याहू इंडिया ने लोकमत मराठी से टाइअप किया

दैनिक जागरण और दिनामलार के साथ टाइअप के बाद याहू इंडिया अब लोकमत मराठी को अपने गुलदस्‍ते में शामिल किया है. अपनी मराठी वेबसाइट शुरू करने के लिए याहू इंडिया ने लोकमत मराठी ग्रुप के साथ कंटेंट टाइअप किया है. इसके तहत लोकमत मराठी भाषा में याहू को कंटेंट उपलब्‍ध कराएगा. यह टाइअप याहू की भावी योजनाओं के विस्‍तार का एक पड़ाव है. याहू भारत में छह भाषाओं की बेवसाइट शुरू करने की योजना पर काम कर रहा है.

लोकमत के ब्‍यूरोचीफ विनोद शाही का इस्‍तीफा, दीपेश नवज्‍योति से जुड़े

यूपी में लोकमत हांफने लगा है. सेलरी को लेकर अफरातफरी है. खबर है कि गोरखपुर ब्‍यूरो भी बंद होने के कगार पर पहुंच चुका है. सात लोगों के स्‍टाफ में से चार लोगों ने पहले ही सेलरी ना मिलने के चलते छोड़ दिया था. अब गोरखपुर के ब्‍यूरोचीफ विनोद शाही ने भी अपना इस्‍तीफा सौंप दिया है. विनोद अपना तथा सहकर्मियों का वेतन न मिलने से नाराज थे. प्रबंधन इन लोगों को पत्रकार से ज्‍यादा मार्केटियर बनाना चाहता था.

 

भरत कपाडि़या ने लोकमत समूह छोड़ा

लोकमत समूह में डायरेक्‍टर भरत कपाडिया ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे जनवरी 2009 से लोकमत समूह से जुड़े हुए थे. बताया जा रहा है कि 30 जून को उनका अनुबंध समाप्‍त हो गया, जिसके बाद उन्‍होंने इसे रिन्‍यू नहीं करने का फैसला किया. निदेशक के रूप में समूह ज्‍वाइन करने वाले कपाडिया को लोकमत प्रबंधन ने प्रमोशन देकर डायरेक्‍टर बना दिया था.

लखनऊ से लां‍च हो गया लोकमत

: सम्‍पादक ने कहा – अखबार का कलेवर नहीं तेवर देखिएगा : जिस अखबार ने स्वतंत्रता संग्राम में लोगों के बीच आन्दोलन की अलख जगाई और लोगों में आजादी के नारे को बेखौफ बुलंद आवाज में अपने पत्रों में प्रकाशित किया उस लोकमत अखबार के लखनऊ संस्करण का लोकार्पण करने के लिए मुझे आमंत्रित किया गया यह मेरे लिए गर्व की बात है।

लोकमत, लखनऊ की लांचिंग कल

राजस्‍थान के बीकानेर और जयपुर से प्रकाशित हिंदी दैनिक लोकमत लखनऊ से कल लांच होने जा रहा है. हरजरतगंज स्थित हिंदी सभागार में आयोजित लांचिंग कार्यक्रम के मुख्‍य अतिथि लखनऊ के महापौर दिनेश शर्मा होंगे. विशिष्‍ट अतिथि के रूप में गोपाल नारायण मिश्रा और मुद्रा राक्षस मौजूद रहेंगे. इस अखबार के मैनेजिंग एडिटर आनंद वर्धन …

लोकमत औरंगाबाद से निकालेगा टैबलायड ‘सिटी एक्‍सप्रेस’

महाराष्‍ट्र में लोकमत और भास्‍कर ग्रुप में एक दूसरे से बढ़त लेने की होड़ लगी हुई है. भास्‍कर जहां महाराष्‍ट्र में अपने हिंदी तथा मराठी एडिशन लांच कर लोकमत को टक्‍कर देने की कोशिश कर रहा है, वहीं लोकमत अब नया स्‍ट्रेटजी बनाकर भास्‍कर को पीछे छोड़ने की कोशिश कर रहा है. इसी क्रम में लोकमत ग्रुप अब मराठी का टैबलायड अखबार निकालने जा रहा है. इसकी शुरुआत औरंगाबाद से की जाएगी.

अश्‍वनी पहुंचे लोकमत, अंबुजेश न्‍यूज एक्‍सप्रेस

बिजनेस स्‍टैंडर्ड, लखनऊ से अश्‍वनी कुमार श्रीवास्‍तव ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां पर सहायक समाचार संपादक थे. इन्‍होंने अपनी नई पारी लखनऊ से शीघ्र लांच होने वाले अखबार लोकमत के साथ शुरू की है. उन्‍हें स्‍पेशल करेस्‍पांडेंट बनाया गया है. अश्‍वनी 2002 बैच के आईआईएमसी के छात्र हैं. इन्‍होंने अपने करियर की शुरुआत दिल्‍ली में नवभारत टाइम्‍स के साथ की थी. यहां पांच साल रहने के बाद हिंदुस्‍तान गए. वहां से इस्‍तीफा देने के बाद दिल्‍ली में ही बिजनेस स्‍टैंडर्ड की लांचिंग टीम के सदस्‍य बने. इसके बाद इनका तबादला लखनऊ कर दिया गया था. इनके लीडरशिप में ही यूपी में अखबार की लांचिंग हुई.

एक मई को जलगांव से लांच होगा ‘लोकमत समाचार’

लोकमत ग्रुप महाराष्‍ट्र में अपने हिंदी एडिशन में विस्‍तार करने जा रहा है.  यह ग्रुप ‘लोकमत समाचार’ के नाम से इस समय अपने चार हिंदी एडिशनों को प्रकाशन नागपुर, कोल्‍हापुर, अकोला और औरंगाबाद से कर रहा है. इसका पांचवां एडिशन मई से जलगांव से शुरू हो जा रहा है. ग्रुप का मराठी अखबार ‘लोकमत’ का …

‘लोकमत समाचार’ और ‘लोकमत’ में कनफ्यूज मत होइए

‘लोकमत’ अब यूपी में कदम में कदम रखने जा रहा है. यह अब लखनऊ से प्रकाशित होने जा रहा है.  इसको लेकर लोगों में काफी कन्‍फ्यूजन है. इसे लोग महाराष्‍ट्र से प्रकाशित हो रहे रहे ‘लोकमत ग्रुप’  का अखबार समझ रहे हैं. जबकि लखनऊ से प्रकाशित होने जा रहा हिंदी अखबार ‘लोकमत’ राजस्‍थान के बीकानेर और जयपुर से प्रकाशित ‘लोकमत प्रकाशन’  का वेंचर है. महाराष्‍ट्र का लोकमत ग्रुप अपने हिंदी अखबार का प्रकाशन ‘लोकमत समाचार’ के नाम से करता है.

राजीव अग्रवाल बिलासपुर से औरंगाबाद पहुंचे

: संदीप और शिव ने पत्रिका ज्‍वाइन किया : नवभारत, बिलासपुर से जनरल मैनेजर राजीव अग्रवाल ने इस्‍तीफा दे दिया है. अब वे महाराष्‍ट्र में लोकमत से जुड़ गए हैं. उन्‍होंने औरंगाबाद में लोकमत के जनरल मैनेजर के पद पर ज्‍वाइन किया है. वे यहां पर लोकमत के हिंदी, अंग्रेजी और मराठी के एडिशनों को हेड करेंगे.

हिंदुस्तान की जवां रूहानियत को सलाम

गिरीशजी: कुदरत का तोहफा है 2011 : जी हां, 2011 कुदरत का एक तोहफा है! इस तोहफे के लिए सभी को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई. यह उस नए युवा भारत के प्रतीक्षित ‘दशक’ का पहला साल है जब हिंदुस्तान सिर्फ आर्थिक विकास की दौड़ में ही अव्वल नहीं होगा, बल्कि हर मायने में दुनिया की सबसे बड़ी मान्य ताकत यानी ‘सिरमौर’ भी होगा. शताब्दियों तक ‘सोने की चिड़िया’ के रूप में लुभाने के बाद पहली बार आधुनिक इतिहास में ऐसा भी हुआ जब बीते साल के छह महीनों में ही हर बड़ी वैश्विक ताकत ने हमारे दरवाजे पर आशा भरी दस्तक दी.

नागपुर में पाठकों को लुभाने के लिए बांटे जा रहे उपहार

आजकल अपने ‘ब्राण्ड‘ को टिकाए रखने के लिए उद्योगपति या उत्पादक किस तरह की मार्केटिंग का सहारा लेते हैं, इसे टीवी चैनलों, खबरिया चैनलों, रेडियो और समाचार पत्रों में आसानी से देखा-पढा और सुना जा सकता है. मगर प्रचार-प्रसार, विज्ञापनों और मार्केटिग के युग में अब समाचार-पत्र भी पीछे नहीं हैं. उन्हें लगता है कि अगर हम इस स्पर्धा में पिछड़ गए, तो हमारे साथ वर्षों से जुडा पाठक वर्ग कहीं हाथ से निकल न जाए.

सच से डर लगता है

गिरीश: श्याबाओ हों या विकिलीक्स- कहानी एक है : ‘चीन तब तक दुनिया का नेता नहीं बन सकता, जब तक कि वो मानवाधिकार हनन नहीं रोकता. हालांकि लू श्याबाओ की कहानी एक अरब से ज्यादा लोगों में से एक व्यक्ति की कहानी है, लेकिन ये व्यक्तिगत अभिव्यक्ति के प्रति चीन की सरकार की असहिष्णुता का प्रतीक है.’ आर्चबिशप डेसमंड टूटू और वेस्लाव हावेल (दोनों नोबेल शांति पुरस्कार के पूर्व विजेता). ’चीन ने जो किया वो दुखद है…बहुत दुखद. एक मनुष्य होने के नाते मैं श्याबाओ की ओर अपना हाथ बढाना चाहती हूं.’ आंग सान सू ची (नोबेल शांति पुरस्कार की पूर्व विजेता). ’इस साल 2010 के नोबेल शांति पुरस्कार विजेता श्याबाओ का काम तुलनात्मक रूप से मुझसे कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है… मैं अपील करता हूं कि चीन सरकार उन्हें तुरंत रिहा करे.’ बराक ओबामा (2009 में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता).

बैतूल में दो अखबारों के दफ्तर में चोरी

बैतूल में सुरक्षा व्यवस्था कितनी लचर है इसका उदाहरण शहर में देखने को मिला। चोरों के बुलंद हौसलों का पता इसी बात से चलता है कि उन्होंने मीडिया दफ्तरों को अपना निशाना बनाया। स्टेडियम में बने दो अखबार दफ्तरों में चोरों ने बुधवार की रात ताले तोडक़र हजारों रूपए के सामान पर हाथ साफ कर दिया। यह हालात तब है जब रेंज के पुलिस महानिरीक्षक बैतूल दौरे पर हैं।

विजय दर्दा के हाथों में एबीसी की कमान

: शशिधर सचिव बने : कोषाध्‍यक्ष की कमान मधुकर को : राज्‍यसभा सदस्‍य और लोकमत अखबार समूह के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक विजय जवाहरलाल दर्दा को ऑडिट ब्‍यूरो ऑफ सर्कुलेशन (एबीसी) की कमान सौंपी गई है. दर्दा वर्ष 2020-11 में एबीसी अध्‍यक्ष की जिम्‍मेदारी संभालेंगे. मेडिसन कम्‍युनिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सैम बलसारा को एबीसी का उपाध्‍यक्ष नियुक्‍त किया गया है.