ईटीवी के दीपक मिश्र ने आरोपों का दिया जवाब, दूसरे स्ट्रिंगरों की खोली पोल

यशवंत जी, महोदय, सबसे पहले आपको इस बात के लिए साधुवाद कि आपने इस बात पर काफी जोर दिया कि जिले की इन्टरनल मीडिया पोलिटिक्स पत्रकारिता और समाज का कितना नुकसान कर रही है और किस तरह बेशर्मी के साथ सच को झूठ और झूठ को सच बनाने का खेल चल रहा है. भड़ास पर जो कुछ देखा, उससे दुखी या विचिलित होने का तो सवाल ही नहीं उठता क्योंकि झूठ की उम्र बहुत कम होती है और सत्य अंततः स्थापित रहता है.

कई पत्रकारों की इच्छा- ये खबर भड़ास पर जरूर छापें

आमतौर पर हम लोग जिलों की इंटरनल मीडिया पालिटिक्स से बचते हैं. वजह यह कि हर जिले में कुछ महा भ्रष्ट पत्रकार होते हैं, कुछ भ्रष्ट पत्रकार होते हैं, कुछ कम भ्रष्ट पत्रकार होते हैं, कुछ अवसरवादी पत्रकार होते हैं, कुछेक संतुलित भ्रष्ट व संतुलित ईमानदार पत्रकार होते हैं, कुछ एक बेहद ईमानदार होते हैं और कई सारे मौका देखकर बेईमान और ईमानदार बनते-बदलते रहते हैं. इसी कारण हर जिले में पत्रकारों में आपस में टांग-खिंचव्वल होती रहती है.

बाराबंकी में पत्रकारों ने किया रक्‍तदान

रक्त दान को जीवन दान माना गया है, लेकिन आधी-अधूरी जानकारी होने के चलते आम लोग रक्त दान करने से डरते है. जरूरत पर खून उपलब्‍ध नहीं हो पाने के चलते देश में प्रतिवर्ष लाखों लोगों की मौत हो जाती है. रक्‍त दान में व्‍याप्‍त ऐसी ही भ्रांति और परेशानी को दूर करने के लिए बाराबंकी के पत्रकार आगे आए. इन पत्रकारों ने ना सिर्फ रक्‍तदान किया बल्कि अन्‍य लोगों से भी रक्‍तदान करने की अपील की.

एसएमएस भेजने वाले पत्रकार जायेंगे जेल!

: बाराबंकी में डीएम व एसपी ने ली एसएमएस भेजने वाले पत्रकारों की खबर : मोबाइल के द्वारा एसएमएस से खबर भेजने वाले पत्रकारों की खबर बाराबंकी के जिलाधिकारी ने ली। डीआरडीए कक्ष में उन्‍होंने इन पत्रकारों से उनके बायोडाटा सहित छह बिन्दुओं पर उनसे जवाब भी मांगा। जानकारी के अनुसार जनपद में मोबाइल के माध्यम से समाचार भेजने वाले लगभग एक दर्जन पत्रकार सक्रिय है। जिसमे अधिकांश फर्जी श्रेणी में आते है।

बाराबंकी में दो चैनलों के पत्रकार-कैमरामैन भिड़े

: कल्‍याण सिंह की बाइट के लिए हुई तकरार :  बाराबंकी में दो चैनलों के पत्रकार और कैमरामैन आपस में एक दूसरे से भिड़ गए. दोनों के बीच जमकर हाथापाई हुई. उनके कपड़े भी फट गए. यह पूरा मामला उस समय घटित हुआ, जब पूर्व मुख्‍यमंत्री कल्‍याण सिंह अपने लाव-लश्‍कर के साथ अयोध्‍या जा रहे थे. कल्‍याण सिंह का काफिला जब बाराबंकी पहुंचा तो टीवी पत्रकारों में उनकी बाइट लेने की होड़ मच गई.