इन्‍हें दिए गये रामनाथ गोयनका पुरस्‍कार

कल दिल्ली में एक भव्य समारोह में दर्जनों पत्रकारों को विभिन्न कैटगरियों में प्रतिष्ठित रामनाथ गोयनका एवार्ड प्रदान किए गए. जिन-जिन पत्रकारों को पुरस्कार दिए गए उनके व उनके संस्थान का नाम, जिस कैटगरी में एवार्ड दिए गए, उसका नाम, इस प्रकार है-

निर्भीक पत्रकारिता का पुरस्‍कार स्व. विजय को

: सिद्धार्थ वरदराजन और अर्णब गोस्वामी को वर्ष के श्रेष्ठ पत्रकार का पुरस्कार :  दर्जनों पत्रकारों ने लिया रामनाथ गोयनका एवार्ड : राष्ट्रपति ने कहा- सतही खबरें परोसने से बचे मीडिया : नई दिल्‍ली : उत्‍कृष्‍ट पत्रकारिता के लिये दिया जाने वाला रामनाथ गोयनका अवार्डस फार एक्‍सलेंस इन जर्नलिज्‍म के विजेताओं के एलान के लिये आयोजित समारोह इस बार निर्भीक पत्रकारिता को हृदयस्‍पर्शी श्रद्धांजलि का गवाह बना.

गीताश्री को भी रामनाथ गोयनका एवार्ड

गीताश्री: इस तरह, पति-पत्नी दोनों को गोयनका एवार्ड मिला : वरिष्ठ पत्रकार और बैग नेटवर्क के मैनेजिंग एडिटर अजीत अंजुम को गोयनका एवार्ड मिलने की खबर तो पहले ही भड़ास4मीडिया पर प्रकाशित किया जा चुका है लेकिन नई सूचना ये है कि उनकी पत्नी और जानी-मानी महिला पत्रकार गीताश्री को भी रामनाथ गोयनका एवार्ड के लिए चुना गया है. उनके पति अजीत अंजुम को पोलिटिकल रिपोर्टिंग कैटगरी में इस साल का रामनाथ गोयनका एवार्ड दिया गया है. सूत्रों के मुताबिक गीता को हिंदी जर्नलिस्ट कैटगरी प्रिंट के लिए यह एवार्ड दिया जा रहा है. इसी कैटगरी के इलेक्ट्रानिक सेक्शन में अभिसार शर्मा को एवार्ड दिया जा रहा है. बताया जा रहा है कि गीताश्री की ह्यूमन ट्रैफिकिंग की रिपोर्ट पर उन्हें रामनाथ गोयनका एवार्ड दिया जा रहा है. गीताश्री इन दिनों आउटलुक हिंदी में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं.

इस रिपोर्ट ने पुण्य को दिलाया प्रिंट का एवार्ड

ब्लागमशहूर पत्रकार पुण्य प्रसून वाजपेयी को दो बार रामनाथ गोयनका एक्सलेंस एवार्ड  दिया जा चुका है। पहली बार उन्हें टीवी के लिए दिया गया था, इस बार प्रिंट के लिए मिला। एक टीवी जर्नलिस्ट को प्रिंट के लिए गोयनका एवार्ड देने पर कई लोगों को थोड़ा अजीब लगा तो कुछ लोगों ने दबी जुबान से एवार्ड देने में मशहूर और नामी पत्रकारों को तवज्जो देने और हिंदी अखबारों के पत्रकारों को उपेक्षित रखने का आरोप लगाया। पुण्य प्रसून ने 13 अप्रैल 2009 को गोयनका एवार्ड लेने के बाद इसके अगले दिन 14 अप्रैल को अपने ब्लाग पर वो पूरी रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसके लिए उन्हें यह एवार्ड देने लायक समझा गया। पुण्य ने स्वीकार किया है कि इस रिपोर्ट को कवर करने के लिए और दिखाने के लिए न्यूज चैनल में स्पेस नहीं था।

29 पत्रकार प्रतिष्ठित गोयनका एवार्ड से सम्मानित

[caption id="attachment_14684" align="alignnone"]जर्नलिस्ट आफ द ईयर एवार्ड लेते पी साईंनाथ (दाहिने)। बीच में हैं भारत के मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन। बाएं हैं एक्सप्रेस ग्रुप के चेयरमैन विवेक गोयनका।जर्नलिस्ट आफ द ईयर एवार्ड लेते पी साईंनाथ (दाहिने)। बीच में हैं भारत के मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन। बाएं हैं एक्सप्रेस ग्रुप के चेयरमैन विवेक गोयनका।[/caption]

दिल्ली में सोमवार को आयोजित एक समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन ने प्रतिष्ठित रामनाथ गोयनका एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म एवार्ड्स (वर्ष 2007-08) से विजेताओं को नवाजा। ब्राडकास्ट और प्रिंट के लिए क्रमशः करन थापर और पी. साईंनाथ को जर्नलिस्ट आफ द ईयर एवार्ड दिया गया। करन थापर टीवी कमेंटेटर और इंटरव्यूवर हैं। पी. साईंनाथ अंग्रेजी अखबार द हिंदू से जुड़े हुए हैं। कुल 29 पत्रकारों को विभिन्न श्रेणियों में गोयनका एवार्ड दिया गया। ये पुरस्कार द एक्सप्रेस ग्रुप की तरफ से इसके संस्थापक रामनाथ गोयनका की याद में हर साल दिया जाता है। पुरस्कार के लिए बनाई गई चयन समिति के सदस्य हिंदुस्तान टाइम्स की चेयरपर्सन और एडिटोरियल डायरेक्टर शोभना भरतिया, फिल्म निर्माता श्याम बेनेगल,  कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन, इनफोसिस के चीफ मेंटर एनआर नारायण मूर्ति और एडवोकेट फाली एस नरीमन हैं। पुरस्कार पाने वालों में ज्यादातर पत्रकार अंग्रेजी के हैं। हिंदी में पुण्य प्रसून वाजपेयी, उमाशंकर सिंह और अभिषेक उपाध्याय को पुरस्कार दिया गया है।

पुरस्कार की 25 श्रेणियां और इसे पाने वाले 29 पत्रकारों के नाम इस प्रकार हैं-