अपने पर लगे आरोपों का हेमंत तिवारी ने पत्र भेजकर दिया जवाब

लखनऊ : सभी मान्यता प्राप्त पत्रकार साथियों, उत्तर प्रदेश के राज्य मुख्यालय पर मान्यता प्राप्त संवाददाताओं की एक समिति दशकों से प्रभावी है। उक्त समिति का काम मान्यता प्राप्त संवाददाताओं के काम काज को सरल सुगम बनाना रहा है। समिति के अंतिम चुनाव बीते साल जनवरी में विवादास्पद माहौल में संपन्न कराए गए। इसमें कई मान्यता प्राप्त पत्र प्रतिनिधियों को गैर कानूनी तरीके से मतदान के अधिकार से वंचित किया गया।

साजिशन हराया गया : हेमंत तिवारी

[caption id="attachment_16696" align="alignleft"]हेमंत तिवारीहेमंत तिवारी[/caption]यूपी मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति (यूपीएसएसीसी) के रविवार को हुए विवादास्पद चुनाव में पक्षपात एवं दुराग्रहपूर्ण फैसलों ने एक प्रत्याशी के रूप में न सिर्फ मुझे अपितु राज्य मुख्यालय के तमाम पत्रकारों को आहत किया है। राज्य मुख्यालय पर मान्यता प्राप्त पत्रकारों के बीच धड़ेबाजी कराने की बीते दिनों जो भी कोशिशें की गईं, मैंने और साथी पत्रकारों ने उसे समाप्त कराने के प्रयास किए, इसे सभी जानते है। वस्तुत: विगत ढाई दशक से भी ज्यादा समय से अस्तित्व में रहने वाली इस समिति का न तो कोई पंजीकरण है और न ही इसके संचालन के लिए कोई लिखित नियम। आपसी तालमेल और परंपराओं के अनुसार समिति के चुनाव राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संवाददाताओं की अघतन सूची से कराए जाते हैं। 

हेमंत तिवारी ने टीओआई को नोटिस भेजा

अपने बारे में गलत खबर प्रकाशित किए जाने से खफा वरिष्ठ पत्रकार हेमंत तिवारी ने टाइम्स आफ इंडिया प्रबंधन को नोटिस भेजा है। इस नोटिस में कहा गया है कि उनके बारे में जो बेबुनियाद और मनगढंत खबर प्रकाशित हुई है, उससे उनकी छवि को धक्का लगा है। उन्होंने टीओआई प्रबंधन से खंडन प्रकाशित करने और क्षमा याचना करने की मांग की है। हेमंत ने भड़ास4मीडिया को भी एक पत्र भेजकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया है।

मेरी छवि खराब कर रहे कुछ पत्रकार

हेमंत तिवारीसीओ और पत्रकार भिड़ंत प्रकरण : जांच में शासन ने सीओ को दोषी पाया : कठोर चेतावनी के साथ लखनऊ से बाहर तबादले का आदेश : जनसंदेश न्यूज चैनल के मुख्य सलाहकार और मान्यता प्राप्त पत्रकार सिमिति के महासचिव हेमंत तिवारी व लखनऊ के सरोजनी नगर इलाके के सर्किल आफिसर (सीओ) राजेश सिंह के बीच 7 अगस्त की रात जो भिड़ंत हुई, उसे लेकर चार दिनों से लखनऊ में मीडिया व पुलिस-प्रशासन में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। फिलहाल इस मामले की जांच के बाद प्रदेश शासन ने आरोपी पुलिस उपाधीक्षक राजेश सिंह को दोषी मानते हुए लखनऊ से बाहर तबादला करने की अनुमति चुनाव आयोग से मांगी है। साथ ही उन्हें कठोर चेतावनी भी दी गई है। लखनऊ जिले की एक विधानसभा सीट पर उप चुनाव होने के कारण लखनऊ में किसी भी तबादले के लिए चुनाव आयोग से मंजूरी लेना जरूरी है। 

हेमंत तिवारी बने जनसंदेश के चीफ एडवाइजर

हेमंत तिवारीवरिष्ठ पत्रकार हेमंत तिवारी जनसंदेश न्यूज चैनल के चीफ एडवाइजर नियुक्त किए गए हैं। वे सोमवार को कार्यभार ग्रहण करेंगे। इससे पहले वे टैबलायड अखबार डीएलए के यूपी के स्टेट ब्यूरो चीफ और पोलिटिकल एडिटर थे। दैनिक जागरण, कानपुर से वर्ष 1985 में करियर शुरू करने वाले हेमंत जागरण के साथ पूरे 18 साल रहे।