अरुण शहलोत का माल टूटा तो हृदयेश दीक्षित ने रवींद्र जैन पर निशाना साधा

राज एक्सप्रेस के मालिक हैं अरुण शहलोत. इनके यहां राज एक्सप्रेस में पहले हृदयेश दीक्षित संपादक हुआ करते थे. बेआबरु होकर इन्हें राज से बाहर जाना पड़ा. जाहिर है, बाहर करने का फैसला अरुण शहलोत ने ही लिया होगा. लेकिन आजकल के चालाक पत्रकार और बड़े पदों पर आसीन पत्रकार किसी भी मामले में मालिक को कभी दोषी नहीं मानते. वे हमेशा दोष किसी निर्दोष पत्रकार के मत्थे मढ़ देते हैं. हृदयेश दीक्षित गए तो रवींद्र जैन को पूरा पावर मिल गया और संपादक बना दिए गए.

सांध्य दैनिक में प्रातःकालीन अखबारों की समीक्षा

: जोरदार आइडिया : ‘प्रदेश टुडे’ में प्रकाशित मीडिया मिर्ची से कई तिलमिलाए : अगर कोई अखबार या पत्रिका मीडिया हाउसों के अंदर की खबरें छापने लगे तो जाहिर है, कम से कम मीडिया सर्किल में इसकी खूब चर्चा होगी. यह फार्मूला भोपाल से 20 दिनों पहले प्रकाशित सांध्य दैनिक प्रदेश टुडे ने आजमाया है. सांध्य दैनिक ‘प्रदेश टुडे’ संपादकों का संपादक बन बैठा है.

ग्रुप एडिटर हृदयेश को हटाने की तैयारी!

राज एक्सप्रेस में जारी उठापटक थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजी सूचना के अनुसार इस अखबार के ग्रुप एडिटर हृदयेश दीक्षित के पर कतरने की शुरुआत हो गई है. संभव है, आने वाले दिनों में उन्हें कार्यमुक्त कर दिया जाए. सूत्रों के मुताबिक राज एक्सप्रेस के मालिक अरुण शहलोत ने हृदयेश दीक्षित का प्रिंट लाइन में जा रहा नाम हटाने का आदेश दे दिया है. इंदौर स्थित राज एक्सप्रेस के मुख्यालय से प्रकाशित होने वाले अखबार से हृदयेश दीक्षित का नाम हटा दिया गया है. जानकारी के मुताबिक प्रबंधन ने यह कदम हृदयेश दीक्षित के खिलाफ लगातार मिल रही शिकायतों के चलते उठाया है. सूत्रों के मुताबिक मध्य प्रदेश में नेता विपक्ष जमुना देवी ने बीते दिनों एक पर्चा बंटवाया. पर्चे में राज एक्सप्रेस के ग्रुप एडिटर पर कई गंभीर आरोप लगाए गए. पर्चा पत्रकारों के बीच वितरित कराया गया.