घोषणाओं का मौसम : अनुराधा प्रसाद और संतोष भारतीय ला रहे नए चैनल

मीडिया में पैसे बनाने का खेल जिन्हें एक बार आ जाता है, वे फिर पीछे मुड़कर नहीं देखते. यह हर कोई कहने-जानने लगा है कि मीडिया का मतलब कभी सरोकार रहा होगा, लेकिन इन दिनों तो इसका मतलब माल बनाना होता है. मीडिया अब उस चिड़िया का नाम है, जिसके जरिए महानता का लबादा ओढकर और सम्मानित माने जाने का भाव धारण कर मुनाफा कमाया जा सकता है.

चौथी दुनिया के वेस्ट बंगाल ब्यूरो चीफ बिमल राय का इस्तीफा

खबर है कि चौथी दुनिया अखबार के लिए पश्चिम बंगाल के ब्यूरो चीफ के रूप में काम करने वाले बिमल राय ने इस्तीफा दे दिया है. सूत्रों के मुताबिक उन्होंने प्रबंधन के साथ ट्यूनिंग ठीक न बैठने के कारण अपना इस्तीफा सौंपा. यह भी बताया जा रहा है कि उन पर खबर के साथ साथ विज्ञापन का भी काम करने का दबाव था जिसके कारण वह खुद को असहज महसूस कर रहे थे.

ईटीवी के कार्यक्रम में हंगामा शूट करने वाले पत्रकारों को कमरे में बंद किया गया

पत्रकारिता जगत के बड़े नाम हैं संतोष भारतीय. देश भर में ईमानदारी, निर्भिकता के दावों के साथ बैनर-पोस्‍टर पर इनकी तस्‍वीरें दिखती हैं. पर गुरुवार को पटना में जो घटना हुआ उसने इनके ईमानदारी पर सवालिया निशान खड़ा किया. ईटीवी द्वारा पटना के रविंद्र भवन में ईटीवी के द्वारा अल्पसंख्यकों की समस्याओं पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था. भारतीय साहब उस कार्यक्रम के प्रस्‍तोता यानी सूत्रधार थे.

चौथी दुनिया का यूपी-उत्‍तराखंड संस्‍करण शुरू

राष्ट्रीय साप्ताहिक समाचार पत्र चौथी दुनिया के उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड संस्करण का प्रकाशन शुरू हो गया. आकर्षक साज-सज्जा और बेहतरीन खबरों के संग बड़ी सादगी के साथ चौथी दुनिया का उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड संस्करण प्रस्तुत किया गया. इस अंक के राष्ट्रीय कवर पर प्रभात रंजन दीन की ब्रेकिंग स्टोरी है. इस कवर स्टोरी के जरिए प्रभात रंजन दीन ने मुंबई के आदर्श सोसाइटी घोटाले के लखनऊ लिंक और सेना के मध्य कमान मुख्यालय में हो रहे उससे बड़े घोटाले का खुलासा किया है.

अंतरराष्‍ट्रीय संस्‍था बनी इलना

‘सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों के प्रति लोगों को जागरूक करने और उन खबरों या सूचनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में क्षेत्रीय और भाषाई समाचार पत्र-पत्रिकाओं की भूमिका महत्त्वपूर्ण है. ये न केवल समाज के मुखर प्रतिबिंब हैं, बल्कि भारत की प्रगति में भी सहायक हैं.’ ये उद्गार व्यक्त किए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ आए अमेरिका में प्रकाशक, चिकित्सक, सेवा भावी डाक्टर सुधीर एम. पारिख ने.

उदयन को आज क्यों याद करें?

[caption id="attachment_17320" align="alignleft" width="85"]संतोष भारतीयसंतोष भारतीय[/caption]उदयन शर्मा को आज (पुण्यतिथि 23 अप्रैल पर) क्यों याद करें? लेकिन एक पत्रकार चाहता है कि उदयन को न केवल याद किया जाए बल्कि जाना भी जाए. मैने उन पत्रकार संपादक से कहा कि कोई याद नहीं करता तो आप क्यों करते हैं. उनका उत्तर है कि हमें तो याद करना ही चाहिए क्योंकि उदयन जी सही पत्रकारिता की परिभाषा थे.