सब एडिटर से लेकर संपादकीय प्रभारी तक का काम कर चुकी हैं कनिमोझी

: तिहाड़ जेल में जासूस, सेक्स रैकेट संचालिका, हत्यारोपी महिलाओं के साथ रखा गया कनि को : चेन्नई में 1968 में जन्मी कनिमोझी अच्छी कवियित्री हैं. पत्रकारिता में भी उनका अच्छा अनुभव रहा है. तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. करूणानिधि खुद अच्छे कवि हैं. इसलिए अपने पिता की तरह कनिमोझी ने कविताएं लिखना शुरू किया और वह इस कारण काफी चर्चित रहीं. कवियित्री के रूप में उनकी कई किताबें आ चुकी हैं. कई पुस्तकों का अनुवाद भी हो चुका है.

उसी तिहाड़ गईं कनी जहां एक ‘राजा’ रहता है

: ‘बेकार’ अमर पर शुरू हुआ सिस्टम का वार : कनिमोझी उसी तिहाड़ जेल गई हैं जहां राजा रहते हैं. कनी और राजा की प्रेम कहानी की पिछले दिनों खूब चर्चा हुई. नीरा राडिया ने रतन टाटा को फोन पर बताया था कि ए. राजा के सामने जब कनिमोझी का नाम लो तो वह शरमा जाता है. कनी-राजा के प्रेम के चर्चे उस जमाने में हर ओर थे. और कनी जो चाहती थी राजा से करा लेती थी.

जेल में बीतेगी एक टीवी पत्रकार की दिवाली

हरियाणा के रेवाड़ी में एक टीवी चैनल के रिपोर्टर को शराब ठेकेदार व पुलिस से पंगा लेना इतना महंगा पड़ गया कि पुलिस ने उसकी दिवाली जेल में मनाने का रास्ता साफ कर दिया। बुधवार की रात गिरफ्तार किए गए इस पत्रकार को अदालत में पेश करने पर जमानत नहीं मिली। हुआ यूं कि पत्रकार सुरेंद्र कुमार ने शराब के नशे में एक शराब ठेकेदार से पंगा ले लिया। पहले तो ठेकेदार ने पत्रकार व उसके एक साथी को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन मामला सुलझने की बजाय बिगड़ता चला गया। आखिर शराब ठेकदार ने पुलिस को मौके पर बुला लिया।

पांच पत्रकारों को 11 दिन रखा जेल में

छोटे व दूरस्थ जिलों में तो बहुत बुरा हाल है पत्रकारों का. भड़ास4मीडिया के पास एक छोटी सी चिट्ठी आई है जिसमें एक चौंकाने वाले घटनाक्रम का जिक्र किया गया है. मध्य प्रदेश के सिवनी जिले से खबर है कि वहां के पुलिस अधीक्षक ने अयोध्या मामले में जिले के पांच पत्रकारों को घरों से सोते हुए उठा कर गिरफ्तार कर लिया और ग्यारह दिनों तक जेल में रखा. धारा 151 में इन पत्रकारों को चोर और उचक्कों के साथ जेल में रखा गया.