आइए, पांच करोड़ रुपये का गाना सुनें

राष्ट्रमंडल खेलों का ‘थीम सांग’ तैयार हो चुका है. लांच हो चुका है. गुड़गांव के शानदार होटल में रंगारंग कार्यक्रम के बीच इसे उदघाटित किया ए.आर. रहमान ने. इंडिया बुला रहा है यारों… बोल है थीम सांग का. पता चला है कि इस थीम सांग के लिए एआर रहमान ने 15 करोड़ रुपये मांगे थे लेकिन उन्हें दिए गए पांच करोड़ रुपये. पांच करोड़ रुपये का यह थीम सांग आप भी सुनिए. लोगों का कहना है कि कहीं यह भी एक गड़बड़घोटाला तो नहीं! जनता के पैसे को राष्ट्रमंडल खेलों के नाम पर अनाप-शनाप ढंग से खर्च किया जा रहा है, लूटा जा रहा है. कहीं यह भी एक फिजूलखर्ची तो नहीं! चलिए, पांच करोड़ का थीम सांग सुनते हैं…

Comments on “आइए, पांच करोड़ रुपये का गाना सुनें

  • vijay vardhan says:

    पांच तो क्या इस गाने को मुफ्त में मैं नही सुनना चाहुंगा।

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  • mere gawan kee kahabat hai- Unkar (dusre ka) dal-bhat unkar Ghee, hamra parsai (parosne ) me lagai ye kee !
    is desh me janta ke paise ka yahee isht hai – Luto aur lutao…

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  • amitesh srivastva 09455083092 says:

    Kalmadi aur AR Rehman is song k mafdyam se kya sandesh bharat k logo ko dena chaahatee hain . Bharat Bahut Durbhagayasalee hain media k itne prjor ghotaloo ka pardafaash karne k baad bhee central govt koi kasssh kadam nahee uthaa rahee hain …Hamaam main sab nagee hain

    Amitesh …. [b][/b][b][/b]

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  • madhaw singh says:

    mujhe samajh main nahi ata ki likhana nahi to likhate kyo hai ,itna bakbas thim song hai to ayojan kaisa hoga socha ja sakta hai

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  • अजीत कुमार, मंगलम हॉस्पिटल, दिल्ली says:

    तीन अक्टूबर से शुरू होने वाले राष्टमंडल खेलों के लिए रहमान द्वारा रचित थीम सांग कुछ खास नहीं है। मजा नहीं आया। केवल मुझे मजा नहीं आया ऐसी भी बात नहीं है…बहुतों खेल प्रेमी ऐसे हैं जिन्हें ये थीम सांग को बिल्कुल हीं पसंद नहीं। आम आदमी को छोड़िए खेल आयोजन समिति की कार्यकारी समिति के सदस्य विजय कुमार मल्होत्ना को भी यह बिल्कुल भी पसंद नहीं है. ‘ओ यारों इंडिया बुला लिया’ और ‘जियो उठो बढ़ों जीतो’ बोल वाले इस थीम सांग को कैसे स्वीकार कर लिया गया मेरी समझ से बाहर है। इस थीम सांग का भाव मुझे समझ में ही नहीं आ रहा…केवल मुझे समझ में नहीं आती तो चलो कोई बात नहीं लेकिन यहां तो ना समझने वालों की लंबी फेहरिस्त है। रहमान ऑस्कर विजेता हैं और उनसे ये उम्मीद थी कि कुछ बढ़िया, प्रेरणादायक और उत्साहबर्द्धक सांग लाएंगे लेकिन साहब आपने तो उम्मीदों पर बिल्कुल पानी ही फेर दिया।
    बकायदा इसके लिए रहमान जी को पांच करोड़ रुपए दिए गए। ये तो रहमान जी की दरियादिली समझिए कि देश के लिए उन्होंने दस करोड़ रुपेए के डिस्काउंट दे दिए ये कम बात थोड़े ही है.. इतने ऊंचे कद वाले साहब ने डिस्काउंट तो दिया लेकिन थीम के साथ कहीं ना कहीं समझौता भी तो कर लिया ये भी तो देखिए। जितनी उम्मीद थी उस पर पर उनका ओ यारों इंडिया बुला लिया कहीं खरा नहीं उतरता है।

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  • Bhanu Dixit says:

    रहमान का दावा था कि CWG का थीम सॉग सकीरा के वाका-टाका से अच्छा होगा।
    जब अच्छा नहीं गा सकते तो बड़े बोल तो नहीं बोलिए। बकवास सॉग है। क्या रहमान को समझ मे आता है ये सॉग। जनाब काश आपने आज इस मौके पर ‘जय हो’ गाया होता तो वो ज्यादा अच्छा लगता और अधिक कामयाब होता।
    …………….जय हो

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  • लूट मची है हर कुचे में…लूट-लाटकर भाग ले भैया।

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  • shamil singh says:

    abhi bhi waqt hai kisi aur se doosra theme song taiyyar karane ka..aisa hota hai theme song?kisi piti film ka ansuna rah gaya gana lagta hai..kahan waka waka aur kahan yeh..jashna ka aaj din hai..gaane ki yeh ek line hai..bhai 5 crore mile toh jashn toh hoga hi..

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  • Deepak Vashist says:

    इस गाने से अच्छा तो सुखबीर का “दिल्ली में धमाल” था जिसे उन्होंने मेलबर्न में क्लोसिंग सरेमोनी मैं गया था| रहमान से अच्छा तो सुखबीर और लता दीदी हे कोम्पोसे कर देती | रहमान सिर्फ फिरंगी लोगों के लिए ही अच्छा लिख सकते हैं| 5 करोड़ तो 5 पैसे का भी गाना नहीं है ये| सॉरी रहमान साहब पर हमें ये गाना समझ नहीं आया|

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  • Rizwan Chanchal Lucknow says:

    ‘kkld vkSj iz’kkld es tc VkbZ vi gks rks lc dqN lEHko gS budk dke gh gS turk dk [kwu pwluk vkSj dkxth [kkukiwjh dj lc dqN gM+i dj tkuk ikap djksM+ gh bl QwgM+ vkSj fujFkZd xhr ij [kpZ gqvk fQj Hkh xuher gS iUnzg djksM+ Hkh dj nsrs rks Hkh dqN QkdZ iM+us okyk ugh Fkk Hkkjrh; tuthou rks bldk vknh gks pqdk gS A

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  • vijay ahuja says:

    लुटाओ और लुटाओ जनता का पैसा , .इसमें ना तो लूटने वाले और ना लुटाने वालो की गलती है /जब हम लूट्ने के बाद भी चुप है तो दूसरे को कियो दोष दे रहे है/राम नाम की लूट है ,लूट सके तो लूट

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  • shashi ranjan says:

    सुरों के दिग्गज के हुनर का कचरा… जय हो के धुन पर भारत के आगे दुनिया का सिर झुकाया |अब इस कड़ी में भारत सिर झुकायेगा | चवन्नी छाप गाने पर पांच करोड… वाह रे देशभक्ति १५ करोड कि मांग थी इसी गाने के लिए | १५ फूटी कौडियाँ भी महंगी हैं |
    महीने पहले एनडीटीवी पर अभिज्ञान प्रकाश के कार्यक्रम में मणि शंकर अय्यर ने इस कि खुलेआम चर्चा कि थी | उसी कार्यक्रम में CWG के एक अधिकारी भी थे, लेकिन उनकी बोलती बंद थी | पैसे का दुरूपयोग कैसे किया जाए इसका अच्छा उदहारण हैं ये घटनाक्रम |

    वैसे हम कूप मंडूक हैं हमारे बोलने से क्या होता है | “होइहें वही जो कुचक्र रची राखा”… बस रोम जल रहा है, और हम नीरो कि तरह बांसुरी टेर रहे हैं |

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  • ajit singh yadav says:

    निहायत बकवास…..
    एक दम बेकार गाना और धुन भी कोई खास नहीं….
    बकवास सॉग है।
    बकायदा इसके लिए रहमान जी को पांच करोड़ रुपए दिए गए।
    रहमान से अच्छा तो सुखबीर और लता दीदी हे कोम्पोसे कर देती
    ‘जय हो’ रहमान

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  • arvind sharma says:

    loot ke laao aur bant ke khao
    yesi polcy wale neta hamara desh chala rahe he aisa lagta he is gaane me na sur he aur naa taal is besure gane par 5 crore kharch karna to dur 15 rupye bhi nahin diye jane chahiye iske pahle bhi kai desh bhakti ke geet gane wale huye he magar unhone kabhi desh bhakti batane ki kimat nahin mangi ye to lagta he desh bhakti karne ki kimat di gai he kya desh bhakti ka ye tarika jayaj he

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  • Ekdum Bakwaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaas, lagta hai ki rehman ki nazar bas rupayon par hi tiki thi. na bol achche hain na music or na gana…. commonwealth mein isko na hi bajaye to achcha…….

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  • PRADEEP PATIDAR says:

    written by PRADEEP PATUIDAR SEPTEMBER 4, 2010

    रहमान का दावा था कि CWG का थीम सॉग सकीरा के वाका-टाका से अच्छा होगा।
    जब अच्छा नहीं गा सकते तो बड़े बोल तो नहीं बोलिए। बकवास सॉग है। क्या रहमान को समझ मे आता है ये सॉग। जनाब काश आपने आज इस मौके पर ‘जय हो’ गाया होता तो वो ज्यादा अच्छा लगता और अधिक कामयाब होता।
    …………….जय हो

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  • चन्दर says:

    जनता के धन का भरपूर दुरुपयोग कैसे करें-इस पर भी एक इंस्टीट्यूट खुल जाए तो कैसा रहे!

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