अपने देश में कितने इम्तेहान देंगे हम?

B4M  के जरिए उदय जी के दिल का हाल जाना। कहा जाता है कि एक झूठ को छिपाने के लिए सौ झूठ बोलने पड़ते हैं, मगर यहां तो उदय भाई (हम तो उन्हें भाई ही कहेंगे, चाहे वो हमें अपना दुश्मन मानें या ना मानें) ने हजार झूठ लिख छोड़े। अफसोस,  अपनी बात को साबित करने और मोदी जी को हीरो साबित करने के लिए उन्होंने कई फर्जी आंकड़े लिखे। एक आम पाठक भी सिरे से इन आंकड़ों को नकार देगा और भाई जान तो पत्रकारों के सामने अपनी झूठ की चाशनी मे लपेट कर आंकड़े पेश कर रहे हैं। पत्रकार ऐसे भी होते हैं, ये आज पता चला। मुसलमान हर बार देशभक्ति का सबूत दे, यो तो उदय जी जैसों ने परंपरा बना दी है। शक सिर्फ मुसलमान पर ही। गाली सिर्फ मुसलमान को ही। जातिवाद का आरोप सिर्फ मुसलमान पर ही। आतंकवाद का ठप्पा सिर्फ मुसलमान पर ही।

और भी कई ऐसे इम्तेहान हैं जो भारत में सिर्फ मुसलमानों को ही देने होते है। एक आम भारतीय मुसलमान अपने आपको हिन्दुस्तानी मानता है। ये तो उदय जी जैसे लोग होते हैं जो हमें एहसास कराते हैं कि हम मुसलमान हैं। उदय जी,  एक बात और आपने कहा कि भारत के सारे मुस्लिम कनवर्टेड हैं, आपकी ये बात बिल्कुल गलत है। भारत के हजारों मुसलमानों के पूर्वज अरब से थे (यहां ये बहस का मुद्दा नहीं है)। अपनी सोच बदलिए भाई। महज दो-चार लोगों की जिंदगी की स्याही से करोड़ों मुसलमानों की तकदीर लिखने की भूल कर रहे हैं आप। कसाब, अफजल, गोधरा और कश्मीर जैसे मुद्दे सरकारें भुनाती हैं। मुसलमान कभी उनका फेवर नहीं करता। वो तो आप जैसे लोगों की जमात है जो देश के मुसलमानों से इन बातों को जोड़ कर देखती है। आपके लिए एक सलाह है,  आप पांचजन्य ज्वाइन कर लें। वहां आपकी काफी कद्र होगी। ऐसा नहीं है तो फिर मुसलमानों के लिए अपनी सोच में आप तब्दीली लाएं।

-शबीक अहमद उस्मानी

नागौर (राजस्थान)

09314590006

usamanishabeeq@gmail.com

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