खून चूस लेते हैं अमर उजाला वाले

अजय कृष्ण त्रिपाठी: कोल्हू के बैल से भी बदतर अमर उजाला कर्मी : कहते हैं कि कोल्हू का बैल दिनभर कोल्हू के चक्कर लगाता रहता है थककर चूर होने के बावजूद उफ् तक करने की गुंजाइश कोल्हू के बैलों में नहीं देखी गयी लेकिन उनके परिश्रम को संवेदनशील प्राणी महसूस कर लेता है। लगभग यही स्थिति अमर उजाला कर्मियों की भी है हालांकि इसी से मिलती जुलती स्थितियां बाकी सभी अखबारों में काम करने वालों की भी है। लेकिन अमर उजाला पसीना बहवाने में कोई कसर नहीं छोड़ता।

अमर उजाला, वाराणसी के चार मीडियाकर्मियों के तबादले

वाराणसी। अमर उजाला से चार लोगों के स्थानांतरण की खबर है। डीएनई संजय शर्मा को नोएडा, दिलीप सिंह वरिष्ठ उप संपादक का बरेली, पवन कुमार सिंह उप संपादक का मुरादाबाद और सिस्टम इंजीनियर जयनारायण पांडेय का इलाहाबाद स्थानांतरण कर दिया गया है। इस बाबत इन सभी लोगों को पहले ही बताया जा चुका था। अब …

बनारस में अखबारों के बीच प्राइस वार तेज

: अमर उजाला ने 75 रुपये में महीने भर अखबार देने की घोषणा की : दाम व कमीशन घटाकर कांपैक्ट से पिछड़ा आई-नेक्स्ट : वाराणसी में अखबारों के बीच प्राइस वार तेज हो गई है. शनिवार के दिन अमर उजाला ने वाराणसी में पूरे एक पेज का विज्ञापन छापकर ग्राहकों को यह सूचना दी है कि अब यह अखबार पूरे माह एक सौ पांच रुपये के बजाए महज 75 रुपये में मिलेगा. इस तरह अमर उजाला खरीदने पर ग्राहकों को 30 रुपये का माहवारी फायदा होगा.