कहिन प्रभाषजी, नेट पर रहेंगे तो पाठक बढ़ेंगे ही! [caption id="attachment_15060" align="alignleft"]संजय कुमार सिंह[/caption]आलोक तोमर के आलेख 'नेट का भी अपना समाज है प्रभाष जी' के क्रम में प्रभाष जी और उन जैसे... bhadas4media.comAugust 25, 2009
वेब-सिनेमा नेट का भी अपना समाज है, प्रभाष जी! सुबह-सुबह हमारे गुरु और हिंदी के या शायद भारत के महान संपादक प्रभाष जोशी का फोन आया। पहले तो उन्होंने यही पूछा कि कहां... bhadas4media.comAugust 23, 2009
कहिन चारों तरफ चुप्पी पर नेट पर बड़ी घमासान : प्रभाष जोशी पैसे लेकर खबर छापने के मामले पर जनसत्ता में फिर लिखा प्रभाष जोशी ने : पटना में इस बार एक नए पाठक मिले। नए... bhadas4media.comAugust 11, 2009