हरिभूमि के 32 लोग थाइलैंड के लिए रवाना

हरिभूमि के पत्रकारों का एक अध्ययन दल थाइलैंड की यात्रा पर रवाना हो गया है. जाने से पहले बिलासपुर प्रेस क्लब में एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया.

बिलासपुर से अध्ययन दल बुधवार की रात ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस से कोलकाता के लिए रवाना हुआ. अध्ययन दल कोलकाता से विमान द्वारा थाइलैंड के लिए उड़ान भरेगा. अध्ययन दल 9 दिवसीय यात्रा के बाद 19 नवंबर को वापस बिलासपुर आएगा. इस अवसर पर हरिभूमि परिवार के सदस्यों ने अध्ययन दल के सदस्यों को विदाई दी. थाइलैंड जा रहे हरिभूमि के अध्ययन दल में पूरे राज्य के 32 सदस्य हैं. इसमें हरिभूमि के प्रबंध संपादक डा. हिमांशु द्विवेदी, हरिभूमि बिलासपुर के स्थानीय संपादक प्रवीण शुक्ला, रायपुर के एडिटोरियल हेड चंद्रकांत शुक्ला, यूनिट हेड अनिल गहलावत, बिलासपुर के यूनिट हेड प्रियंक सिंह परिहार, रायपुर से संजय बनवासी, वीरेंद्र सोनी, कमल बांदर, कुलदीप शर्मा, प्रशांत अवस्थी, भिलाई से अखिलेश तिवारी, आलोक तिवारी, विजय मंडल, दुर्ग से अजय बेहरा, राजनांदगांव से सचिन अग्रहरि, धन्य कुमार जैन, कवर्धा से महेश मिश्रा, राजिम से श्याम किशोर शर्मा, जगदलपुर से नरेश कुशवाहा, सुकमा से लीलाधर राठी, बिलासपुर से प्रवीण बसंल, रामेश्वर सोनी, ज्याति बाजपेई श्रवण नामदेव, नवीन त्रिहान, अरूण ज्योतिषी, कोरबा से सुवेंदू सीट, जांजगीर से नरेंद्र चौहान, शैलेष कुमार शर्मा, थान खम्हरिया से चंदन अग्रवाल, मुंगेली से जय कुमार ताम्रकार और पंडरीपानी से विनोद शर्मा थाइलैंड की यात्रा पर रवाना हो रहे हैं.

अध्ययन दल के थाइलैंड की यात्रा पर जाने के पहले प्रेस क्लब में आयोजित सम्मान समारोह में विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि विदेश यात्रा से सोच का दायरा बढ़ता है और बहुत सी नई जानकारियां मिलती हैं. इन जानकारियों और अध्ययन का उपयोग प्रदेश के विकास के लिए किया जा सकता है. विदेश जाने वाले सभी ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के पत्रकार वहां से हमारे प्रदेश के लिए विकास और सुधार लेकर वापस आएं और प्रदेश के विकास को नई दिशा दें. श्री कौशिक ने कहा कि एक ही जगह रहते रहते हमारी सोच का दायरा सीमित हो जाता है, विदेश यात्रा से इसमें व्यापक बदलाव आता है और कल्पना को नई दिशा मिलती है, देश से बाहर जाने पर नई संस्कृति और सभ्यता को देखने व समझने का अवसर मिलता है साथ ही नए अनुभव प्राप्त होते है.

श्री कौशिक ने हरिभूमि की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस पत्र समूह द्वारा पिछले दो वर्षों से शुरू की गई परंपरा अनुकरणीय है. श्री कौशिक ने विदेश जाने वाले पत्रकारों को शुभकामना देते हुए कहा कि वे विदेश से देश और प्रदेश के लिए विकास और सुधार की अवधारणा लेकर आएं. इस अवसर विशिष्ठ अतिथि के रूप में उपस्थित विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि विदेश जाने से यहां के लोगों को यह जानकारी होती है कि उनकी अपनी संस्कृति का स्थान कितना ऊंचा है. उन्होंने कहा कि विदेश यात्रा करने से मन की झिझक भी दूर होती है. श्री सिंह ने कहा कि हरिभूमि ने ग्रामीण क्षेत्रों के पत्रकारों को विदेश यात्रा कराने की सराहनीय पहल की है. श्री सिंह ने अध्ययन के लिए जाने वाले पत्रकारों की सुखद यात्रा की कामना की. कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही महापौर वाणी राव ने कहा कि आज  ग्लोबल विलेज की चर्चा हो रही है ऐसे युग में पत्रकारिता का भी स्वरूप बदलने की आवश्यकता है. ऐसे में हरिभूमि ने शहरी और ग्रामीण पत्रकारों को विदेश की सीमा तक ले जाने की जो पहल की है, वह सराहनीय है. इस अवसर पर बिलासपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष शशिकांत कोन्हेर ने भी अपने विचार व्यक्त किए.

कार्यक्रम में हरिभूमि के प्रबंध संपादक डाक्टर हिमांशु द्विवेदी ने कहा कि अध्ययन के लिए हरिभूमि ने विदेश यात्रा की परंपरा दो साल पहले शुरू की. उन्होंने कहा कि अध्ययन के लिए थाईलैंड का चयन इसलिए किया गया है, क्योंकि यह देश राजनैतिक अस्थिरता का शिकार है, इसके बाद भी वहां के लोग राजा का अदभुत सम्मान करते हैं. दुकानों व लोगों के घरों में राजा या उनके परिवार के सदस्यों की तस्वीर लगी होती है. डा. द्विवेदी ने बताया कि अध्ययन के लिए इस बार फुकेट द्वीप का चयन विशेष रूप से किया गया है. यह क्षेत्र पिछले दिनों सुनामी के चलते तबाह हो गया था. यहां की यात्रा से विकास की गति के अलावा लोगों के जीवन को करीब से देखने सुनने का मौका मिलेगा.

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, विधायक धर्मजीत सिंह और महापौर वाणी राव ने सभी विदेशयात्रा जाने वाले दल के सदस्यों को सम्मानित किया. कार्यक्रम में हरिभूमि परिवार की ओर से सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया. कार्यक्रम का संचालन पत्रकार राजकुमार सोनी ने किया. अंत में हरिभूमि के मुख्य महाप्रबंधक अंचित्य महेश्वरी ने सभी को यात्रा की शुभकामनांए देते हुए आभार प्रकट किया. सम्मान समारोह के अवसर पर हरिभूमि के मुख्य महाप्रबंधक अंचित्य माहेश्वरी, समाचार संपादक ज्ञान अवस्थी, नगर समाचार प्रमुख व्योमकेश त्रिवेदी, प्रांतीय प्रभारी अजय तिवारी, कौशल मिश्र सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित थे. कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही बिलासपुर की महापौर वाणी राव ने कहा कि लेखक परिचय का मोहताज नहीं होता. लेखक को यह पता नहीं होता कि उन्हें कितने लोग पढ़ने वाले है और बहुत से उनके फैन भी हैं. श्रीमती राव ने विदेश यात्रा पर जाने वाले पत्रकारों को शुभकामनाएं दीं.

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Comments on “हरिभूमि के 32 लोग थाइलैंड के लिए रवाना

  • dhanish sharma says:

    chalo muft main ghumna ka moka to mila.varna repoter ki jindgi main khushi k pal hota hi kitna hain.have a nice journey.

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  • sir ji..

    aaj aapke naye music portal mein mast mast gaane sune.. bada maja aaya.. purani yaadein taja hue…

    lekin is article ke sandarv mein bas itna hi kehna chaoonga ki thoda edit karen… kyonki aapka portal kewal patrakar bhai hi nahi.. aane wali patrkaar peedhi ki reedh ki haddi ban chuki hai..bhadas4media…

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  • Chhattisgarh ke tamaam I A S afsar trening ke liye videshon me jaate hain, 1 afasar ne mujhe bataya tha ki jaisa dakshin koriya ka SEOL city tha, vaisa to shaayad pure desh me 1 bhi shahar nahin hai. pradesh ki tasweer badalne ka adhikaar jin hathon me hai, jab ve hi kuch nahin kar sakte to yah team adhyayan karke kaun sa sudhaar layegi. jitne log thailand gaye hain, unme Editor, reporter, marketing, prasaar wale aur ajent shaamil hain, to kya wahaan ye kisi akbaar ki policy ka adhyayan karenge !!!!! baharhaal yatra par jane wale mitron ko badhaai.

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  • balram shrivas says:

    शर्मा जी इतना तो समझो कि कहीं जाने का मौका तो कोइ ग्रुप दे रहा है |वर्ना अखबार वाले पत्रकारो से चवन्नी चोर का काम जीवन भर कराते हैं और अमरकंटक तक घुमाने नहीं भेजते| और इस देश का जीवन जितना कठिन है उतना ही जन प्रयासो से उसे सुगम बनाया जा सका वह काम का है या नहीं|भला हो दिवेदी जैसे पत्रकार हितवा का|

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  • ek hamaare bhai-bandhu likha hai ki akhbar kisi ko chavanni nahin dete. yah baat sahi hai, lekin yah bhi sahi hai ki thailand jaane vaale teem ke logon se puchaa ja sakta hai ki unki jeb kitni dhili ho rahi hai. teem ke ek sadasy ne bataya tha ki das hazaar se adhik rashi unki khud ki kharch ho gai hai aur haribhoomi, yatra ko lekar apni peeth thapa-thapa rahi hai.
    doosri baat, teem me jaane valon ki. bhala prasar, agent aur marketing mein kam karne vaale kuch sadasy kis chij ka adhyayan karenge. yah sochne vaali baat hai.

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