उसी तिहाड़ गईं कनी जहां एक ‘राजा’ रहता है

: ‘बेकार’ अमर पर शुरू हुआ सिस्टम का वार : कनिमोझी उसी तिहाड़ जेल गई हैं जहां राजा रहते हैं. कनी और राजा की प्रेम कहानी की पिछले दिनों खूब चर्चा हुई. नीरा राडिया ने रतन टाटा को फोन पर बताया था कि ए. राजा के सामने जब कनिमोझी का नाम लो तो वह शरमा जाता है. कनी-राजा के प्रेम के चर्चे उस जमाने में हर ओर थे. और कनी जो चाहती थी राजा से करा लेती थी.

आदेश सुन कनी सकपकाईं, समर्थक रोए-चिल्लाए

: धरा रह गया लाव-लश्कर : रुआंसी हुईं तो पति और राजा की पत्नी ने दिलासा दिया :  सीबीआई की स्पेशल कोर्ट के जज ओपी सैनी ने जब कनी और शरद को हिरासत में लेने के आदेश दिए तो कनीमोझी आदेश सुनकर सकपका गईं. वे असहाय सी दिखने लगीं. तब उनके परिवार के सदस्यों ने उन्हें ढांढस बंधाया. कनी के पति अरविन्दन ने तसल्ली दी. सीबीआई स्पेशल कोर्ट में द्रविण मुनेत्र कणगम (द्रमुक उर्फ डीएमके) के संसदीय दल के प्रमुख टीआर बालू भी मौजूद थे.

एक लाख छिहत्तर हजार करोड़ का प्रेम

ये प्रेम 17 हजार करोड़ का प्रेम था। आजाद हिंदुस्तान में भ्रष्टाचार की भट्टी से निकले 2जी नाम के इस सबसे बड़े जिन्न के पीछे न सिर्फ मंत्रियों, कार्पोरेट्स, लाबिस्टों और पत्रकारों के बीच चल रही दुरभि संधि थी, बल्कि एक प्रेम कहानी भी थी, ये प्रेम कहानी, बार बार अपने स्वप्नपुरुष को पाने में असफल रही। कनिमोझी और जल्द से जल्द आसमान छूने की हसरत रखने वाले बेहद महत्वाकांक्षी राजा की प्रेमकहानी थी।

पायनियर में खबर छपने के बाद चंदन मित्रा पर चीख रहे थे ए. राजा

: भ्रष्टाचार की आदर्श प्रतिमूर्ति शरद पवार पर कई गंभीर आरोप : राडिया ने बताया- शरद पवार और उनका कुनबा चला रहा है शाहिद बलवा की कंपनी डीबी रियल्टी : माननीय शरद पवार का पेट बहुत बड़ा है. जाने कितना कुछ हजम कर जाते हैं और डकार भी नहीं लेते. नीरा राडिया ने शरद पवार के कुछ कच्चे चिट्ठे खोले हैं. उसने कई बातें सीबीआई को बताई हैं. वह सरकारी गवाह बन चुकी है. इस कारण वह अब सब कुछ बता देना, उगल देना चाहती है.

पीएम की पीसी : गूंगा, लाचार और बेचारा मनमोहन!

Alok Tomarप्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने छह महीने में अपनी दूसरी प्रेस कांफ्रेंस काफी डरते डरते शुरू की और कहा कि सरकार से गलतियां होती हैं मगर लोकतंत्र में मीडिया को अच्छे पक्ष भी देखने चाहिए। महंगाई और मुद्रास्फीति जैसे विषयों पर बोलने के बाद सबसे पहला सवाल ए राजा और टू जी स्पेक्ट्रम का था और मनमोहन सिंह ने पहली बार मंजूर किया कि ए राजा ने उनसे कहा कुछ और किया कुछ और।

ए. राजा के रास्ते पर चल पड़े हैं श्रीप्रकाश जायसवाल!

: और इसमें भी मनमोहन और सोनिया की पूरी सहमति है : स्पेक्ट्रम की कमाई को मात देता कोयला खदान का लाइसेंस : पर क्या ये बड़े चैनल व अखबार वाले इस बारे में कुछ लिखेंगे-दिखायेंगे? : वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी के ब्लाग पर बहुत दिनों बाद गया तो देखा एक अदभुत आलेख है, जिसे आप एक बड़ी खबर भी कह सकते हैं. इस आलेख नुमा बड़ी खबर में उस कहानी के बारे में बताया गया है जिसे दिखाने की ताकत फिलहाल किसी न्यूज चैनल और जिसे छापने की ताकत फिलहाल किसी बड़े अखबार में नहीं है.

2जी उर्फ राजा-राडिया घोटाला : एक चैनल के पास 206 करोड़ पहुंचे, जांच जारी…

टाइम्स आफ इंडिया में आज एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई है जिसमें प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों के जरिए काफी सनसनीखेज खुलासा किया गया है. इस रिपोर्ट के अनुसार 2जी स्पेक्ट्रम स्कैम के दौरान आए-गए पैसे की जांच-पड़ताल के दौरान पता चल रहा है कि करीब 206 करोड़ रुपये दक्षिण भारत के एक टीवी चैनल के पास पहुंचाया गया.

पूर्व केंद्रीय मंत्री ए. राजा 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में गिरफ्तार

आखिरकार ए. राजा को गिरफ्तार कर ही लिया गया. भ्रष्टाचार के खिलाफ देश भर के लोगों के जाग खड़े होने से थरथराई कांग्रेस सरकार ने ए. राजा पर गाज गिरा दी. वैसे तो गिरफ्तारी सीबीआई ने की है लेकिन माना जा रहा है कि बिना शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व की हरी झंडी के, ये गिरफ्तारी संभव नहीं थी. पिछले दिनों करुणानिधि और सोनिया गांधी की मुलाकात को भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है. गिरफ्तारी से पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला मामले में आज ही राजा से पूछताछ की.

राडिया को आशंका थी कि उसका फोन टेप हो रहा है… सुनिए ये टेप

राजा से बातचीत के दौरान राडिया आशंका व्यक्त करती है कि उसका फोन टेप हो रहा होगा इसलिए वह (राजा) टाटा के फोन से काल करें. जब राजा उन्हें काल करते हैं तो राडिया फिर पूछती है कि यह फोन ठीक है ना. तब राजा कहते हैं कि यह फोन सही है क्योंकि यह फोन उनके नाम पर नहीं है. देखिए, काले धंधे में लगे लोग किस तरह डर-भय-आशंका के बावजूद धड़ल्ले से अपने कारोबार को करते रहते हैं. और, जब इस कारोबार में देश का केंद्रीय मंत्री शामिल हो और वह कहता हो कि यह फोन ठीक है क्योंकि यह किसी दूसरे के नाम पर है तो अंदाजा लगा सकते हैं कि स्थिति कितनी विकट है. राजा को चोर हम लोग इसलिए कहते हैं क्योंकि वह पकड़ा गया लेकिन ढेर सारे चोर तो पकड़े ही नहीं जाते, वे जमकर अपना कारोबार कर रहे हैं. इस टेप में राडिया और राजा की फोन टेपिंग पर आशंका को लेकर बातचीत सुनिए.

वेब मीडिया चौकस न रहा तो सुखराम की तरह ए राजा भी बच निकलेगा

शेषजीटेलीकाम घोटाले ने सुखराम युग की याद ताज़ा कर दी. उस बार भी करीब 37 दिन तक बीजेपी ने संसद की कार्यवाही नहीं चलने दिया था. पीवी नरसिम्हाराव प्रधानमंत्री थे और सुखराम ने हिमाचल फ्यूचरिस्टिक नाम की किसी कंपनी को नाजायज़ लाभ पहुंचा कर हेराफेरी की थी. बाद में वही सुखराम बीजेपी के आदरणीय सदस्य बन गए थे. आज भी जब बीजेपी के नेताओं की पत्रकार वार्ताओं में सुखराम शब्द का ज़िक्र आता है, वे खिसिया जाते हैं. लगता है कि मौजूदा टेलीकाम घोटाले के बाद भी बीजेपी का वही हाल होने वाला है. क्योंकि 1999 से लेकर 2004 तक बीजेपी की अगुवाई वाली सरकार की आँखों के तारे रहे रतन टाटा ने बीजेपी की पोल खोलने का काम शुरू कर दिया है.

ये टेप तो ‘दिमाग हिलाने’ वाला है : सुप्रीम कोर्ट

जैसे हमारे आपके दिमाग हिल गए नीरा राडिया के टेप सुनकर, उसी तरह सुप्रीम कोर्ट भी टेप सुनकर सकते में है. उच्चतम न्यायालय ने सुपर दलाल नीरा राडिया की पत्रकारों, नेताओं, उद्यमियों से वार्ता के टेपों से हुए खुलासे को ‘दिमाग हिलाने’ वाला करार दिया है. मामले की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी  का कहना था-, ‘हम लोगों ने नदियों खासकर गंगा – यमुना के प्रदूषण के बारे में सुना है, लेकिन यह (टेप) प्रदूषण पर्यावरण वाले प्रदूषण से भी ज्यादा खतरनाक किस्म का है।’ सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने नीरा राडिया की बातचीत वाले टेप को सीलबंद कवर में सुप्रीम कोर्ट में जमा करने का आदेश दिया है. टेप जमा कराने का अनुरोध सीपीआईएल के वकील प्रशांत भूषण ने किया था.