सुरेंद्र माथुर बने नवभारत, ग्‍वालियर के संपादक

ग्‍वालियर से सूचना है कि सुरेंद्र माथुर एक बार फिर नवभारत के साथ जुड़ गए हैं. उन्‍होंने संपादक के रूप में ज्‍वाइन किया है. इसके पहले वे केएमजे न्‍यूज से जुड़े हुए थे. नवभारत के साथ श्री माथुर की यह दूसरी पारी है. इसके पहले वे नवभारत, ग्‍वालियर को जीएम के रूप में अपनी सेवाएं …

डीबी शर्मा नवभारत, मुंबई के डायरेक्‍टर बनाए गए

हिंदी दैनिक ‘नवभारत’ के मुंबई संस्करण के प्रेसिडेंट डीबी शर्मा को डायरेक्टर (ऑपरेशन) बनाया गया हैं. नवभारत प्रबंधन ने डीबी शर्मा को प्रेसिडेंट से डायरेक्टर (ऑपरेशन) के रूप में प्रोन्नत किया है. शर्मा नवभारत के मुंबई संस्करण से 1998 से जुड़े हुए हैं. उन्होंने मुंबई में पहली नौकरी नवभारत में बतौर महाप्रबंधक ज्वाइन किया था. डायरेक्टर (ऑपरेशन) बनाए जाने से पहले वे नवभारत के प्रेसिडेंट थे.

तबादला होने और सेलरी न मिलने से नाराज नवभारत के पत्रकार धरने पर

मध्य प्रदेश के ग्वालियर से प्रकाशित होने वाले नवभारत में घमासान चरम पर पहुंच गया है। इस अखबार की लुटिया डुबोने वाले सुमित माहेश्वरी का नाम पहले ही प्रिंट लाइन से गायब हो गया है। ग्वालियर में काम करने वाले स्टॉफ को 22 माह से वेतन नहीं मिली है और ऊपर से इनके सिर पर तबादले की तलवार लटका दी गई है। ऐसे में परेशान स्टॉफ ने प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए नवभारत के सिटी सेंटर स्थित दफ्तर के बाहर तंबू लगाकर धरना देना शुरू कर दिया है।

नवभारत के मालिक के परिजन जमानत पर छूटे

इंदौर। बैंक ऑफ महाराष्ट्र से करोड़ों की धोखाधड़ी करने के आरोप में फंसे पांच आरोपियों को जमानतनामा पेश करने पर निचली अदालत ने रिहा कर दिया। बुधवार को दोपहर में स्पेशल मजिस्‍ट्रेट डा. शुभ्रासिंह की अदालत में नवभारत के मालिक प्रफुल्ल माहेश्वरी की पत्नी श्रीमती ब्रज माहेश्वरी (65),  उनके पुत्र संदीप (47), सुमीत (40) व राकेश भाटिया सभी निवासी भोपाल पेश हुए और 29 जुलाई को हाईकोर्ट से मिली अग्रिम जमानत का आदेश देकर जमानतनामा पेश किया,  जहां से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।

नवभारत के मालिक के परिजनों को करोड़ों की धोखाधड़ी में अग्रिम जमानत

इंदौर। करोड़ों की धोखाधड़ी में फंसे नवभारत के मालिक प्रफुल्ल माहेश्वरी के परिजनों को हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने राहत दे दी है। उनकी पत्नी श्रीमती ब्रज माहेश्वरी, पुत्र संदीप माहेश्वरी व सुमित माहेश्वरी को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है। उनके वकील अजय गुप्ता ने इसकी पुष्टि की है। बताया जाता है कि इन पर बैंक से 32 करोड़ का लोन लेकर धोखाधड़ी करने का इल्जाम है, जिसकी जांच सीबीआई कर रही है।

नवभारत, नागपुर से अभिमनोज का नाता टूटा

नवभारत, नागपुर से अभिमनोज ने इस्‍तीफा दे दिया है. प्रबंधन द्वारा सर्कुलेशन में जिम्‍मेदारी दिए जाने के बाद उन्‍होंने काम करने से मना कर दिया. एक महीने पहले ही अभिमनोज को मुंबई से नागपुर भेजा गया था. मुंबई में वे नवभारत के आरई थे. नागपुर में उन्‍हें सेंट्रल डेस्‍क का इंचार्ज बनाकर भेजा गया. काम …

रमन और राजनाथ सिंह को नहीं पहचानते नवभारत वाले!

दो दिन पहले हिंदुस्‍तान ने फोटो कैप्‍शन में गलती की थी तो अब नया नवभारत के रायपुर संस्‍करण ने किया है. इसमें 24 अप्रैल को एक फोटो लगाई गई है, जिसका लिंक आपको भेज रहा हूं. इस फोटो में न तो छत्‍तीसगढ़ के सीएम रमण सिंह मौजूद हैं और ना ही पूर्व राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष राजनाथ सिंह, फिर भी अखबार ने उन दोनों लोगों के नाम का कैप्‍शन लगाया है. आजकल इस अखबार में लगातार इस तरह की गलतियां देखने को मिल रही हैं.

नवभारत को सेलरी जुगाड़ू संपादक चाहिए!

ग्वालियर से प्रकाशित होने वाले नवभारत को संपादक की जरूरत है। इस अखबार में बतौर संपादक कर रहे डॉक्टर सुरेश सम्राट इस अखबार से विदा हो चुके हैं। इसलिए नए संपादक की प्रबंधन को तलाश-जोरशोर से है। और हां, संपादक में संपादकीय की टीम (जो इस अखबार में अब रही नहीं) को कंट्रोल करने की कला हो या न हो, पर उसके पास यह योग्यता अवश्य होना चाहिए कि वह संपादकीय टीम के लिए सेलरी की जुगाड़ कर सके। यदि वह ऐसा करने में सक्षम है तो वह इस पद के लिए एकदम फिट है।

कमाई नहीं दिखी तो बस्‍तर से लौट गए भास्‍कर और नवभारत!

यशवंत जी यह सबसे बड़ी सच्चाई है कि आज पत्रकारिता मिशन न हो कर केवल बिजनेस बन कर रह गया है. इसका सबसे बड़ा उदाहरण छत्तीसगढ के बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में देखा जा सकता है, जहां साल भर पूर्व दैनिक भास्कर और नवभारत दोनों ने अपनी यूनिट डालने की पूरी तैयारी कर ली थी.

‘नवभारत’ द्वारा प्रकाशित किताब का सीएम ने किया विमोचन

मुंबई से प्रकाशित हिन्‍दी दैनिक ‘नवभारत’ द्वारा प्रकाशित पुस्‍तक ‘कर्मयोगी’ का विमोचन मुख्‍यमंत्री अशोक चव्‍हाण ने किया. बुधवार को मुख्‍यमंत्री ने मंत्रालय स्थित अपने कार्यालय में इस पुस्‍तक का विमोचन करने के बाद कहा कि सफलता की कहानियों से युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है.