साहित्य एक नक्सली की डायरी (3) : विद्रोही चेतना और नोस्टेल्जिया : प्रेम में पागल होने को मैं एक काव्योक्ति भर समझता था। कॉमन सेंस इससे आगे बढ़ने की इजाजत... bhadas4media.comJanuary 30, 2011
साहित्य एक नक्सली की डायरी (2) : सुख-दुख की साझेदारी का रिश्ता : इलाहाबाद में कई लोगों से मेरी गहरी दोस्तियां भी हुईं लेकिन उन्हें पारंपरिक अर्थों में दोस्ती कहना... bhadas4media.comJanuary 30, 2011