We are here to stay and to give good value to our Customers : CEO, PACL

PACL, a reputed name in real estate for the last 15 years with a presence pan India with its Housing, Commercial, Townships, and Hospitality Projects is here to stay and will continue to give value to its customers.  “In fact we have massive growth plans and customers are calling in to reiterate their trust in our company and the value we bring to them and their investments.

पीएसीएल कथा (पार्ट दो)

पीएसीएल की ये कथा इकानामिक टाइम्स में प्रकाशित हो चुकी है. पिछले महीने की 28 तारीख को. इस स्टोरी में पीएसीएल की पूरी कुंडली है और इसके काम करने के तौर-तरीके के बारे में विस्तार से बताया गया है. इस स्टोरी का हिंदी अनुवाद जरूरी है ताकि ज्यादा से ज्यादा हिंदी पट्टी के लोग पीएसीएल के बारे में जान सकें क्योंकि पीएसीएल का ज्यादातर काम इन दिनों हिंदी बेल्ट में ही संचालित हो रहा है.

पीएसीएल कथा (पार्ट एक)

इस देश में सबसे निरीह जनता है. लोग कानून और संविधान की मीठी मीठी बात करते हुए आते हैं और जनता से उसका भरोसा, पैसा, वोट, उर्जा… सब लूट ले जाते हैं. लुटेरों के अलग-अलग नाम होते हैं. वे अलग-अलग वक्त में आते हैं. इन लुटेरों को पुलिस वाले भी नहीं पहचान पाते क्योंकि लुटेरे बड़े हाईप्रोफाइल होते हैं. लुटेरों को इस देश की संस्थाएं, कानून, पढ़े-लिखे लोग आदि पहचान करने में काफी देर कर देते हैं. तब तक लुटेरे बेहद ताकतवर हो चुके होते हैं.

सेबी ने वाकई पीएसीएल के कई ठिकानों पर छापेमारी की या आजसमाज में फर्जी खबर छपी?

इन दिनों पीएसीएल चर्चा में है. यह पर्ल्स ग्रुप की मदर कंपनी है. पी7न्यूज चैनल, बिंदिया मैग्जीन, मनी मंत्रा मैग्जीन, शुक्रवार मैग्जीन यही ग्रुप निकालता है. मध्य प्रदेश में राज्य सरकार ने बिल्डरों और चिटफंडियों के खिलाफ अभियान चला रखा है. इसकी शुरुआत खासकर तब हुई जब कई बिल्डरों और चिटफंडियों ने राज्य सरकार को अपने मीडिया माध्यमों से ब्लैकमेल करना शुरू किया. जब ब्लैकमेलिंग की हद हो गई तो राज्य सरकार ने इन्हें सबक सिखाने के लिए इनकी मूल कंपनियों की चूले हिला दीं.

जनता का पैसा लूटने वाले पीएसीएल एवं केएमजे के ग्‍यारह कर्मचारी पुलिस गिरफ्त में

मध्‍य प्रदेश में चिट फंड कंपनियों के खिलाफ चल रहे व्‍यापक अभियान में जबलपुर प्रशासन ने सख्‍त रवैया अपना लिया है. जबलपुर में पीएसीएल और केएमजे के 11 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है. पीएसीएल और केएमजे दोनों मीडिया ग्रुप का संचालन भी करती हैं.  चिट फंड के नाम पर जनता को सुनहरे सपने दिखाकर उनकी गाढ़ी कमाई पर डाका डालने वालों का बचना अब मुश्किल हो गया है.

स्टार न्यूज ने भी पी7 न्यूज की मंदर कंपनी पीएसीएल के खिलाफ खबर दिखाई

नवभारत टाइम्स के बाद अब स्टार न्यूज ने भी पी7 न्यूज चैनल चलाने वाली कंपनी का भंडाफोड़ शुरू कर दिया है। आमतौर पर मीडिया हाउस एक दूसरे की निगेटिव खबरें दिखाने से बचते हैं लेकिन स्टार न्यूज ने शनिवार दोपहर दो बजे के बुलेटिन में पी7 न्यूज चैनल चलाने वाली पीएसीएल के फर्जीवाड़े को लीड स्टोरी बनाया और पांच मिनट तक चैनल पर चलाया।

पुलिस ने खंगाले पीएसीएल कंपनी के दस्तावेज

शिवपुरी (मध्य प्रदेश) । ग्वालियर में चिटफंड कंपनियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद अब शिवपुरी में भी चिटफंड कंपनियों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। शहर के झांसी रोड पर स्थित पीएसीएल कंपनी के दफ्तर में जिला प्रशासन व पुलिस ने रविवार को दस्तावेजों को खंगालने का काम शुरू किया है। सूत्र बताते हैं कि भोपाल से मुख्य सचिव और डीजीपी के निर्देश पर पुलिस प्रशासन ने विभिन्न चिटफंड कंपनियों के कारोबार को लेकर जांच पड़ताल शुरू की है।