यशवंत के चलते एनपी ने दिया इस्तीफा

अमर उजाला समूह में आए नए संपादकों के बीच एकता कायम नहीं हो पा रही है. अंदर ही अंदर आपसी खींचतान और खदबदाहट चल रही है. कई गुट बन गए हैं. एक दूसरे के प्रति अविश्वास का माहौल है. पर अभी तक ये सभी चीजें अंदर ही अंदर चल रही थीं. आपसी खींचतान का सार्वजनिक प्रदर्शन पहली बार हुआ है, वह भी इस्तीफे के रूप में. सूत्रों से पता चला है कि यशवंत व्यास से कामकाज को लेकर हुए टकराव-मनमुटाव के बाद एनपी सिंह उर्फ नरेंद्र पाल सिंह ने इस्तीफा दे दिया है.

एनपी सिंह के इस्तीफा देने की चर्चा पिछले तीन दिनों से थी. भड़ास4मीडिया से दो दिन पहले हुई बातचीत में एनपी सिंह ने इस्तीफे की अफवाहों को खारिज कर दिया था और कहा था कि वे अब भी अमर उजाला के हिस्से हैं और अमर उजाला के नोएडा आफिस में बैठे हुए हैं. अजय उपाध्याय ने भी तब एनपी सिंह के इस्तीफे की चर्चाओं को खारिज किया था. सूत्रों के मुताबिक एनपी सिंह ने इस्तीफा तीन दिन पहले ही दे दिया था. पर प्रबंधन ने उनका इस्तीफा आज स्वीकार किया है.

सूत्रों का कहना है कि साफगोई पसंद और कामकाज में पारदर्शिता के पक्षधर एनपी सिंह अमर उजाला, नोएडा आफिस में कायम हुए नए माहौल और व्यवहार शैली से दुखी थे. इस्तीफा देने के बाद उन्हें कई स्तरों पर मनाने की कोशिश की गई लेकिन एनपीएस किसी भी कीमत पर रुकने के लिए राजी नहीं हुए. बताया जाता है कि यशवंत व्यास के व्यवहार और कामकाज की शैली के कारण एनपी सिंह खुद को असहज पा रहे थे. एनपी ने कुछ महीने पहले ही एग्जीक्यूटिव एडिटर और इनपुट हेड के पद पर अमर उजाला समूह ज्वाइन किया था. अमर उजाला में एनपी की ये दूसरी पारी थी. वे आज तक, एनडीटीवी समेत कई चैनलों-अखबारों में काम कर चुके हैं. एनपी कहां जा रहे हैं, फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है.

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Comments on “यशवंत के चलते एनपी ने दिया इस्तीफा

  • avinash aacharya says:

    shashi shekhar ke karyakaal ko kosane waalon ko sochna hoga ki ab amar ujala me kya ho raha hai. Bahut jogi math ujaad ka sidhant wanha chalu ho chuka hai. shashi shekhar se personal nafarat agar na ho to ye sweekar karna hoga ki alag alag maalikon ke chamche bankar pal rahey editor’s ko pehli baar ek samuh me saamuhik jimmedaari ke saath kaam karney ka awsar mila. ab Sunil Mutreja jo marketing ke President hai wo har editoril meeting me baithtey hai aur har maamley me dakhal detey hai. amar ujala waalon se pooch kar dekhiye ki unka haal kya hai. NP ke esteefa ek baangi hai. abhi kai jo aaye hai jaldi jaldi jaayengey, wanha system ka na hona karan hoga koi aadmi nahi.

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  • एनपी का जाना अमर उजाला के डिरेल होते सिस्टम का सबूत है। अमर उजाला वाले बताते हैं कि स्थानीय यूनिटों से लेकर कारपोरेट दफ्तर तक में गुटबाजी चरम पर है। हर कोई दूसरे को नीचा दिखाने में लगा है। ग्रुप एडीटर का नहीं होना इसकी सबसे बड़ी वजह है। दिल्ली में संपादक में नाम जाता है डीपी अवस्थी का, जो संपादकीय का कम एचआर का काम ज्यादा देख रहे हैं।

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  • gaurav goyal says:

    vyas ji,ye aha zindagi nahi hai jahan saalon saal team ko underplay karke raaj kiya ja sake….apna kaam nikala ja sake….. Rajneeti thodi badalni hogi …Logon ki kadar kijiye…hamesha submissive team nahi milti….

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