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दुख-दर्द

रिपोर्टर और फोटोग्राफर पर नेता ने किया हमला

फटा तिरंगासीएनईबी न्यूज चैनल के फरीदाबाद ब्यूरो के रिपोर्टर दीपक भाटिया और दैनिक जागरण, फरीदाबाद के फोटो जर्नलिस्ट योगेश गौतम पर जानलेवा हमला होने की खबर है। ये दोनों एक नेता के आफिस पर लगे फटे राष्ट्रीय ध्वज की तस्वीर ले रहे थे और वीडियोग्राफी कर रहे थे। इसी दौरान आरोपी नेता अपने दल-बल के साथ पहुंचा और इन दोनों पर हमला बोल दिया। कैमरा व वीडियो कैमरा तोड़ डाला। मारपीट की और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गालियां दी।

फटा तिरंगासीएनईबी न्यूज चैनल के फरीदाबाद ब्यूरो के रिपोर्टर दीपक भाटिया और दैनिक जागरण, फरीदाबाद के फोटो जर्नलिस्ट योगेश गौतम पर जानलेवा हमला होने की खबर है। ये दोनों एक नेता के आफिस पर लगे फटे राष्ट्रीय ध्वज की तस्वीर ले रहे थे और वीडियोग्राफी कर रहे थे। इसी दौरान आरोपी नेता अपने दल-बल के साथ पहुंचा और इन दोनों पर हमला बोल दिया। कैमरा व वीडियो कैमरा तोड़ डाला। मारपीट की और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गालियां दी।

संबंधित तस्वीर व खबर कहीं प्रकाशित होने पर जान से मारने की धमकी भी दी। दीपक और योगेश ने थाने जाकर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी है। रिपोर्ट दर्ज करने के लिए जो तहरीर थाने में दी गई उसे यहां हू ब हू पेश किया जा रहा है-


सेवा में

डीएसपी हेडक्वार्टर

फरीदाबाद

विषय : फटे राष्ट्रीय ध्वज की फोटो खींच रहे और वीडियो रिकार्डिंग कर रहे फोटो जर्नलिस्ट व एक न्यूज चैनल के संवाददाता के साथ मारपीट करने, जान से मारने की धमकी देने और जाति सूचक अपशब्द कहने व कैमरा तोड़ने के संबंध में।

महोदय,

मैं योगेश गौतम, फरीदाबाद दैनिक जागरण, राष्ट्रीय दैनिक में फोटो जर्नलिस्ट पद पर कार्यरत हूं। आज बुधवार को मैं दीपक भाटिया सीएनईबी न्यूज चैनल के रिपोर्टर के साथ बड़खल-पाली रोड की तरफ जा रहा था। रास्ते में हमने देखा कि आजाद सिंह चामुंडा जो कि एक राजनैतिक पार्टी से जुड़ा हुआ है, उसके कार्यालय पर फटा हुआ राष्ट्रीय ध्वज लहरा रहा था। मैं राष्ट्रीय ध्वज की फोटो खींचने लगा और दीपक भाटिया अपने वीडियो कैमरे से इसकी रिकार्डिंग करने लगा। इसी दौरान वहां पर आजाद सिंह चामुंडा आधा दर्जन से अधिक अपने साथियों के साथ आया और हमें फोटो खींचने और वीडियोग्राफी करते देख गाली-गलौच करने लगा। इसके बाद उसने हमारे कैमरे छीनने की कोशिश की तो हमने कहा कि ऐसा न करें, इस पर उसने हमारे साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी देते हुए हमारे कैमरे छीन लिए। वीडियो कैमरे से कैसेट न निकलते देख उसने सड़क पर पटक कर उसे तोड़ दिया। इसके बाद आजाद सिंह चामुंडा और उसके आधा दर्जन से अधिक साथियों ने हमें चप्पलों से पीटा और मुझे जाति सूचक अपशब्द कहे। उसने मेरे व मेरे परिवार को चमार आदि जैसे जातिसूचक अपशब्द कहे और धमकी दी कि साले चमार के यदि यह फोटो कहीं भी छपी तो तुझे व तेरे पूरे परिवार को जान से मार दूंगा। जैसे-तैसे हम दोनों वहां से जान बचा कर भागे।

महोदय, आपसे प्रार्थना है कि हमारे उपर किए गए हमले, दलित उत्पीड़न एक्ट, जान से मारने की धमकी और राष्ट्रीय ध्वज अपमान अधिनियम आदि के तहत आजाद सिंह चामुंडा व उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर हमें न्याय प्रदान करें।

दिनांक- 04-03-09

प्रार्थी

योगेश गौतम- फोटो जर्नलिस्ट, दैनिक जागरण

दीपक भाटिया- रिपोर्टर, सीएनईबी न्यूज चैनल


संबंधित मामले से जुड़े दस्तावेज देखने के लिए क्लिक करें- मीडिया की सक्रियता से खफा नेता ने हमला बोला
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0 Comments

  1. Umesh Kumar

    December 31, 2011 at 7:00 pm

    फर्जी पत्रकार से मिडिया जगत को बड़ा खतरा :– 31.12.2011
    धनबाद जिस तरह से आये दिन एक नए टीवी चैनल खुल रहे है और हर टीवी चैनल की लगभग एक ही मनसा होती है हर राज्य से ज्यादा से ज्यादा धन कमाना, एसे में हर टीवी चैनल अपने अपने जिले में रिपोर्टर उतार रहे है जो ज्यादा तर पांच से आठ हजार के सेलेरी पे काम में लग जाते है और इन रिपोर्टरों का एक ही मनसा होती है की हर हाल में चैनल के लोगो को भांजा कर किसी भी तरह हे अवैध वसूली की जाये, इस के लिए जिला के रिपोर्टर अपने हर प्रखंड में फर्जी रिपोर्टर तैयार करते है जिनको उन्हें पैसे नहीं देना पड़ता है. इन बेचारो को तो बस किसी चैनल का नाम ही काफी है सो जिले के रिपोर्टर इसका भरपूर फ़ायदा उठाते है, लेकिन ए फर्जी रिपोर्टर एसे जगह की तलास में रहते है जहा कुछ गलत हो रहा हो, और वे भी खबर के लिए नहीं सिर्फ अवैध वसूली के लिए. जिसका कुछ हिसा अपने जिला संवादाता को देते है,ए फर्जी संवादाता को कोई डिग्री की जरुरत नहीं होती इन्हें तो बस दस से बारह हजार रूपये के विडियो केमरा खरीदना होता है, केमरा लिए और बन गए रिपोर्टर. फिर क्या ए किसी भी जगह बे हिचक चले जाते है और मिडिया को धोस जमाते है, कभी कभी तो किसी भी अधिकारी से बेतुका सवाल कर बैठते है जिसका कोई मतलब नहीं बनता, एसे में वहा मौजूद वरिष्ट पत्रकारों को इनके वजह से सर्मिंदगी उठानी पड़ती है, इतना ही नहीं ए जनाब अपने अवैध वसूली के लिए तो किसी से भी उलझ जाते है आखिर मिडिया से है सो कोई भी इनके खिलाप जाने में कतराते है, एसे में लोगो के अन्दर हर मिडिया कर्मी के प्रति एक हिन् भावना पनपती है जो आने वाले समय में मिडिया जगत को एक बड़ा खतरा है , हर न्यूज़ चैनल को चाहिए की वे अपने चैनल के संवादाता को चुने तो उने बारे में गंभीर जाँच करे और ए सक्त हिदायत दे की आप अपने तरफ से कोई भी क्षेत्रिये पत्रकार को न बहाल कर सके, ताकि मिडिया की गरिमा बची रहे /
    केवल धनबाद में.
    (1) कशिश न्यूज़ के लिए आठ फर्जी रिपोर्टर है
    (2) मौर्य न्यूज़ के लिए पांच फर्जी रिपोर्टर है
    (3) महुआ न्यूज़ के किये पांच फर्जी रिपोर्टर है
    (4) इसी तरह इंडिया न्यूज़ के लिए चार फर्जी रिपोर्टर है
    (5) जबकि न्यूज़ 11 के लिए तो सबसे अधिक जिले में 17 फर्जी रिपोर्टर है /
    (6) जबकि हर चैनल वाले इस क्षेत्र में एक से दो रिपोर्टर को ही रखा है
    एक संवादाता

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