भड़ास4मीडिया में कुछ बदलाव

आक्रामक लाल रंग से आंखें चुभ-सी रहीं थीं. और लाल-लाल देखते-देखते मन एकरस-सा भी हो गया था. हलका ग्रीन, जो आंखों के लिए फ्रेंडली कलर है, को लाया गया है. शुरू-शुरू में ये अजीब लगेगा लेकिन मेरे खयाल से बाद में इस रंग के साथ आंखें एकाकार हो जाएंगी. इस रंग में सबसे खास बात है आखों में न चुभना. इससे आंखों को थोड़ी राहत होगी, खासकर उनके लिए जो दिन भर भड़ास के बुखार में तपते रहते हैं.

विकीलिक्स और विकीपीडिया का मॉडल बनाम भड़ास4मीडिया की चिंता

लखनऊ में एक पत्रकार हैं संजय शर्मा. पहले कुछ मीडिया हाउसों के साथ जुड़कर पत्रकारिता करते थे. बाद में लखनऊ में अपना अखबार शुरू किया, वीकेंड टाइम्स नाम से, समान विचार वाले कुछ लोगों के साथ मिलकर पार्टनरशिप में. पिछले कुछ महीनों के दौरान दो बार लखनऊ जाना हुआ दोनों ही बार उनसे मिला. पहली बार बड़े आग्रह और स्नेह के साथ अपने घर ले गए, खाना खिलाया. अपना आफिस दिखाया. खूब सारी बातें कीं. दूसरी बार वे छोड़ने स्टेशन आए, स्टेशन पर ही हम दोनों ने खाना खाया. आज उनका मोबाइल पर एक संदेश आया. आपके एकाउंट में दस हजार रुपये जमा करा दिए हैं.

भड़ास4मीडिया के वीडियो पोर्टल का ट्रायल शुरू

पहले भड़ास ब्लाग Bhadas.BlogSpot.com फिर भड़ास4मीडिया Bhadas4Media.com फिर विचार पोर्टल Vichar.Bhadas4Media.com अब वीडियो पोर्टल. नाम  मीडियाम्यूजिक.भड़ास4मीडिया.काम है. इस पर जाने के लिए आपको पता www.MediaMusic.Bhadas4Media.com टाइप करके इंटर मार देना होगा.