‘मीडिया में अराजक तत्वों और धनपशुओं का प्रवेश हो गया’

निर्भय पथिक का रजत जयंती समारोह संपन्न : आकाशवाणी, मुंबई में पिछले दिनों हिंदी सांध्य दैनिक निर्भय पथिक के रजत जयंती समारोह का आयोजन किया गया. इसमें मुख्य अतिथि के रूप में उप मुख्यमंत्री छगन भुजबल शरीक हुए. उन्होंने कहा कि पत्रकार धर्म और धंधा के बीच संतुलन बनाए रखें वरना पत्रकारिता का वास्तविक महत्व समाप्त हो जाएगा. भुजबल ने कहा कि समाचारपत्र और समाचार चैनल शुरू करना अच्छी बात है लेकिन इसकी आड़ में पीत पत्रकारिता करना गलत है. आज इस क्षेत्र में कुछ अराजक तत्वों और धनपशुओं का प्रवेश हो गया है जिससे पत्रकारिता के मिशन को दाग लग रहा है. इसलिए इसे बचाना जरूरी है.

विधायक व कांग्रेस के मुंबई प्रदेश अध्यक्ष कृपाशंकर सिंह ने निर्भय पथिक की 25 वर्षीय यात्रा की प्रशंसा करते हुए कहा कि निर्भय पथिक ने न सिर्फ पत्रकारिता को मिशन के रूप में देखा, बल्कि उन्होंने हमारे समाज को शिक्षित भी किया. इस समाचारपत्र ने देश को अनेक उत्कृष्ट पत्रकार दिए जो इस समय विभिन्न समाचारपत्रों और समाचार चैनलों में उच्च पदों पर कार्यरत हैं. पूर्व केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री राम नाईक ने मीडिया जगत में बढ़ती प्रतियोगिताओं के बीच भी निर्भय पथिक के निरंतर प्रकाशन की सराहना की और निर्भय पथिक के साथ अपने अनुभवों को बांटा.

निर्भय पथिक के संस्थापक व पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय वेदप्रकाश गोयल के जन्म दिन पर आयोजित इस समारोह में गुजराती दैनिक जन्मभूमि के संपादक कुंदन व्यास को स्व. वेदप्रकाश गोयल की स्मृति में उत्कृष्ठ पत्रकारिता पुरस्कार, विधायक गोपाल शेट्टी को उत्कृष्ठ लोकसेवक पुरस्कार तथा मुंबई विश्वविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. रामजी तिवारी को उत्कृष्ठ शिक्षा सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया. उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल ने पुरस्कार के रूप में उन्हें स्मृतिचिह्न, शॉल व श्रीफल देकर सम्मानित किया. इसी दौरान मुंबई के कई पत्रकारों का भी सम्मान किया गया. इस अवसर पर “शब्द-शब्द संघर्ष – निर्भय पथिक : एक अविरल यात्रा” नामक पत्रकारिता ग्रंथ का विमोचन भी उपमुख्यमंत्री के हाथों किया गया. इससे पहले अनंत श्रीमाली और डॉ. रजनीकांत मिश्र ने अपनी हास्य काव्य रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया.

समारोह में पूर्व केंद्रीय मंत्री जयवंतीबेन मेहता, मुजफ्फर हुसैन, कुंदन व्यास, डॉ. रामजी तिवारी, गोपाल शेट्टी, प्रदीप गोयल ने भी अपने विचार व्यक्ति किए. कार्यक्रम में विधायक राजपुरोहित, पूर्व विधायक अतुल शाह, देवेंद्र शुक्ला, आर.आर.त्रिपाठी, दिनेश तहिलयानी, स्वरुप चंद्र गोयल, शशिभूषण वाजपेयी,  लक्ष्मण कनल, ओम प्रकाश शर्मा, कुमार बिहारी पांडेय, आदि सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे. इस अवसर पर 1984 में संपादक के नाम लिखे पत्र का वाचन टीकम मनवानी आनंद ने किया जिससे पुरानी यादें ताजा हो गई. इससे पहले समाचारपत्र के प्रकाशक सतीश सिन्नरकर ने प्रस्तावना रखी जबकि मीडिया के समक्ष चुनौतियाँ विषय पर आयोजित परिसंवाद का विषय प्रवर्तन संपादक अश्विनी कुमार मिश्र ने किया. कार्यक्रम की अध्यक्ष्ता पूर्व विधायक चंद्रकांता गोयल ने की. संचालन आकाशवाणी मुंबई के उदघोषक आनंद सिंह व उदघोषिका ममता सिंह ने किया. आभार प्रकट दिनेश तहिलयानी ने किया. 

Comments on “‘मीडिया में अराजक तत्वों और धनपशुओं का प्रवेश हो गया’

  • nuktacheen says:

    मुझे नहीं पता कि आफताब साहिब का मुजफ्फरपुर से क्‍या रिश्‍ता नाता है, लेकिन जब वह यहां निर्भय पथिक के रजत जयंती समारोह के बारे में लिख रहे थे तो लगता है उन्‍हें मुजफ्फरपुर की कुछ ज्‍यादा ही याद सता रही थी। शायद यही कारण है कि वह मुजफ्फर हुसैन को मुजफ्फरपुर हुसैन लिख बैठे। जनाब थोड़ा ध्‍यान रखें।

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