यह दलित विरोधी पत्रकारिता है

हमारी पत्रकारिता का हिन्दूवादी, ब्राह्णवादी चेहरा अक्सर हमें दिख जाता है। सामान्य स्थितियों में तो यह आधुनिक, प्रगतिशील, निष्पक्ष, लोकतांत्रिक होने का स्वाँग करता हुआ हमें दिखता है। लेकिन जब भी इसके अन्तर्मन पर चोट पड़ती है या जब भी इसके अन्दर बैठे किसी ब्राह्मण या सवर्ण पर प्रहार होता है तब यह तिलमिला उठता है। ऐसे में इसकी सारी बड़ी बड़ी बातें धरी की धरी रह जाती हैं। लखनऊ में हुए दलित नाट्य महोत्सव में हमें पत्रकारिता का ऐसा ही चेहरा देखने को मिला।

अमित, कौशल की नई पारी

अमित अधिराज ने टाइम न्‍यूज, पटना से इस्‍तीफा दे दिया है. उन्‍होंने पटना में ही देश लाइव का का दामन थाम लिया है. वे एंकर कम एसोसिएट प्रोडूयसर बनाए गए हैं. अमित ने अपने करियर की शुरुआत ईटीवी के साथ की थी.