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सम्मान

हाशिए पर पहुंच चुके वर्ग की सुध लें : शोमा चौधरी

शोमा और मोनलिसा को दिया गया चमेली देवी पुरस्कार : वर्ष 2009 का चमेली देवी जैन पुरस्कार ‘तहलका’ की प्रबंध संपादक शोभा चौधरी और ‘नागालैंड पेज’ की संस्थापक संपादक मोनलिसा चांगकिजा को प्रदान किया गया। इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के सभागार में मीडिया फाउंडेशन की ओर से यह पुरस्कार देविका जैन ने प्रदान किया। पुरस्कार लेते हुए शोमा चौधरी ने कहा कि अंग्रेजी की होड़ और भूमंडलीकरण की आंधी में जो एक बड़ा वर्ग हाशिए पर चला गया है आज उसकी सुध लेने की जरूरत है। इस लिहाज से पत्रकारों का दायित्व और बढ़ जाता है।

<p align="justify"><font color="#003366">शोमा और मोनलिसा को दिया गया चमेली देवी पुरस्कार : </font>वर्ष 2009 का चमेली देवी जैन पुरस्कार 'तहलका' की प्रबंध संपादक शोभा चौधरी और 'नागालैंड पेज' की संस्थापक संपादक मोनलिसा चांगकिजा को प्रदान किया गया। इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के सभागार में मीडिया फाउंडेशन की ओर से यह पुरस्कार देविका जैन ने प्रदान किया। पुरस्कार लेते हुए शोमा चौधरी ने कहा कि अंग्रेजी की होड़ और भूमंडलीकरण की आंधी में जो एक बड़ा वर्ग हाशिए पर चला गया है आज उसकी सुध लेने की जरूरत है। इस लिहाज से पत्रकारों का दायित्व और बढ़ जाता है। </p>

शोमा और मोनलिसा को दिया गया चमेली देवी पुरस्कार : वर्ष 2009 का चमेली देवी जैन पुरस्कार ‘तहलका’ की प्रबंध संपादक शोभा चौधरी और ‘नागालैंड पेज’ की संस्थापक संपादक मोनलिसा चांगकिजा को प्रदान किया गया। इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के सभागार में मीडिया फाउंडेशन की ओर से यह पुरस्कार देविका जैन ने प्रदान किया। पुरस्कार लेते हुए शोमा चौधरी ने कहा कि अंग्रेजी की होड़ और भूमंडलीकरण की आंधी में जो एक बड़ा वर्ग हाशिए पर चला गया है आज उसकी सुध लेने की जरूरत है। इस लिहाज से पत्रकारों का दायित्व और बढ़ जाता है।

दीमापुर से निकलने वाले अखबार ‘नागालैंड पेज’ की मोनलिसा ने कहा कि हमें क्षेत्रवाद और भाषाई भेदभाव से ऊपर उठकर राष्ट्रीय एकता के लिए पत्रकारिता करनी होगी और पत्रकारों को दूर-दराज के गांवों की आवाज भी उठानी होगी। इस मौके पर पत्रकारिता में जनसंपर्क एजंसियों के हस्तक्षेप पर आयोजित चर्चा में भाग लेते हुए पंकज पचौरी ने कहा कि पत्रकारिता के लिए जनसंपर्क एजंसियों के खतरे की चर्चा की। दिलीप चेरियन का कहना था कि जनसंपर्क एजंसियों का अपना महत्व है। वरिष्ठ पत्रकार विनोद मेहता ने कहा कि पत्रकारों को जनसंपर्क एजंसियों की ओर से मुहैया कराई गई जानकारियों का विवेक के अनुसार उपयोग करना चाहिए।

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