पंवार चाहें तो जांच करा लें : प्रो. निशीथ राय

प्रिय यशवंत, पोर्टल भड़ास4मीडिया में श्री देशपाल सिंह पंवार के द्वारा समूह संपादक के पद से अपनी बर्खास्तगी को लेकर डीएनए प्रबंधन के ऊपर कई तरह के आरोप लगाए हैं, जिनका लगातार जवाब देना मैं उचित नहीं समझता हूं और न ही मेरे पास इतना समय है।

”मौका देख पंवार ने मेरा हाथ दबाया”

डीएनए की महिला रिपोर्टर ने बर्खास्त ग्रुप एडिटर डीपीएस पंवार पर लगाए कई गंभीर आरोप : पंवार ने हाथ दबाकर कहा था – अच्छा करोगी तो दूर तक जाओगी : एक दिन बोले- तुमने अगर कोई जवाब नहीं दिया तो मर जाऊंगा : लखनऊ-इलाहाबाद से प्रकाशित हिंदी दैनिक डेली न्यूज एक्टिविस्ट (डीएनए) के ग्रुप एडिटर पद से हटाए गए देशपाल सिंह पंवार पर उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला रिपोर्टर ने अपने साथ हुए बर्ताव को लेकर एक पत्र सार्वजनिक किया है। महिला रिपोर्टर ने आपबीती को भड़ास4मीडिया के पास मेल किया है।

9 करोड़ होते तो नौकरी क्यों तलाशता : पंवार

माफिया भाई और नेताजी के नाम की धमकी देते थे : किसी बिल्डर शमशेर को नहीं जानता : पासवान से एक साल से मुलाकात नहीं : बिना आरएनआई नंबर वित्तपोषण संभव नहीं : लड़की वाली शिकायत मेरे टर्मिनेशन के दिन क्यों?  : डीएनए चेयरमैन ने मेरे बारे में जो लिखा है, उससे साबित हो रहा है कि उनकी बातें व आरोप कितने गलत हैं. वे बाहर से पैसा लाने के मुझ पर दबाव को खुद मान रहे हैं. मेरा सवाल यही है कि क्या खुद का एक पैसा लगाए बिना यूनिट खुल सकती है? ये करिश्मा हो सकता है?

ग्रुप एडिटर पद से पंवार बर्खास्त

लखनऊ से खबर है कि हिंदी दैनिक डेली न्यूज एक्टिविस्ट (डीएनए) के ग्रुप एडिटर देशपाल सिंह पंवार को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है. प्रबंधन ने यह फैसला लेने के बाद बर्खास्तगी से संबंधित एक छोटी खबर भी अखबार में प्रकाशित करा दिया है. इस खबर में कहा गया है- ”गंभीर आर्थिक और चारित्रिक शिकायतों के कारण डेली न्यूज एक्टिविस्ट प्रबंधन ने देशपाल सिंह पंवार को तत्काल प्रभाव से समूह संपादक पद से बर्खास्त कर दिया है.” पंवार के खिलाफ किस तरह की शिकायतें थीं, इसका पता नहीं चल सका है. पंवार ने पिछले साल अगस्त महीने में डेली न्यूज एक्टिविस्ट ज्वाइन किया.