मुंबई में थाने में पत्रकारों से हैवानियत

[caption id="attachment_15430" align="alignleft"]मोहम्मद खालिदमोहम्मद खालिद[/caption][caption id="attachment_15431" align="alignright"]अब्दुल बाकी अंसारअब्दुल बाकी अंसार[/caption]नशे में धुत्त थे पुलिस वाले : मुंबई में भिवंडी पुलिस स्टेशन के आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों ने नशे में धुत्त होकर बीती रात एक घटना की कवरेज कर रहे दो पत्रकारों को पट्टों से इतना पीटा कि उन्हें अस्पताल में दाखिल कराना पड़ा। पुलिस की हैवानियत से पत्रकारों में भारी रोष है। कोई सुनवाई न होने पर रात चार बजे थाने के सामने पत्रकारों को धरना देना पड़ा। डीसीपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। सहारा मुंबई के रिपोर्टर दानिश आजमी ने बताया कि स्थानीय न्यूज चैनल ‘आपकी आवाज’ के रिपोर्टर अब्दुल बाकी अंसारी और मोहम्मद खालिद को 2-3 अगस्त की रात सूचना मिली कि भिवंडी थाने के शांति नगर इलाके में एक लड़की का अपहरण हो रहा है। अपहर्ता लड़की को लेकर भाग रहे हैं। दोनों रिपोर्टर तत्काल कवरेज के लिए मौके पर पहुंच गए। दोनों ने ज्यों ही घटना को शूट करने की कोशिश की, पुलिसकर्मियों ने दोनों के कैमरे छीन कर जमीन पर पटक दिए और मां-बहन की गालियां देने लगे। इतना ही नहीं, नशे में धुत्त पुलिसकर्मी दोनों रिपोर्टरों को धकेलते हुए भिवंडी स्टेशन ले आए और अंदर बंद कर पट्टे से जमकर पिटाई की। 

पुलिस ने फोटोग्राफर का हाथ और कैमरा तोड़ा

दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पत्रकार आईजी से मिले : फरीदाबाद में संजय कालोनी पुलिस चौकी के सामने हुई पथराव-हिंसा की घटना में पुलिस लाठीचार्ज में गंभीर रूप से घायल हुए प्रेस फोटोग्राफर नवीन शर्मा के मामले में हरियाणा पत्रकार संघ के बैनर तले पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल आईजी पीके अग्रवाल से मिला। पत्रकारों ने नवीन शर्मा की बर्बरतापूर्वक पिटाई करने के आरोपी पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई जिला प्रधान नवीन धमीजा ने की। ज्ञात रहे कि गौच्छी गांव के लोगों ने पिछले दिनों संजय कालोनी पुलिस चौकी पर एक युवक की पिटाई के मामले में कार्रवाई न होने पर जमकर हंगामा किया था।

डीएम ने टीवी जर्नलिस्टों से की बदसलूकी

[caption id="attachment_15389" align="alignleft"]मोहम्मद खालिकमोहम्मद खालिक[/caption][caption id="attachment_15390" align="alignright"]अरशद जमालअरशद जमाल[/caption]कैमरा तोड़ा, पीड़ित पत्रकारों ने प्रेस परिषद, सीएम और मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखा : मैनपुरी (उत्तर प्रदेश) के जिलाधिकारी (डीएम) सच्चिदानंद दुबे को इतना गुस्सा आया कि उन्होंने एक सैन्य प्रकरण में इटावा से कवरेज करने पहुंचे रिपोर्टरों से गाली-गलौज करने के साथ ही उनका कैमरा भी जमीन पर पटक कर तोड़ दिया। 30 जुलाई 09 को यह वाकया स्टार न्यूज के रिपोर्टर मोहम्मद खालिक, एनडीटीवी के रिपोर्टर अरशद जमाल और पैगाम-ए-उर्दू के संवाददाता हाशिम ऐजाज के साथ हुआ। पीड़ित पत्रकारों ने प्रेस परिषद, मानवाधिकार आयोग और उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती से घटनाक्रम की लिखित शिकायत करते हुए तत्काल उचित कार्रवाई की गुहार लगाई है। उत्तर प्रदेश में इन दिनों मीडिया कर्मियों के साथ अफसरों और सत्ताधारी नेताओं की बदसुलूकियां वैसे भी आए दिन की बात हो चली हैं। हाल ही में हरदोई जिले की घटना ने तो पूरे मीडिया जगत को झकझोर दिया था, जब बसपा विधायक और पुलिस की सांठ-गांठ से दो पत्रकारों को जिंदा जलाने की कोशिश की गई थी। और तो और प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक में पत्रकार प्रदेश सरकार और उच्चाधिकारियों की मनमानी से इन दिनों काफी परेशान हैं। छोटे शहरों में तैनात बड़े अधिकारी पत्रकारों के साथ आए दिन किस तरह की मनमानी कर रहे हैं, इसका अंदाजा ऐसे इलाकों के हर उस पत्रकार से लगाया जा सकता है, जो चाहे चैनल से जुडा हो या समाचार पत्र से।

पत्रकारों पर हमले के पीछे लकड़ी माफिया

[caption id="attachment_15308" align="alignnone"]जांच दलहरदोई के पत्रकारों के जांच दल को सच्चाई बताते गांव के लोग[/caption]

पत्रकारों पर हमले की जांच : हरदोई जिले के गांव करडई नकतौरा में दो पत्रकारों को जिंदा जलाने की कोशिश का मामला और सरगर्म हो उठा है। उस वहशियाना घटनाक्रम के पीछे पुलिस, प्रधान और लकड़ी माफिया के काले कारनामे प्रकाश में आए हैं। पता चला है कि विधायक का भाई पूरे इलाके में लकड़ी माफिया का सरदार बना बैठा है। चार अवैध आरा मशीनों में एक प्रधान के भाई की भी है। पत्रकारों के एक दल ने पूरे घटनाक्रम की मौके पर गहराई से छानबीन के बाद जिला प्रशासन को चौबीस घंटे का अल्टीमेटम दिया है। डीएम, एसपी को चेतावनी दी गई है कि दर्ज रिपोर्ट के अनुसार कठोर कदम उठाने में पुलिस ने कोई हीलाहवाली की तो इसके नतीजे अच्छे नहीं होंगे।

पत्रकारों को जिन्दा जलाने की कोशिश

[caption id="attachment_15293" align="alignleft"]पीड़ित पत्रकारपीड़ित पत्रकार विनोद मिश्रा और श्रीप्रकाश बाजपेयी[/caption]विधायक संरक्षित गुंडों को बचाने में जुटी है पुलिस : हरदोई जिले के पाली इलाके में दैनिक जागरण के लिए रिपोर्टिंग करने वाले विनोद मिश्रा और आज अखबार के लिए काम करने वाले प्रकाश बाजपेयी को जिंदा जलाकर मार डालने की कोशिश की गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है। भड़ास4मीडिया को मिली जानकारी के अनुसार ये दोनों पत्रकार इलाके के एक गांव करडई नकतौरा में नरेगा व अन्य विकास कार्यों की हकीकत जानने के लिए मोटरसाइकिल से पहुंचे थे। इन्हें गांव वालों ने ही बुलाया था। जब ये दोनों गांव से लौट रहे थे तो ग्राम प्रधान व उसके गुर्गों ने इन्हें घेर लिया। पहले तो जम कर पिटाई की। फिर इन पर जला मोबिल आयल उड़ेल कर जिन्दा फूंकने का प्रयास किया। यह तो गनीमत थी की उसी समय पानी बरस जाने से हमलावरों की माचिस गीली हो गयी। कहा जा रहा है कि पत्रकारों को जिंदा फूंकने की मंशा इन्द्र देव ने पूरी नहीं होने दी। इस बीच कुछ लोग वहां आ गए। इनके ललकारने पर हमलावर घायल पत्रकारों को छोड़ कर भाग निकले। घटना की जानकारी जैसे ही मुख्यालय तक पहुंची, जिले के पत्रकारों ने पुलिस पर तुरंत दबाव बनाया। पुलिस ने मौके पर जाकर एक आरोपी को हिरासत में ले लिया।

दैनिक जागरण के फोटोग्राफर पर अटैक

[caption id="attachment_15249" align="alignleft"]रवि बघेलरवि बघेल[/caption]इटावा में दैनिक जागरण के फोटोग्राफर रवि बघेल को हमालवरों ने उस समय घायल कर उनका कैमरा भी क्षतिग्रस्त कर दिया, जब वह एक बस दुर्घटना की मौके पर फोटो खींच रहे थे। भड़ास4मीडिया को मिली जानकारी के अनुसार सिविल लाइन क्षेत्र के सराय दयानत में संत विवेकानन्द स्कूल की बस रोजाना की तरह जब बच्चों को लेने जा रही थी कि अचानक एक महिला को टक्कर मारने के बाद पलट गयी। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे रवि बघेल दुर्घटनाग्रस्त बस और भीड़ से पिट रहे बस ड्राइवर की फोटो खींचने लगे। तभी उन पर कुछ लोग हमलावर हो गए।

सूचना के अधिकार कार्यकर्ता पर हमला

[caption id="attachment_15229" align="alignnone"]हमलाअस्पताल में भर्ती सुरेश बंजन[/caption]

मुंबई में सूचना के अधिकार से जुड़े कार्यकर्ता सुरेश बंजन पर गुण्डों ने जानलेवा हमला किया। मुंबई के बाहर शायद ही कोई उन्हें जानता हो लेकिन मुंबई में वह लंबे समय से सूचना के अधिकार और झोपड़पट्टियों के लिए काम करते रहे हैं। उन्होंने विकास परियोजनाओं की आड़ में बिल्डरों के कई नाजायज धंधों को उजागर किया है। उन्होंने शहर के भू-माफिया से जुड़ी कई जानकारियों का पता-ठिकाना ढ़ूंढ़ लिया था। इसी से उन पर हमले की आशंकाएं बढ़ गईं थीं। 

पत्रकारों का स्टिंग कर रही माया सरकार

[caption id="attachment_15195" align="alignnone"]खुफिया कैमरालखनऊ स्थित एनेक्सी के मीडिया सेंटर में लगा खुफिया कैमरा[/caption]

यह स्तब्धकारी है। अलोकतांत्रिक है। कोई सरकार पत्रकारों का ही स्टिंग कराए, यह सचमुच अविश्वसनीय है। पर यह हो रहा है। यह कर-करा रही है यूपी की माया सरकार। मीडिया को नापसंद करने वाली और चौथे खंभे का मुंह बंद करने में विश्वास रखने वाली माया सरकार के निशाने पर कब कौन चढ़ जाए, कहना मुश्किल है। लेकिन इस बार तो हद ही हो गई। मीडिया पर हमला बोल दिया गया है।

बदतमीज दरोगा को पत्रकारों ने सबक सिखाया

अप्लीकेशनआजकल जिसे देखो वही कलम-कैमरे से चिढ़ा हुआ है और कलम-कैमरेवालों से पंगा लेने के मूड में बैठा है। अलीगढ़ में एक थाने में पिटाई का सीन क्या शूट कर लिया, दरोगा महोदय के दिमाग का तनाव सातवें आसमान पर पहुंच गया और रिपोर्टर से करने लगे बदतमीजी। कैमरा छीन कर दरोगा जी ने तोड़ डाला। मीडियाकर्मी से बदसलूकी की खबर सुनकर जिले भर के मीडियावाले थाने इकट्ठे हो गए और विरोध जताने लगे। मीडियाकर्मियों के आक्रोश को शांत करने के लिए एसपी सिटी मान सिंह चौहान को थाने पहुंचना पड़ा और आरोपी दरोगा को लाइन हाजिर करने का ऐलान करना पड़ा। पूरे प्रकरण की जांच सीओ सिविल लाइंस रणविजय सिंह कर रहे हैं। 

बहादुर पत्रकार पर कायराना हमला

[caption id="attachment_14975" align="alignnone"]पोदाला जयंताअस्पताल में घायल पत्रकार पोद्दला जयंथा[/caption]

सरकार और सत्ता की बखिया उधेड़न वाला और मीडिया की आजादी के लिए अभियान चलाने वाला एक बहादुर पत्रकार इन दिनों अस्पताल में है।

पेशी पर लाए जा रहे पत्रकार पर ब्लेड से हमला

उज्जैन के प्रिंट मीडिया के पत्रकार अभय तिरवार लंबे समय से मध्य प्रदेश के देवास जेल में बंद हैं। उन पर ब्लैकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तार कर जेल में रखा गया है। उनका मामला कोर्ट में चल रहा है। पिछले दिनों मुकदमें की सुनवाई हेतु अभय को पेशी के लिए देवास जेल से उज्जैन लाया गया। पुलिस अभिरक्षा में उज्जैन लाए गए अभय तिरवार को कोर्ट ले जाने के लिए पुलिस वाले टेंपो का इंतजार कर रहे थे। उसी वक्त दो युवकों ने अभय तिरवार के चेहरे पर ब्लेड से हमला कर दिया। साथ आए पुलिसवाले कुछ समझ पाते, उससे पहले ही हमलावर मौके से फरार होने में कामयाब हो गए।

रिपोर्टर और फोटोग्राफर पर नेता ने किया हमला

फटा तिरंगासीएनईबी न्यूज चैनल के फरीदाबाद ब्यूरो के रिपोर्टर दीपक भाटिया और दैनिक जागरण, फरीदाबाद के फोटो जर्नलिस्ट योगेश गौतम पर जानलेवा हमला होने की खबर है। ये दोनों एक नेता के आफिस पर लगे फटे राष्ट्रीय ध्वज की तस्वीर ले रहे थे और वीडियोग्राफी कर रहे थे। इसी दौरान आरोपी नेता अपने दल-बल के साथ पहुंचा और इन दोनों पर हमला बोल दिया। कैमरा व वीडियो कैमरा तोड़ डाला। मारपीट की और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गालियां दी।

रिपोर्टर गोविंद चौहान पर देर रात हमला

जम्मू के बिश्नाह के पास अमर उजाला के रिपोर्टर गोविंद चौहान पर नकाबपोश व्यक्तियों ने जानलेवा हमला कर दिया। तेजधार हथियारों से हुए हमले में गोविंद घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की जा चुकी हैं।

अभी तक कोई हमलावर गिरफ्त में नहीं आया है। बताया जाता है कि गोविंद चौहान अमर उजाला कार्यालय से रात 11 बजे अपने घर चक्क अवतारा के लिए निकले। गांव पहुंचकर जैसे ही घर का गेट खोलने के लिए बाइक से उतरे, घात लगाए बैठे दो नकाबपोश बदमाशों ने पीछे से उन पर हमला बोल दिया। दोनों ने गोविंद के सिर, कमर, हाथ और बाजू पर ताबड़तोड़ वार किए। उन्हें खून से लथपथ करने के बाद भाग निकले।

पटना में फोटोग्राफरों पर हमला, दरोगा निलंबित

पटना में एक दरोगा द्वारा दैनिक हिंदुस्तान के दो फोटोग्राफरों पर हमला बोलने की खबर है। पटना के शास्त्रीनगर थाना परिसर में नशे में धुत एक दरोगा के हमले से दैनिक हिंदुस्तान के फोटोग्राफर अनिल कुमार को काफी चोटें आई हैं। इन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। हमले में एक अन्य फोटोग्राफर आशीष गुप्ता को भी चोटें आई हैं। हमलावर दरोगा को बाद में निलंबित कर दिया गया। ये दोनों फोटोग्राफर चोरी की पकड़ी गई मोटरसाइकिल की तस्वीर खींचने थाना परिसर पहुंचे थे। पटना में पत्रकारों पर हमले की यह कोई पहली घटना नहीं है।