै रहा है। याद आ रहा है बाबरी मस्जिद विध्‍वंस के वक्‍त रात में बीबीसी लगाकर गांव के लोग खबरें सुनते थे। बाद में बहुत बड़ा फैन हो गया था बीबीसी का1 खबर पढ़कर झटका लगा।

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  • santosh kumar says:

    main reporter hu lekin main ye batate hue bahut dukh ho rha hai ki ek to channel wale kam ka rs nhi dete hai.aur dusri baat ye ki channel ke malik us reporter ko bina bataye hata dete hai jo bahut hi dukhad hai.

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  • aur, ye bhi ek news hai….

    BBC to stop shortwave Hindi service

    New Delhi, Jan. 26

    BBC World Service will cease shortwave transmission of six services including Hindi and Nepali in March. This is part of the plan of the BBC to close five of the 32 world services language services that it currently operates. The Macedonian, Albanian and Serbian services, will be axed as will English for the Caribbean and Portuguese for Africa, in a bid to save £46 million annually, the Broadcaster said in a statement on its Web site. Radio programming in seven languages including Mandarin Chinese, Russian and Turkish among others will end as part of the programme, the statement said. “Staff have been informed that up to 650 jobs will be lost from a workforce of 2,400 over the next three years,” the statement adds. The service which started broadcasting in 1932 currently costs £272 million annually and has an audience of 241 million worldwide across radio, television and online. – Our Bureau

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  • yeh bakai dukahd hai. yeh sapno ke marne jaisa hai. Maine patrakar banne ka sapna bbc hindi sunne ke bad hi dekha tha. pata nahi aur kitne aise honge. khai bhar man se hi sahi hum is sachchai ko swikar kartian hain.
    Ajit kumar
    09897484703

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  • Aditya kumar jha says:

    खबर बहुत ही दुखद है। क्योकि बचपन से ही अपने दरबाजे पर अपने दादाजी के साथ 7.30 बजे शाम में प्रादेशिक समाचार सुनने के बाद बीबीसी सुनने के लिए बेकरार रहता था। खासकर दिल्ली से कुर्बान अली, रेहान फजल,लखनऊ से रामदत्त त्रिपाठी,पटना से मणिकांत ठाकुर का अपना अंदाज। सच कहें तो सही खबर के मामले में जिताना लोग बीबीसी पर विश्वास करते थे। उतना शायद ही किसी और एजेंसी की खबर पर किया जाता था। बीबीसी पर क्रिकेट की खबर जब रेहान फजल सुनाते थे मानो ऐसा लगता था जैसे खेल को वो रोमांच फिर से वापस आ गया है। मेरा मानना है कि सरकार को बीबीसी प्रबंधन से इस मामले पर एकबार बात करनी चाहिए। भले ही शहरों में इसके श्रोता कम हों लेकिन भारत के ग्रामीण इलाकों खासकर बिहार में तो इसके श्रोता आज भी किसी से कम नहीं है। मैं एक पत्रकार होने के नाते फिर से अपील करना चाहूँगा कि बीबीसी प्रबंधन अपने फैसले पर फिर से विचार करे।
    आदित्य कुमार झा…………..पटना

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  • परजीवी पत्रकार says:

    ;D अच्छा हुआ। कब तक लंदन के भरोसे हिन्दी का उद्धार होता देखते। यहीं हिन्दी का फैलाव हो तो अच्छा है। यूं भी यहां कमेट करने वाले कौन सा रेडियो पर बीबीसी सुना करते थे। मैं तो गांव में भी आजकल लोगों को टीवी देखता हुई पाता हूं।
    कब बंदरिया मरे बच्चे को चिपका कर घूमेगी?

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  • Durgesh singh says:

    ye sunakar aaghat sa laga…
    manikant thakur ho ya jaipur se naren bareth…sabhi ko sunakr bada hua hu or BBC hindi se hi patrkaar banane ki seekh le…. so sad

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  • @ Indian Citizen: The issue is that even if we consider, Magadhi, Rajasthani, Nimadi, Malwi, Bhojpuri as Hindi due to official reasons, the reality is that they are not exactly Hindi.

    Urdu has committed readers and viewers who even if they go to Timbaktu start a newspaper there and subscribe to Urdu dailies and magazines. Junoon ki baat hai.

    Just like TAMIL and the followers of Malayalam. Akashwani ki sanskrit wali Hindi ne sabse zyada nuksaan kiya hai. Log dar kar angrezi ki taraf bhaag gaye…

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  • Ye ek bad news hai. Kuch bhi bbc hindi ke band hone ka karn short wave par conjection ke karan zayada logo tak ye sewa nahi pahuch pati thi mai khud ise hafte me kewal do char din hi saaf sun pata tha agar iska broadcast fm band kiya gaya hota to ye naubat nahi aati. Filhal jo internet ke jamane me mai aaj bhi bbc hindi ka listner hoon. Aisa lag raha ho koi bahut kareebi ho aur use blood cancer ho gaya ho aur doctro ne jabab de diya ho …..

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  • संजीव आचार्य एफ 3/5 ऋषि नगर उज्जैन(म.प्र.) says:

    26.3.2011 से बीबीसी समाचार बन्द होने से मेरे मन को बहूत दुखःहुआ मे रात्री 10.30 पर समाचार सुनने आदि हो गया था जब तक समाचार नहीँ सुनता तब तक मे सो नहीँ पाता अभी भी लगता है कही दूर समाचार कि आवाज आ रही है।

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