शुक्रिया मीडियाकर्मियों, लड़ने और जीतने के लिए

शुक्रिया दोस्तों। केंद्र सरकार जिस काले कानून को लाने वाली थी, उसे अब किसी कीमत पर नहीं लाएगी। ऐसा भरोसा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देश के टीवी न्यूज चैनलों के संपादकों को एक मीटिंग में दिया। प्रधानमंत्री ने सफाई दी कि सरकार मीडिया पर लगाम लगाने की कोई कोशिश आगे भी नहीं करेगी। प्रधानमंत्री के बयान और आश्वासन के बाद टीवी न्यूज चैनलों के संपादकों और काले कानून के खिलाफ संघर्ष कर रहे पत्रकारों की अलग-अलग बैठकों में आंदोलन वापस लेने का ऐलान किया गया। भड़ास4मीडिया देश भर के मीडियाकर्मियों को इस आंदोलन में तन-मन-वचन से साथ देने के लिए तहेदिल से थैंक्यू कहता है और उम्मीद करता है कि आफत के ऐसे मौकों पर हमारी एकजुटता सदा बनी रहेगी।

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15 जनवरी के दिन मीडियाकर्मियों को क्या करना चाहिए?

देश के कई जिलों से सैकड़ों पत्रकारों ने भड़ास4मीडिया को मेल भेजकर जानना चाहा है कि 15 जनवरी के दिन वे किस तरह से विरोध दर्ज कराएं? कुछ पत्रकारों का कहना है कि वे जिस पत्रकार संगठन के सदस्य हैं, उसने विरोध दर्ज कराने के लिए किसी तरह का कोई आह्वान नहीं किया है। ऐसे लोगों से सिर्फ यही कहा जा सकता है कि यह मामला किसी पत्रकार संगठन या मीडिया के किसी खास हिस्से का नहीं है। यह हर मीडियाकर्मी और हर आजादी पसंद नागरिक का मामला है। आप संपादक हों, ट्रेनी हों या पत्रकारिता के छात्र हों, 15 जनवरी के दिन निजी तौर पर या सामूहिक तौर पर, जो भी विकल्प उपलब्ध हो, काला दिवस मनाना चाहिए। काला दिवस मनाने का यह मतलब कतई नहीं है कि हम काम पर न जाएं। पढ़ाई-लिखाई के साथ लड़ाई लड़ने के लिए नीचे लिखे तरीकों में से किसी एक को आजमा सकते हैं-

आइए, विरोध करें ताकि हम मुंह दिखा सकें

  • मीडिया के लिए प्रस्तावित काले कानून का विरोध
  • 15 जनवरी को दिन में 12 बजे जंतर-मंतर पहुंचे
  • काली पट्टियां बांध काला दिवस मनाने का ऐलान

मीडिया की आजादी फिर खतरे में है। केंद्र और राज्य सरकारों ने मीडिया को गुलाम बनाने की कोशिशें अतीत में भी कई बार की लेकिन इन साजिशों को मीडियाकर्मियों और लोकतंत्र में आस्था रखने वालों ने सफल नहीं होने दिया। एक बार फिर ऐसा ही संकट का समय हमारे करीब आ चुका है। काला कानून तैयार है। कार्यकाल खत्म होने से ठीक पहले केंद्र सरकार इस कानून को लागू करने के मंसूबे बनाए है। यह कानून संसद के जरिए नहीं, चुपचाप बनाया जा रहा है।