राज एक्सप्रेस, जबलपुर में क्यों नहीं टिकते स्थानीय संपादक?

अब पीयूष भट्ट को कमान, एनई राजेंद्र तिवारी कार्यमुक्त : राज एक्सप्रेस, जबलपुर ने अपने ही रिकार्ड को तोड़ने में कामयाबी हासिल कर ली है। दिसंबर महीने में भड़ास4मीडिया पर खबर प्रकाशित हुई थी कि इस अखबार ने लांचिंग के तीन महीने में तीन संपादक रखने का रिकार्ड बनाया तो अब हम पब्लिश कर रहे हैं कि छह महीने में सात संपादक बदलने का रिकार्ड राज एक्सप्रेस, जबलपुर के नाम हो चुका है। जबलपुर में सबसे पहले चैतन्य भट्ट राज एक्सप्रेस के स्थानीय संपादक थे। उन्हीं के नेतृत्व में राज एक्सप्रेस को जबलपुर में लांच किया गया। 

विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें हटाकर राज एक्सप्रेस, भोपाल के गंगा पाठक को स्थानीय संपादक की कुर्सी दे दी गई। चुनाव बीतते-बीतते गंगा पाठक को भी जबलपुर से भोपाल जाने के लिए कह दिया गया। उसके बाद गीत दीक्षित को राज एक्सप्रेस, जबलपुर का स्थानीय संपादक बनाया गया। गीत भी ज्यादा दिन नहीं टिक सके और उनकी जगह पर फिर भोपाल से गंगा पाठक को भेज दिया गया। गंगा पाठक का ग्रह-नक्षत्र जाने कैसा चल रहा है कि वे जबलपुर में टिक नहीं पाए और फिर से उनसे स्थानीय संपादक की कुर्सी छीन ली गई। यह कुर्सी अब मिली है पीयूष भट्ट को जो राज एक्सप्रेस, इंदौर के स्थानीय संपादक थे। बीच में पीयूष को सेंट्रल डेस्क पर भेजा गया था।

एक अन्य खबर के अनुसार राज एक्सप्रेस, जबलपुर के न्यूज एडिटर राजेंद्र तिवारी को इस संस्थान से कार्यमुक्त कर दिया गया है।

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