सुरेश कलमाड़ी गिरफ्तार, मीडिया और जनता जीती

भ्रष्टाचार के कुछ मामलों में सुरेश कलमाड़ी की गिरफ्तारी देश में चल रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान को ज़बरदस्त ताक़त देगा. आम तौर पर होता यह रहा है कि किसी भी केस में सत्ताधारी राजनीतिक पार्टी अपने सदस्यों या सहयोगियों को गिरफ्तार नहीं करती. कहीं से बलि के बकरे तलाशे जाते हैं और उन्हें ही शील्ड की तरह इस्तेमाल करके नेता को बचा लिया जाता है. ऐसे सैकड़ों मामले हैं.

फोटो जर्नलिस्ट राजेश ने ललित भनोट पर लगाया धोखाधड़ी का आरोप

कॉमनवेल्‍थ: मुकदमा दर्ज करने के लिए थाने में दी तहरीर : उत्‍तर मध्‍य सांस्‍कृतिक केन्‍द्र, इलाहाबाद के निदेशक के खिलाफ भी शिकायत : पहले से ही विवादित रहे कॉमनवेल्‍थ आर्गेनाइजिंग कमेटी पर एक और आरोप लगा है. यह आरोप लगाया है इलाहाबाद के फोटो जर्नलिस्‍ट राजेश कुमार सिंह ने. राजेश ने इलाहाबाद के सिविल लाइंस में दिए गए तहरीर में आरोप लगाया कि उनके साथ धोखाधड़ी की गई है.

आइए, पांच करोड़ रुपये का गाना सुनें

राष्ट्रमंडल खेलों का ‘थीम सांग’ तैयार हो चुका है. लांच हो चुका है. गुड़गांव के शानदार होटल में रंगारंग कार्यक्रम के बीच इसे उदघाटित किया ए.आर. रहमान ने. इंडिया बुला रहा है यारों… बोल है थीम सांग का. पता चला है कि इस थीम सांग के लिए एआर रहमान ने 15 करोड़ रुपये मांगे थे लेकिन उन्हें दिए गए पांच करोड़ रुपये. पांच करोड़ रुपये का यह थीम सांग आप भी सुनिए. लोगों का कहना है कि कहीं यह भी एक गड़बड़घोटाला तो नहीं! जनता के पैसे को राष्ट्रमंडल खेलों के नाम पर अनाप-शनाप ढंग से खर्च किया जा रहा है, लूटा जा रहा है. कहीं यह भी एक फिजूलखर्ची तो नहीं! चलिए, पांच करोड़ का थीम सांग सुनते हैं…

सौदा नहीं पटा तो टाइम्स ग्रुप ने चलाया अभियान!

[caption id="attachment_17982" align="alignleft" width="124"]कवर स्टोरीकवर स्टोरी[/caption]: मीडिया घराने का काला धंधा : 15 सितम्‍बर 2010 को टाइम्‍स ऑफ इंडिया ‘कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स’ को लेकर कौन-सी खबर छापेगा? यह अभी से कहना नामुमकिन है. लेकिन, अगर नौ माह पहले ‘कॉमनवेल्‍थ आयोजन समिति’ के साथ ‘टाइम्‍स ग्रुप’ की डील हो गई होती तो 15 सितम्‍बर को टाइम्‍स ग्रुप के समाचार पत्र, न्‍यूज चैनल व एफएम चैनल विशेष तौर पर बताते कि दिल्‍ली व दिल्‍ली वाले किस तरह कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

कॉमनवेल्थ झेल – द काली पट्टी कैंपेन

: यह ‘खेल’ हम नहीं ‘झेल’ सकते : कॉमनवेल्थ गेम्स के नाम पर हो रही लूट-खसोट और करप्शन का विरोध करने के लिए कुछ जागरूक नागरिकों और पत्रकारों ने एक पहल की है। इस पहल को नाम दिया गया है- ”कॉमनवेल्थ झेल – द काली पट्टी कैंपेन”। कैंपेन से जुड़े लोग एक अभियान चलाकर कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान काली पट्टी बांधकर सरकार को अपना विरोध जताना चाहते हैं। उनकी योजना है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस अभियान से जोड़ा जाए ताकि सरकार के लिए यह बड़ा एंबैरेसमेंट हो।

बोल रे बाघ, तू शेर है, शेर!

: कलमाडी को शेर और बाघ में अंतर कौन बताए! : कामनवेल्थ गेम्स का शुभंकर ही अशुभ निकला. कहीं यही तो नहीं कलमाडी एंड कंपनी के ग्रहण का कारण. वे अपने वेबसाइट और मीडिया बुक में भी कहते हैं की ‘शेरा’ हिंदी के शब्द ‘शेर’ से लिया गया है जिसका मतलब होता है ‘टाइगर’. कौन बताये उन्हें की शेर को अंग्रेजी में टाइगर नहीं लायन कहते हैं. टाइगर की हिंदी तो बाघ होती है.