यूएनआई से भंडारी जा रहे हैं!

देश की प्रतिष्ठित न्यूज एजेंसी यूएनआई राजनीति के अखाड़े में तब्दील है. यूनियन में दो गुट हैं. एक भंडारी समर्थक और एक भंडारी विरोधी. भंडारी विरोधी गुट ने जाने कबसे हवा बांध रखा है कि भंडारी जा रहे हैं, भंडारी जा रहे हैं और फाइनली भंडारी जा रहे हैं. पर भंडारी कहते हैं कि वे कहीं नहीं जा रहे हैं, कुछ लोगों की हल्ला-गुल्ला करने और अफवाह फैलाने की आदत है, और वे पिछले छह महीने से यही सब अफवाह फैला रहे हैं, सो, जान लीजिए कि भंडारी कहीं नहीं जा रहे हैं.

यूएनआई के जीएम ने दिया आरोपों का जवाब

न्यूज एजेंसी यूएनआई के जनरल मैनेजर अरुण कुमार भंडारी ने कर्मचारियों के एक गुट द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब भड़ास4मीडिया के साथ बातचीत के दौरान दिया. भंडारी का साफ कहना है कि उन्हें वही लोग हटाने की कोशिश कर रहे हैं, जो लोग यूएनआई का अधिग्रहण करना चाहते हैं. ऐसे ही लोग इच्छा पूरी न होने पर तमाम तरह के अनर्गल आरोप लगा रहे हैं. भंडारी से हुई बातचीत इस प्रकार है-

भंडारी का कमाल देखो!

21 मार्च की बजाय 19 को ही मनाया यूएनआई स्थापना दिवस : न्यूज एजेंसी यूएनआई उर्फ संवाद समिति यूनाइटेड न्यूज आफ इंडिया. 21 मार्च को यह ऐतिहासिक न्यूज एजेंसी अपनी स्थापना के पचास बरस में प्रवेश कर गई. किसी संस्थान के लिए 50 साल का सफर तय करना महत्वपूर्ण होता है मगर रिटायरमेंट के बाद जनरल मैनेजर की कुर्सी पर काबिज अरूण कुमार भंडारी के लिए शायद स्थापना दिवस के कोई मायने नहीं.